ताज़ा खबर
 

टीवी डिबेट में बोले पूनावाला- मेरे पास हुकुम का इक्का, साध्वी प्रज्ञा के चुनाव पर बैन लगवाकर रहूंगा

साध्वी प्रज्ञा को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए दो याचिकाएं डाली गई हैं। एक याचिका चुनाव आयोग में और दूसरी याचिका एनआईए कोर्ट में दाखिल की गई है।

Author Published on: April 19, 2019 3:30 PM
साध्वी प्रज्ञा। (PTI Photo)

भाजपा द्वारा साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को भोपाल लोकसभा सीट से अपना प्रत्याशी घोषित करने के बाद से ही विपक्षी पार्टियां हमलावर हो गई हैं। नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की उम्मीदवारी पर सवाल उठाए थे। साथ ही एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी एक जनसभा के दौरान पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा था। विभिन्न टीवी डिबेट कार्यक्रमों में भी इस मुद्दे पर जमकर बहस हो रही है। ऐसे ही न्यूज 24 के एक कार्यक्रम में कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला ने दावा किया कि “उनके पास हुकुम का इक्का है, जिसके दम पर साध्वी प्रज्ञा पर बैन लगवाऊंगा।”

गौरतलब है कि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी हैं और फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर हैं। भाजपा ने साध्वी प्रज्ञा को भोपाल से उम्मीदवार बनाया है, जहां से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने ही हिंदू आतंकवाद के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। अब भाजपा साध्वी प्रज्ञा के बहाने दिग्विजय सिंह को घेरने और धर्म विशेष का समर्थन पाने की कोशिश करती दिखाई दे रही है। हालांकि साध्वी प्रज्ञा को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए दो याचिकाएं डाली गई हैं। एक याचिका चुनाव आयोग में और दूसरी याचिका एनआईए कोर्ट में दाखिल की गई है। एनआईए कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले शख्स का बेटा मालेगांव ब्लास्ट में मारा गया था।

वहीं दूसरी तरफ भाजपा का कहना है कि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर मालेगांव ब्लास्ट में आरोपी हैं, लेकिन अभी तक उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस की सरकार में साध्वी प्रज्ञा सिंह को मालेगांव ब्लास्ट केस में फंसाने की कोशिश की गई और इतने साल बीत जाने के बाद भी साध्वी प्रज्ञा को दोषी नहीं ठहराया जा सका है। साध्वी प्रज्ञा गुरुवार को भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान जेल में मिली यातनाओं को याद कर भावुक हो गई। वहीं दिग्विजय सिंह साध्वी प्रज्ञा पर कोई भी टिप्पणी करने से बच रहे हैं। साध्वी प्रज्ञा ने अपने एक बयान में उन्हें गिरफ्तार करने वाले आईपीएस अधिकारी हेमंत करकरे के बारे में कहा था कि उन्होंने हेमंत करकरे को श्राप दिया था, जिससे वह आतंकी हमले में मारे गए। इस पर दिग्विजय सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ‘चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि सेना और शहीदों पर कोई टिप्पणी ना की जाए। हेमंत करकरे जी एक ईमानदार और समर्पित अधिकारी थे, जो कि मुंबई अटैक के दौरान लोगों की रक्षा करते हुए शहीद हुए।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 कांग्रेस छोड़ शिवसेना में शामिल हुईं प्रियंका चतुर्वेदी, कहा- आत्मसम्मान की वजह से छोड़ी पार्टी, राहुल को बताई थी अपनी तकलीफ
2 Lok Sabha Election 2019: भाजपा नेता ने राहुल गांधी और कुमारस्वामी को बताया ‘जोकर’, कहा- खुद का ही मजाक उड़वाते हैं दोनों
3 मायावती ने की मुलायम को जिताने की अपील, कहा- वो हैं पिछड़ों के असली नेता, मोदी को बताया फर्जी OBC
ये पढ़ा क्या?
X