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दिल्ली नगर निगम: कांग्रेस में अजय माकन के खिलाफ बगावत हुई तेज

पंजाब विधानसभा चुनाव में प्रतिद्वंद्वी आम आदमी पार्टी (आप) को मात देने के बाद कांग्रेस नेता बढ़े हौसले के साथ निगम चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे हुए हैं।

Author नई दिल्ली | April 6, 2017 11:39 am
कांग्रेस पार्टी के नेता अजय माकन। (फाइल फोटो)

पंजाब विधानसभा चुनाव में प्रतिद्वंद्वी आम आदमी पार्टी (आप) को मात देने के बाद कांग्रेस नेता बढ़े हौसले के साथ निगम चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे हुए हैं। लेकिन दिल्ली में अंदरूनी कलह पार्टी के हाथ कमजोर कर रही। 15 साल मंत्री रहे अशोक वालिया ने पार्टी छोड़ने की धमकी दी तो विधानसभा उपाध्यक्ष रहे अंबरीश गौतम ने भाजपा का दामन लिया। इस कड़ी में दिल्ली से राज्यसभा सदस्य परवेज हाशमी से लेकर दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री मंगत राम सिंघल समेत कई और नाम जुड़ गए। सालों दिल्ली में कांग्रेस का चेहरा बनी पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित मौजूदा पार्टी नेतृत्व पर मनमानी करने का आरोप लगा रही हैं। कांग्रेस की मुश्किल को दिल्ली से राज्यसभा सदस्य परवेज हाशमी ने और बढ़ा दिया है। हाशमी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को कमजोर करने का आरोप लगाया। इस बीच हाशमी के सरकारी आवास पर असंतुष्ट कांग्रेस नेताओं, पूर्व मंत्री मंगतराम सिंघल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर शर्मा और पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष ओनिका महरोत्रा ने संवाददाता सम्मेलन कर माकन के खिलाफ विरोध का झंडा बुलंद कर दिया।

सिंघल ने कहा कि पहली बार टिकट वितरण के लिए न तो निगरानी समिति बनाई गई न ही घोषणापत्र समिति बनी। सब कुछ माकन अकेले ही कर रहे हैं। उनकी कांग्रेस से कोई नाराजगी नहीं है और वे पार्टी उम्मीदवार के लिए काम कर रहे हैं लेकिन उन्हें टिकट बांटने के तरीके से नाराज हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के हस्तक्षेप से इस आरोप पर कांग्रेस नेता चतर सिंह ने कहा कि हाशमी बेटे को टिकट नहीं दिए जाने से नाराज हैं। पार्टी नेतृत्व ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि नेताओं के परिजन को जीत तय होने पर ही टिकट दिया जाएगा। वालिया की नाराजगी पर शीला दीक्षित, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली और पूर्व मंत्री हारुन यूसुफ कांग्रेस नेतृत्व को आड़े हाथ ले चुके हैं। लवली ने कहा कि वालिया जैसे वरिष्ठ नेता की नाराजगी पार्टी के लिए ठीक नहीं है। दीक्षित और उनके सांसद पुत्र संदीप दीक्षित टिकट बंटवारे में कोई महत्त्व न देने से नाराज हैं। शीला ने कहा कि जब उनसे टिकट बंटवारे में कोई सलाह ही नहीं ली गई तो वे किसके लिए चुनाव प्रचार करने जाएं। शीला दीक्षित बातचीत में काफी आहत लगीं।

उनका कहना था कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि निगम के टिकट बंटवारे में पूर्व सांसदों और विधायकों से बात ही नहीं की गई। वैसे पार्टी का एक धड़ा निगम चुनाव में हारे हुए विधायकों और सासदों को ही सारे टिकट तय करने की जिम्मेदारी न देने से खुश है। कई नेताओं ने कहा कि जिन्हें लोक सभा और विधानसभा में पार्टी ने टिकट दिया और वे खुद अपना चुनाव जीत नहीं पाए अब वे चाहते हैं कि पार्टी के उन कार्यकर्ताओं का कभी नंबर ही न आए जिन्हें पहले टिकट न मिला। वैसे बागी उम्मीदवारों को चुनाव मैदान से हटाने की कोशिश हो रही है। बागी उम्मीदवारों को छानबीन समिति के प्रमुख आनंद शर्मा से मिलवाया गया। ‘आप’ और भाजपा से लड़ने के बजाए आपस में लड़ कर कांग्रेस दिल्ली की राजनीति में बड़े पैमाने पर वापसी करने के लिए मिले अवसर को गंवाती दिख रही है। यह चुनाव दिल्ली में कांग्रेस के लिए जमीन वापसी के तौर पर देखा जा रहा था।

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