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Lok Sabha Election 2019: समाजवादी मुद्दे अतीत में ओझल हो गए

वर्तमान 2019 के चुनाव में भाजपा ने गोरखपुर के निवासी डॉ रमापति राम त्रिपाठी को देवरिया लोकसभा क्षेत्र से उतारा है। क्षेत्र के कई होनहार उम्मीदवारों को टिकट न देकर डॉक्टर त्रिपाठी को खलीलाबाद (गोरखपुर) से लाकर देवरिया में उम्मीदवार बना दिया गया है।

Author May 15, 2019 5:21 AM
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ और गन्ना किसान।

श्रीचंद्र गोरे

Lok Sabha Election 2019: लोकसभा क्षेत्र में जो बची हुई पांच चीनी मिलें थीं वे भी बंद हो गर्इं। सिर्फ एक निजी चीनी मिल प्रतापपुर में चल रही है। बाकी देवरिया, बैतालपुर, गौरी बाजार तथा भटनी की चीनी मिलों को सपा व बसपा की पिछली सरकारों में औने पौने दामों पर नीलामी करके बेच दी गईं। नहीं तो देवरिया जनपद को गन्ना उत्पादन क्षेत्र के कारण चीनी का कटोरा कहा जाता था। सोशलिस्ट पार्टी, प्रजा सोशलिस्ट पार्टी, जनसंघ व कम्युनिस्ट पार्टियां कांग्रेसी सरकारों से गरीबी हटाने, बाढ़ की समस्या खत्म करने, किसानों को खाद, बीज, बिजली दिलाने की लड़ाई लड़ती रहती थीं। अब ये सारे मुद्दे अतीत में ओझल हो गए हैं।

चुनाव जीतने के आधार जातिवाद और धनबल व बाहुबल पर टिक गए हैं। कांग्रेसी सरकारों में सामंतों जैसे नेताओं ने समय के साथ जनपद की बुनियादी समस्याओं को निपटाया नहीं। नतीजा हुआ- समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी ने जगह बना ली। लेकिन इनकी भी नीति व कार्यशैली में पारदर्शिता नहीं रही। सत्ता मोह लक्ष्य बनता गया। उधर भाजपा ने कांग्रेस के शून्य को भर दिया। गत चुनाव 2014 में भाजपा के कलराज मिश्र को 496500, बसपा के नियाज अहमद को 231114, सपा के बालेश्वर यादव को 150852 और कांग्रेस के सभाकुंवर को 27752 वोट मिले थे।

वर्तमान 2019 के चुनाव में भाजपा ने गोरखपुर के निवासी डॉ रमापति राम त्रिपाठी को देवरिया लोकसभा क्षेत्र से उतारा है। क्षेत्र के कई होनहार उम्मीदवारों को टिकट न देकर डॉक्टर त्रिपाठी को खलीलाबाद (गोरखपुर) से लाकर देवरिया में उम्मीदवार बना दिया गया है। इससे भाजपा के समर्थकों में असंतोष है। हालांकि रमापति राम त्रिपाठी प्रदेश के पार्टी अध्यक्ष रहे हैं। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी ने देवरिया और सलेमपुर दोनों क्षेत्रों में आकर राजग सरकार में किए गए विकास कार्यों के हवाले जनता को प्रभावित किया है। रमापति त्रिपाठी की जीत भी इसी बात पर निर्भर है।

देवरिया लोकसभा क्षेत्र के पांच विधानसभा क्षेत्रों में देवरिया, पथरदेवा, रामपुर कारखाना क्षेत्र- देवरिया जिले के हैं। जबकि तमकुहीराज व फाजिलनगर क्षेत्र कुशीनगर जिले के हैं। चार क्षेत्रों में भाजपा के विधायक हैं। तमकुहीराज विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक हैं। देवरिया सदर लोकसभा क्षेत्र से दूसरी बार पुन: नियाज अहमद भाग्य आजमा रहे हैं। गत चुनाव में ये बसपा के टिकट से थे। उन्हें मुसलिम वोटरों का बड़ा समर्थन मिल सकता है। लेकिन इनके मुकाबले सपा-बसपा गठबंधन के उम्मीदवार विनोद कुमार जायसवाल बिहार के पटना में राजनीतिक कार्यकर्ता के साथ-साथ एक उद्योगपति भी हैं।

क्षेत्र में गठबंधन की वोटों के साथ जातिगत वोटों से इन्हें बढ़त मिल सकती है। भाजपा के प्रतिद्वंदी दोनों युवा उम्मीदवारों ने जिले में व्याप्त बेकारी व बेरोजगारी को पहचाना है। ये दोनों राजग सरकार की उपलब्धियों पर बेरोजगारी की समस्या को उठाकर पानी फेर रहे हैं। युवा वर्ग इनके चुनावी सभाओं में बड़ी तादाद में हिस्सा ले रहा है। इससे जाहिर होता है कि इस क्षेत्र में युवा वर्ग बेरोजगारी से बहुत ज्यादा परेशान हैं।

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