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राजस्थान में फिर उठी गुर्जर आरक्षण की मांग, सचिन पायलट बोले- केंद्र करे विचार

लोकसभा चुनावों से पहले गुर्जर आरक्षण के मुद्दे के फिर चर्चा में आने के बीच, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष एवं उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार को गुर्जर आरक्षण के मामले में आई कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए काम करना चाहिए।

Author February 7, 2019 11:21 AM
राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट (फोटो सोर्स : PTI)

लोकसभा चुनावों से पहले गुर्जर आरक्षण के मुद्दे के फिर चर्चा में आने के बीच, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष एवं उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार को गुर्जर आरक्षण के मामले में आई कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और पार्टी गुर्जर आरक्षण के मुद्दे पर प्रतिबद्ध है और न्याय दिलाकर मानेगी। पायलट ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़ों को दस प्रतिशत आरक्षण देने के केंद्र सरकार के फैसले का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘केंद्र सरकार ही इस काम को कर सकती है। मैं तो केंद्र सरकार से भी आग्रह करूंगा कि जिस प्रस्ताव को विधानसभा पारित कर चुकी है। कई बार हमारी सरकारों ने इसे स्वीकृति दी, पिछली सरकार ने भी दी… तो केंद्र सरकार को इसका भी गंभीरता से अध्ययन करना चाहिए।’’

पायलट ने कहा, ‘‘पांच प्रतिशत के इस (गुर्जर) आरक्षण में जो कानूनी अड़चनें आई हैं (केन्द्र को) उनका समाधान निकालने के लिए काम करना चाहिए।’’ उल्लेखनीय है कि गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला ने मंगलवार को कहा था कि सरकार ने यदि गुर्जर और चार अन्य जातियों को पांच प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया तो आठ फरवरी से राज्य में गुर्जर आरक्षण आंदोलन फिर से शुरू किया जायेगा।

गौरतलब है कि राज्य में गहलोत सरकार पर गुर्जर आरक्षण को लेकर शुरुआत से ही दवाब बनाया जा रहा है। गुर्जर समुदाय का कहना है कि अगर लोकसभा चुनाव से पहले सरकार पांच फीसदी आरक्षण की उनकी मांग पूरी नहीं करती है तो चुनाव में कांग्रेस को समर्थन नहीं देंगे। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में गुर्जर समुदाय, रायका, बंजारा और गाड़िया लोहार जैसे समुदायों के लिए पांच फीसदी आरक्षण की बात कही थी।

भाषा के इनपुट के साथ।

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