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Election Result 2018: अमित शाह का रिपोर्ट कार्ड: 2014 में चार सरकार, 2018 में हार ही हार!

Rajasthan, MP, Chhattisgarh Election Result 2018: 2015 में नहीं गली दाल, 2016 में खुला पूर्वी द्वार, 2017 में बचाया किला, 2018 में नौ में से छह राज्यों में हालत खस्ता

Author December 11, 2018 7:31 PM
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और पीएम मोदी (Express Photo By Amit Mehra)

Rajasthan, MP, Chhattisgarh Election Result 2018: पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों ने भाजपा को बेचैन कर दिया है। तीन राज्यों (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान) से न केवल उसकी विदाई तय है बल्कि कांग्रेस मुक्त भारत का सपना देख रही भाजपा के लिए यह बड़ा झटका है। यह पहला चुनाव है, जब भाजपा चारों खाने चित हुई है। इससे पहले किसी भी विधान सभा चुनाव में भाजपा की ऐसी हार नहीं हुई थी, वह कम से कम चार में से एक पर जीतती रही थी। मौजूदा पांच राज्यों के चुनाव को छोड़ दें तो 2014 से 2018 के बीच देश के कुल 22 राज्यों में विधान सभा चुनाव हुए हैं। इनमें से कुल 14 राज्यों में भाजपा की सरकार बनी है। इनमें से कुछ राज्यों में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की चुनावी रणनीति की वजह से सरकारें बनी हैं लेकिन हालिया चुनावों में भाजपा और अमित शाह का रिपोर्ट कार्ड खराब हुआ है। साथ ही जीत का ट्रेंड भी बदला है।

भाजपा में अमित शाह को चुनावी गणित का महारथी माना जाता है। यही वजह है कि लोकसभा चुनाव 2014 से ऐन पहले उन्हें भाजपा  महासचिव बनाया गया था। 2014 के आम चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ हुई भाजपा की जीत के बाद 9 जुलाई, 2014 को उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। उसके बाद पार्टी ने उस साल हुए सभी विधान सभा चुनावों में जीत दर्ज की। इसके अगले साल बिहार और दिल्ली ने भाजपा के विजय रथ को रोक दिया। 2016 में भी पांच राज्यों में चुनाव हुए मगर सिर्फ एक राज्य में ही जीत सकी। हालांकि, 2017 भाजपा के लिए अच्छा रहा। तमाम झंझावतों के बावजूद भाजपा ने न केवल गुजरात फतह किया बल्कि सात में से छह राज्यों में जीत दर्जकर सरकार बनाई लेकिन 2018 के अंत आते-आते भाजपा का दम फूलने लगा।

2014 में चार सरकार: लोकसभा चुनाव के बाद हरियाणा, झारखंड, जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र में विधान सभा चुनाव हुए। इन चुनावों में भाजपा अध्यक्ष के तौर पर अमित शाह ने नेतृत्व किया और सभी राज्यों में भाजपा की जीत हुई। जम्मू-कश्मीर में भाजपा ने नई राजनीतिक कहानी लिखते हुए पीडीपी के साथ पहली बार सरकार बनाई, जो इस साल के मध्य तक चली।

2015 में नहीं गली दाल: 2015 में बिहार और दिल्ली में विधान सभा चुनाव हुए लेकिन दोनों ही राज्यों में भाजपा की दाल नहीं गली। दिल्ली में जहां अरविंद केजरीवाल की पार्टी आप ने 70 में से 67 सीटों पर प्रचंड जीत दर्ज की वहीं बिहार में एनडीए के सहयोगी रहे नीतीश कुमार ने लालू यादव की राजद के साथ चुनाव लड़ा था। उनके गठबंधन की जीत हुई, लेकिन जुलाई 2017 में नीतीश कुमार ने पलटी मारते हुए राजद से गठबंधन तोड़ दिया और भाजपा से हाथ मिला लिया। फिलहाल वहीं जेडीयू-भाजपा की गठबंधन सरकार है।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के कार्यकाल में हुए चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन। (फोटो- https://hindi.amitshah.co.in/introduction/)

2016 में खुला पूर्वी द्वार: साल 2016 में कुल पांच विधान सभा चुनाव हुए लेकिन भाजपा को सिर्फ पूर्वोत्तर के असम में ही जीत हासिल हुई। वहां राज्य में भाजपा की पहली सरकार बनी। बाकी चार राज्यों (तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और पुद्दुचेरी) में भाजपा की हार हुई। हालांकि, इन राज्यों में भाजपा पहले से ही कमजोर है।

Election Result 2018 LIVE: Rajasthan | Telangana | Mizoram | Madhya Pradesh | Chhattisgarh Election Result 2018

2017 में बचाया किला: 2017 में सात राज्यों में विधान सभा चुनाव हुए। इनमें सबसे अहम गुजरात था जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष शाह की इज्जत दांव पर लगी हुई थी। वहां भाजपा ने जीत हासिल करते हुए लगातार पांचवीं बार सरकार बनाई मगर कांग्रेस ने उसकी जीत का आंकड़ा कम कर दिया और भाजपा को 99 पर रोक दिया। हालांकि, इसी साल भाजपा ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल में प्रचंड बहुमत से सरकार बनाई। गोवा और मणिपुर में अमित शाह ने अपने कौशल से गठबंधन सरकार बनवाई। पंजाब में भाजपा और अकाली दल गठबंधन को हराकर कांग्रेस ने सत्ता हथियाई।

2018 रहा खट्टा-मीठा: साल के शुरुआत में भाजपा ने तीन राज्यों (त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड) के विधान सभा चुनाव में जीत दर्ज की। त्रिपुरा में जहां अपने दम पर पहली भाजपा सरकार बनाई, वहीं दो राज्यों में गठबंधन सरकार बनवा कर पूर्वोत्तर से कांग्रेस की लगभग विदाई कर दी। साल के मध्य तक कर्नाटक में भाजपा ने जोड़ तोड़ से सरकार बनाई मगर वह किला तुरंत ढह गया। अब वहां कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार है। भाजपा के लिए 11 दिसंबर 2018 साल का सबसे खराब दिन साबित हुआ जब पांच राज्यों के विधान सभा चुनाव में कहीं भी उसे जीत हासिल नहीं हुई। उल्टे तीन राज्यों से सत्ता चली गई। इनमें से दो राज्य (मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़) में पार्टी पिछले पंद्रह सालों से सत्ता पर काबिज थी। माना जा रहा है कि इन चुनावों का असर अगले साल मई-जून में होने वाले लोकसभा चुनावों पर पड़ सकता है। इन तीन राज्यों से लोकसभा की कुल 65 सीटें आती हैं।

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