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पीएम मोदी बोले- विपक्ष में भी कई अच्छे दोस्त, साल में एक-दो कुर्ते और बंगाली मिठाई भेजती हैं ममता दीदी, यहां पढ़ें पूरा इंटरव्यू

बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने बुधवार (24 अप्रैल) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गैर राजनीतिक इंटरव्यू लिया। इस दौरान अक्षय कुमार ने पीएम के निजी जीवन से जुड़े तमाम सवाल पूछे, जिनका मोदी ने खुलकर जवाब दिया।

बॉलिवडु अभिनेता अक्षय कुमार ने लिया पीएम मोदी का नॉन पॉलिटिकल इंटरव्यू। फोटो सोर्स : इंडियन एक्सप्रेस

बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने बुधवार (24 अप्रैल) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गैर राजनीतिक इंटरव्यू लिया। इस दौरान अक्षय कुमार ने पीएम के निजी जीवन से जुड़े तमाम सवाल पूछे, जिनका मोदी ने खुलकर जवाब दिया। अक्षय ने मां के साथ रहने के मन और गुस्सा आने पर प्रतिक्रिया के बारे में भी जानकारी मांगी। हालांकि, अक्षय ने सबसे पहला सवाल फलों के राजा आम को लेकर पूछा।

अक्षय कुमार और पीएम मोदी ने सुनाए चुटकुले : अक्षय कुमार ने कहा, ‘‘एक चुटकुला है एक गुजराती अंतिम सांसें ले रहा था। उसने पूछा, बेटा कहां है? बेटा बोला- यहां हूं। उसने पूछा, बेटी कहां है? बेटी बोली- यहां हूं। फिर पत्नी से भी पूछा तो वही जवाब मिला। फिर उसने पूछा कि सब यहां हैं तो दुकान पर कौन है? मतलब गुजराती जो होते हैं, पैसे संभालकर रखते हैं।’’ जवाब में पीएम मोदी ने भी एक चुटकुला सुनाया। उन्होंने कहा, ‘‘एक बार प्लेटफॉर्म पर ट्रेन आई। बर्थ पर कोई पैसेंजर था। उसने खिड़की से झांककर पूछा कि कौन-सा स्टेशन है? नीचे से आदमी बोला- चार आना दो तो बताता हूं। उस व्यक्ति ने कहा, जवाब की जरूरत नहीं, अहमदाबाद ही होगा।’’

सवाल : क्या आप आम खाते हैं?
पीएम मोदी : हां, बिल्कुल खाता हूं। मुझे बचपन से आम खाना पसंद है, लेकिन मैं पेड़ पर पके आम खाता हूं, जिन्हें प्रकृति पकाती है।

सवाल : क्या आपने कभी सोचा था कि प्रधानमंत्री बनेंगे? सोचा था तो कब सोचा था? आप प्रधानमंत्री नहीं होते तो क्या संन्यासी होते?
पीएम मोदी : मैंने कभी नहीं सोचा था कि प्रधानमंत्री बनूंगा। मैं सेना में जाना चाहता था, लेकिन कोई गाइडेंस ही नहीं मिली। भटकता हुआ यहां पहुंच गया। कहा नहीं जा सकता है कि पीएम नहीं होता तो क्या होता।

सवाल : क्या प्रधानमंत्री को गुस्सा आता है?
पीएम मोदी : राजी, नाराजगी और गुस्सा मनुष्य के व्यवहार की चीजें हैं। अगर मैं कहूंगा कि गुस्सा नहीं होता तो विश्वास ही नहीं किया जा सकता। मैं कड़क हूं। अनुशासित हूं। किसी को नीचा दिखाकर काम नहीं करवाता। मैं लोगों को प्रेरित करके काम करवाता हूं।

सवाल : मेरा अनुभव है कि गुस्सा निकाल लेना अच्छी बात है। मैं बॉक्सिंग बैग पर पंच मार लेता हूं या समंदर किनारे जाकर जोर से चीख लेता हूं। आप क्या करते हैं?
पीएम मोदी : मेरी 20-22 साल की ट्रेनिंग है। इसमें मैंने अच्छी चीजों से नकारात्मकता को दबाना सीखा है। चपरासी से लेकर अधिकारी तक मुझे गुस्सा करने का अवसर नहीं मिला। अंदर तो गुस्सा आता होगा, लेकिन मैं व्यक्त करने से खुद को रोकता हूं। मेरा मानना है कि गुस्सा नुकसान करता है।

सवाल : प्रधानमंत्री मोदी अपनी मां के साथ क्यों नहीं रहते?
पीएम मोदी : मैंने बहुत कम उम्र में घर-बार और परिवार छोड़ दिया था। ऐसे में उतना अटैचमेंट नहीं रहा। मन तो होता है। कुछ दिन मां को बुला लिया था। उनके साथ समय बिताया। मां ने भी कहा कि मेरे पीछे समय क्यों खराब करते हो? मैं गांव में रहूंगी, वहां लोगों से बातें करूंगी। मां भी देखती है कि कितना बिजी शेड्यूल है।

सवाल : हमारी पहली मुलाकात याद है। मैंने आपको 2 चुटकुले सुनाए थे। आपने भी एक चुटकुला सुनाया था। पीएम बनने के बाद आपका ह्यूमर वही है या फिर आप कड़क हो गए हैं?
पीएम मोदी : ऐसा नहीं कि मैं बहुत कड़क हूं। काम करने-कराने का अपना तरीका है। आप किसी को झूठ बोलकर प्रभावित नहीं कर सकते। जैसे मेरे साथ मीटिंग के वक्त कोई मोबाइल में बिजी रहता है तो उससे पूछता हूं कि मैंने क्या बोला? वह बता नहीं पाता तो उसे अपनी गलती का एहसास होता है। मुझे शब्दों से खेलना पसंद है, लेकिन अब बातों का गलत अर्थ निकाल लिया जाता है। बोलने से डर लगता है कि मैंने कुछ बोला और उसका कुछ गलत मतलब निकाल लिया गया। इस वजह से परहेज करता हूं, लेकिन दोस्तों के साथ हंसना-बोलना होता है।

सवाल : विपक्ष में आपके कुछ दोस्त हैं? क्या उनके साथ कभी चाय पीना या खाना वगैरह होता है?
पीएम मोदी : सभी दल एक परिवार के रूप में जुड़े हुए हैं। गुलाम नबी आजाद मेरे अच्छे दोस्त हैं। हालांकि, मैं यह बोलूंगा तो चुनाव में नुकसान हो सकता है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता दीदी मेरे लिए साल में एक-दो कुर्ते भेजती हैं। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री भी उपहार भिजवाती हैं। इनके अलावा भी मेरे कई दोस्त हैं।

सवाल : आप सिर्फ साढ़े 3 घंटे ही सोते हैं। 7 घंटे तो सोना ही चाहिए, क्योंकि यह शरीर की जरूरत भी है?
पीएम मोदी : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा जब मुझसे पहले बार मिले थे तो वह भी इस बात पर उलझ गए थे। उन्होंने कहा था कि मोदी जी आप ऐसा क्यों करते हो? वह जब भी मिलते हैं तो पूछते हैं कि तुम मेरी बात मानते हो या नहीं? ओबामा मेरे काफी अच्छे दोस्त हैं।

सवाल : अलादीन का चिराग मिल जाए तो आपकी तीन चाहत क्या होंगी?
पीएम मोदी : मैं समाजशास्त्री और शिक्षाविदों से आग्रह करूंगा कि आप भावी पीढ़ी को अलादीन के चिराग वाली कहानी कभी मत सुनाओ। भावी पीढ़ी को मेहनत करना सिखाओ। यह कोई बाहर की फिलोसॉफी नहीं है। हमारे मूल में हैं। हम भारतीय मेहनतकश लोग होते हैं।

सवाल : अलादीन का चिराग मिल जाए तो आपकी तीन चाहत क्या होंगी?
पीएम मोदी : मैं समाजशास्त्री और शिक्षाविदों से आग्रह करूंगा कि आप भावी पीढ़ी को अलादीन के चिराग वाली कहानी कभी मत सुनाओ। भावी पीढ़ी को मेहनत करना सिखाओ। यह कोई बाहर की फिलॉसफी नहीं है। हमारे मूल में है। हम भारतीय मेहनतकश लोग होते हैं।

सवाल : आप पर जो मीम्स बनते हैं, उन्हें देखते हैं? उन्हें देखकर गुस्सा आता है या हंसी आती है?
पीएम मोदी : ये मीम्स तो नहीं देखे, लेकिन काफी सोचता हूं कि इससे मुझे कॉमन सेंस का पता चलता है। कुछ लोग ऐसा जानबूझकर करते हैं, ताकि आपको चुभे। ऐसे समय में आपको चुप रहना होता है। आप चुप रहते हैं तो वह बेचैन हो जाता है और उसकी नींद हराम हो जाती है।

सवाल : बचपन में कौन-सा खेल खेलते थे? कभी कंचे या गिल्ली डंडा खेला?
पीएम मोदी : बचपन में मैं संघ की शाखाओं में जाता था। वहां वैज्ञानिक खेल होते हैं, जिनसे मानसिक विकास होता है। फिर योग से जुड़ गया। व्यक्तिगत खेल की जगह ग्रुप वाले खेल ज्यादा पसंद करता हूं। टीम के साथ खेलने पर काफी कुछ सीखने को मिलता है। जिंदगी जीने के लिए ग्रुप वाले गेम्स खेलने चाहिए। गिल्ली डंडा खेला है, लेकिन ज्यादातर मैं नदी में तैरने चला जाता था। मुझे ऐसा लगता है कि मेरे शरीर का विकास स्वीमिंग से हुआ है।

सवाल : सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। क्या कभी देखते हैं कि आपके बारे में क्या लिखा जा रहा है?
पीएम मोदी : मैं आपका ट्विटर अकाउंट भी देखता हूं और ट्विंकल खन्ना का ट्विटर अकाउंट भी देखता हूं। वह मुझ पर जितना गुस्सा करती हैं, उससे आपके जीवन में संतुलन बना रहता होगा। शायद ट्विंकल को पता नहीं होगा कि मैं उनके नाना से मिला हूं।

सवाल : आप अपनी सैलरी में से कुछ हिस्सा अपनी मां को भेजते हैं?
पीएम मोदी : मैं उन्हें अपनी सैलरी का हिस्सा नहीं भेजता। मेरी मां ही मुझे रुपए दे देती हैं। आज भी जाता हूं तो हाथ में सवा रुपए रख देती हैं।

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