राजस्थान: वापस नहीं जीतता परिवहन मंत्री बनने वाला विधायक, सिविल लाइन से बने विधायक की बनती है सरकार

राजस्थान विधानसभा चुनावों में एक रोचक बात यह रही है कि जिस सरकार में जो भी विधायक परिवहन मंत्री बना वो वापस चुनाव जीतकर विधानसभा नहीं पहुंच सका। वहीं सिविल लाइन से विधायक बनने वाले की हर बार सरकार बनती है।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

राजस्थान में कांग्रेस पार्टी अब सरकार बनाने जा रही है। राज्य के नए मुख़्यमंत्री अशोक गहलोत जबकि उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट होंगे। कांग्रेस ने इस बार चुनावों में भाजपा को करारी शिकस्त दी है। राजस्थान विधानसभा चुनावों में एक रोचक बात यह रही है कि जिस सरकार में जो भी विधायक परिवहन मंत्री बना वो वापस चुनाव जीतकर विधानसभा नहीं पहुंच सका। वहीं सिविल लाइन से विधायक बनने वाले की हर बार सरकार बनती है। इस बार के चुनाव में भी यह आंकड़ा सही साबित हुआ है।

राजस्थान में 11 दिसंबर को चुनाव नतीजे आये है। राज्य की सिविल लाइन विधानसभा सीट से कांग्रेस के प्रताप सिंह खाचरियावास विधायक बने है और कांग्रेस राजस्थान में सरकार बनाने जा रही है। वहीं दूसरी ओर भाजपा की सरकार में परिवहन मंत्री रहे यूनुस खान टोंक से चुनाव लडे थे और सचिन पायलट के हाथों उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इससे साबित होता है कि राजस्थान में परिवहन मंत्री बनने वाला विधायक दोबारा चुनाव नहीं जीत पाता। गौरतलब है कि यह सिलसिला इससे पहले से भी जारी है।

परिवहन मंत्री बनने के बाद ये विधायक नहीं जीते- डॉ रोहिताश्व शर्मा, बनवारी लाल बैरवा, यूनुस खान(2 बार), बृजकिशोर शर्मा, वीरेंद्र बेनीवाल

सिविल लाइन के ये विधायक परिसीमन के बाद नहीं जीते- कांग्रेस से प्रताप सिंह खाचरियावास चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे और 2008 में कांग्रेस की सरकार बनी। लेकिन अगले ही चुनाव 2013 में प्रताप सिंह को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद 2013 में यहां से बीजेपी के अरूण चतुर्वेदी चुनाव जीते और राज्य में बीजेपी की सरकार बनी। इस बार फिर 2018 के चुनाव में कांग्रेस के प्रताप सिंह जीते और कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है।

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