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Lok Sabha Election 2019: NaMo TV को टाटा स्काई ने पहले बताया न्यूज चैनल, सीईओ बोले-इंटरनेट बेस्ड सर्विस

'नमो टीवी' पर टाटा स्काई के एक ट्वीट ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के उस दावे का खंडन कर दिया है, जिसमें कहा गया है कि नमो टीवी एक सामान्य चैनल नहीं है बल्कि यह विज्ञापन दिखाने वाला प्लैटफॉर्म मात्र है। इस संबंध में चुनाव आयोग ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से पहले ही रिपोर्ट तलब की है।

Author Updated: April 4, 2019 3:39 PM
NaMo TV को लेकर विवाद बढ़ गया है। टाटा स्काई ने ट्वीट कर इसे न्यूज सर्विस बताया है। (फोटो सोर्स: Twitter/BJP4India)

‘नोमो टीवी’ को लेकर DTH प्रोवाइडर टाटा स्काई के एक ट्वीट से उपजे विवाद पर कंपनी के सीईओ ने सफाई दी है। टाटा स्काई के CEO हरित नागपाल ने गुरुवार को कहा कि NaMo TV हिंदी न्यूज सर्विस नहीं, बल्कि यह एक इंटरनेट आधारित सर्विस प्रोवाइडर है। नागपाल ने अपनी सफाई में कहा, “नमो टीवी हिंदी न्यूज सर्विस नहीं है। यदि टाटा स्काई की तरफ से इसे ‘न्यूज सर्विस’ बताकर ट्वीट किया गया है, तो यह एक गलती है।”  इससे पहले टाटा स्काई के ट्वीटर हैंडल से एक ट्वीट किया गया, जिसमें एक यूजर के सवाल के जवाब में नमो टीवी को हिंदी न्यूज सर्विस बताया गया। इस ट्वीट के बाद हंगामा खड़ा हो गया। क्योंकि, टाटा स्काई के द्वारा नमो टीवी के संदर्भ में कही गई बातें  सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की जरूरी औपचारिकताओं एवं शर्तों को पूरा नहीं कर पा रही थी। गौरतलब है कि नमो टीवी को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से शिकायत की है। जिसके बाद आयोग ने सूचना एवं प्रासरण मंत्रालय से इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है।

दरअसल, गुरुवार को टाटा स्काई की तरफ से जो ट्वीट किए गए हैं, उनसे कई और सवाल खड़े हो गए हैं। टाटा स्काई से जब एक यूजर ने पूछा कि उसने ‘नमो टीवी’ सब्सक्राइब ही नहीं किया है, फिर इसे उसके पैक में क्यों जोड़ा गया है। इस पर डीटीएच सर्विस प्रोवाइडर का कहना था कि यह एक लॉन्च ऑफर है और उसे बंद नहीं किया जा सकता। टाटा स्काई ने कहा, ” यह राष्ट्रीय राजनीति की ताजा ब्रेकिंग न्यूज मुहैया कराने वाला हिंदी न्यूज सेवा है।”

टाटा स्काई का यह ट्वीट सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (IB) के दावे का ही खंडन है। तमाम मीडिया रिपोर्ट्स में IB के सूत्रों के हवाले से बताया गया कि नमो टीवी एक सामान्य चैनल नहीं है। यह सिर्फ विज्ञापन मुहैया कराने वाला एक प्लैटफॉर्म है, जिसे सर्विस प्रोवाइडर ने लॉन्च किया है। सबसे बड़ी बात की यह चैनल सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की वेबसाइट पर अप्रूव्ड चैनलों की लिस्ट में शामिल नहीं है। जबकि, किसी भी चैनल को सेवा में आने से पहले मंत्रालय से हरी झंडी लेनी पड़ती है।

गौरतलब है कि 31 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने एक ट्वीट के जरिए इस टीवी चैनल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा था कि वह अपने ‘मैं भी चौकीदार’ अभियान की शुरुआत कर रहे हैं। नमो टीवी पर लोग इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देख सकते हैं।

‘नमो टीवी’ पर पीएम नरेंद्र मोदी का Logo लगा है और लगातार उनके भाषण तथा बीजेपी केंद्रीत प्रोग्राम दिखाए जा रहे हैं। इसके लॉन्च होते ही कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की और इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया। विपक्षी दलों का कहना है था कि चुनाव में सभी को एक समान मौका मिलना चाहिए। लिहाजा, आचार संहिता लागू होने के बाद लॉन्च हुआ यह चैनल बंद होना चाहिए। गौरतलब है कि नमो टीवी पर लगातार सरकार प्रायोजित कार्यक्रम भी चल रहे हैं और इसे सरकारी विज्ञापन भी मिल रहे हैं। मगर, अभी तक इसके मालिकाना हक को लेकर कोई जानकारी नहीं समाने आई है।

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