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15 दिन में बदल गए केसीआर के सुर, TRS सांसद बोले- जहां राहुल गांधी, वहां हमारा क्या काम?

19 जनवरी को कोलकाता के परेड ग्राउंड मैदान में रैली के जरिए जहां ममता शक्ति प्रदर्शन करेंगी वहीं विपक्षी एकता का भी प्रदर्शन होगा। उम्मीद की जा रही है कि इस रैली में 15 लाख से ज्यादा लोग जुटेंगे।

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के साथ तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव। (एक्सप्रेस फोटो-शुभम दत्ता)

तेलंगाना के मुख्यमंत्री और तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के मुखिया के चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने पश्चिम बंगाल की सीएम और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी को झटका दिया है। 15 दिन पहले ही कोलाकाता आकर दीदी से मिलने वाले केसीआर ने अब 19 जनवरी को कोलकाता में आयोजित टीएमसी की रैली से किनारा कर लिया है। इस बात की पूरी संभावना है कि केसीआर उस रैली में नहीं शामिल होंगे। लोकसभा में उनकी पार्टी टीआरएस के उप नेता बी विनोद कुमार ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि उन्हें नहीं पता कि केसीआर को इस रैली का निमंत्रण मिला भी है या नहीं? उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर निमंत्रण मिला भी होगा तो मुझे नहीं लगता कि केसीआर वहां जाएंगे क्योंकि जहां राहुल गांधी होंगे वहां उनका क्या काम होगा?

बता दें कि पिछले महीने दिसंबर 2018 में हुए तेलंगाना विधान सभा चुनाव में टीआरएस और कांग्रेस आमने-सामने थी। वहां कांग्रेस टीआरएस की मुख्य विपक्षी पार्टी है। केसीआर ने पिछले साल चुनावी रैलियों में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को देश का सबसे बड़ा राजनीतिक दुश्मन करार दिया था। 119 सदस्यों वाली विधान सभा में टीआरएस चुनावों में 88 सीटें जीतकरजबर्दस्त वापसी की, जबकि कांग्रेस मात्र 19 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर सीमित हो गई। भाजपा केवल एक सीट पर ही जीत दर्ज कर सकी।

केसीआर गैर भाजपाई, गैर कांग्रेसी क्षेत्रीय दलों के अलग मोर्चे की वकालत करते रहे हैं। और इसी सिलसिले में उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल प्रमुख नवीन पटनायक से भी मुलाकात की थी। उनसे मिलने के बाद केसीआर 24 दिसंबर को कोलकाता पहुंचे थे जहां उन्होंने दीदी से इस मोर्चे पर बात की थी। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक तब ममता ने बिना कांग्रेस के किसी मोर्चे की सफलता से इनकार कर दिया था और कांग्रेस को फ्रंट में शामिल करने की सलाह दी थी। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेन्स में उन्होंने इस मामले में चुप्पी साधे रखी थी।

19 जनवरी को कोलकाता के परेड ग्राउंड मैदान में रैली के जरिए जहां ममता शक्ति प्रदर्शन करेंगी वहीं विपक्षी एकता का भी प्रदर्शन होगा। उम्मीद की जा रही है कि इस रैली में 15 लाख से ज्यादा लोग जुटेंगे। यह रैली ऐसे वक्त में हो रही है, जब भाजपा ने पूरा जोर पश्चिम बंगाल में लगा रखा है। लोगों की नजरें इस पर टिकी हैं कि इसमें राहुल गांधी और मायावती आती हैं या नहीं। वैसे दोनों नेताओं ने रैली में आने की सहमति दी है। वाम दलों की उपस्थिति पर भी संशय के बादल हैं। रैली में सपा के अखिलेश यादव, राजद के तेजस्वी यादव, शरद यादव, शरद पवार, कनिमोझी, चंद्रबाबू नायडू, अरविंद केजरीवाल और फारुक अब्दुल्ला के भी आने की संभावना है।

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