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राजनीति में खत्म हो रहे प्रेम और दोस्ती को वापस लाना है : मोदी

प्रधानमंत्री ने विपक्ष के लोगों के सम्मान की अपील करते हुए कहा कि विपक्ष भी लोकतंत्र के लिए चुनाव लड़ रहा है। लोकतंत्र में सबका सम्मान होना चाहिए और हर उम्मीदवार सम्माननीय है। वो हमारा दुश्मन नहीं है।

Narendra Modiपीएम मोदी ने वाराणसी से किया नामांकन। (REUTERS/Adnan Abidi)

पंकज रोहिला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नामांकन भरने से पूर्व बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि दोस्ती और प्रेम जो राजनीति में खत्म हो रही है, उसे वापस लाना है। कार्यकर्ताओं से केवल सकारात्मक प्रचार अपील करते हुए उन्होंने कहा कि गंदी राजनीति पर ध्यान न दें। कोई मोदी को कितनी भी भद्दी गाली दे, आप चिंता नहीं करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में इस बार जनता चुनाव लड़ रही है। नरेंद्र मोदी व अमित शाह माध्यम मात्र हैं। उन्होंने कहा कि बीते पांच साल में भाजपा सरकार ने अपनी जिम्मेदारी निभाई है जबकि पहले सरकारें बनाई जाती थी और चलाई जाती थी। मोदी ने यहां 1819 बूथ अध्यक्षों और 226 सेक्टर प्रमुखों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें नम्रता के साथ चुनाव लड़ना है…आप मोदी के सिपाही हैं। टीवी और भाषण में जो हम झगड़ा करते हैं, उससे प्रेरणा मत लीजिए। उन्होंने कहा, ‘आप भी, जिसको भी, जो गाली देनी है, वो सारी मोदी के खाते में पोस्ट कर दो। मैं गंदी से गंदी चीज से भी खाद बनाता हूं। कितना ही गंदा कूड़ा कचरा हो, मैं उससे खाद बनाता हूं और उसी से कमल खिलाता हूं।’

बूथ कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के बाद उन्होंने कालभैरव मंदिर में विधिवत पूजा की और नामांकन के लिए रवाना हुए। मंदिर के महंत राजेश मिश्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री से कपूर की आरती कराई गई और उन्हें पीतल का विष्णु शंख दिया गया। साथ ही रुद्राक्ष की माला देकर प्रचंड बहुमत से भाजपा की सरकार बनाने की कामना की गई।

नामांकन दाखिल करने के बाद प्रधानमंत्री ने भ्रम को चुनाव का सबसे बड़ा खतरा और दुश्मन बताया। उन्होंने जनता से अपील की कि वह ऐसे लोगों की बातों में न आए जो कह रहे हैं कि मोदी जीत गए, इसलिए वोट नहीं करने से चलेगा। कुछ लोग ऐसा माहौल बनाने में लगे हैं कि मोदी जी तो जीत गए इसलिए वोट नहीं करोगे तो चलेगा। मतदान आपका हक है और लोकतंत्र एक उत्सव, इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को मतदान करना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने केरल व पश्चिम बंगाल के खराब हालत पर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में कार्यकर्ता विकट परिस्थितियों में बम, बंदूक और पिस्तौल के साये में काम कर रहे हैं। इसके बाद भी नए परिवार पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वाराणसी में ऐसे हालात नहीं है। उन्होंने ऐसे ही जज्बे से वाराणसी में काम करने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने विपक्ष के लोगों के सम्मान की अपील करते हुए कहा कि विपक्ष भी लोकतंत्र के लिए चुनाव लड़ रहा है। लोकतंत्र में सबका सम्मान होना चाहिए और हर उम्मीदवार सम्माननीय है। वो हमारा दुश्मन नहीं है। दोस्ती व भाईचारा ही लोकतंत्र की जीत है। उन्होंने कहा कि पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं की सूची बनाएं और लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रवेश करने के लिए उनका मुंह जरूर मीठा कराएं। इसमें यह नहीं देखना चाहिए कि युवा किस दल का समर्थक है। इसके बाद जब कमल का बटन दबेगा तो देश महक उठेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को महिलाओं का मतदान फीसद बढ़ाने और हर बूथ को रेकार्ड मतों से जिताने की जिम्मेदारी सौंपी।

प्रधानमंत्री ने कम खर्च में चुनाव जीतने का फार्मूला भी कार्यकर्ताओं को दिया उनका कहना था कि हम लोग (गुजराती) सिंगल फेयर में डबल यात्रा करते हैं। आने वाले दिनों में मतदाताओं से मिलें और उनके साथ सुबह की चाय से लेकर रात्रिभोज तक करें। इससे आपका खर्च कम होगा और नए मतदाता भी पार्टी से जुड़ेगे। उन्होंने श्रीकृष्ण के गोवर्धन पर्वत उठाने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे श्रीकृष्ण ने संगठन का महत्त्व बताया है। जैसे हर लकड़ी को सहारे की जरूरत थी। इसी प्रकार हर वोट कीमती है।

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