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15 दिन पहले सचिन पायलट ने कहा था, कांग्रेस में दर्जनभर लोग बन सकते हैं सीएम, अब मैदान में डटे

चुनाव-प्रचार के दौरान सचिन पायलट ने सीएम पद को लेकर अपनी महत्वाकांक्षा की बात खारिज की थी। सचिन पायलट ने कहा था कि राजस्थान में कांग्रेस की तरफ से वह सीएम पद के अकेले दावेदार नहीं है। कांग्रेस में काफी ऐसी लीडरशिप है जो बड़े पद पर बने रहने का हक रखती है।

Author Published on: December 13, 2018 5:36 PM
राजस्थान में मुख्यमंत्री पद की रेस में हैं सचिन पायलट (फोटो सोर्स: एक्सप्रेस आर्काइव)

कांग्रेस ने राजस्थान का रण जीत लिया है। लेकिन, प्रदेश में मुख्यमंत्री पद को लेकर सचिन पायलट और अशोक गहलोत के नाम पर पेंच फस गया है। एक तरफ जहां अशोक गहलोत सीएम बनने का रास्ता तलाश रहे हैं, तो वहीं सचिन पायलट भी रेस से बाहर होने का नाम नहीं ले रहे हैं। हालांकि, मतदान से पहले चुनाव-प्रचार के दौरान सचिन पायलट ने सीएम पद को लेकर अपनी महत्वाकांक्षा की बात खारिज की थी। इंडिया टीवी के एक शो में सचिन पायलट ने माना कि राजस्थान में कांग्रेस की तरफ से वह सीएम पद के अकेले दावेदार नहीं है। कांग्रेस में काफी ऐसी लीडरशिप है जो बड़े पद पर बने रहने का हक रखती है। उन्होंने कहा था, ” मैं फक्र से कहता हूं कि हमारी पार्टी में दो नहीं (सचिन और अशोक गहलोत) बल्कि आधा दर्जन, 12, 14 ऐसे नेता हैं, जो बड़े पदों पर पहुंच सकते हैं।”

इस दौरान पायलट ने यह भी माना था कि राजस्थान में उन्होंने अकेले पार्टी को खड़ा नहीं किया। बल्कि, पांच सालों तक तमाम दूसरे वरिष्ठ नेताओं के सहयोग से उन्होंने काम किया और कार्यकर्ताओं में जान डालने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले भी संघर्ष में तमाम नेता शामिल रहे हैं। हालांकि, यह इंटरव्यू उन्होंने मतदान से पहले दिया था। लेकिन, उस दौरान सचिन पायलट ने जीत कि भविष्यवाणी की और कहा कि उनके और अशोक गहलतो में कोई मतभेद नहीं हैं।

हालांकि, अब स्थिति ऐसी है कि चुनाव बाद पायलट सीएम बनने की रेस में शामिल हैं। एक तरफ से सचिन पायलट के समर्थक तो दूसरी तरफ अशोक गहलोत के समर्थक अपने-अपने नेता को मुख्यमंत्री पद पर देखने की हसरत पाले बैठे हैं। वहीं, दूसरी तरफ यही हाल मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का भी है। मध्य प्रदेश में जहां सिंधिया और कमलनाथ आमने-सामने हैं। तो वहीं, छत्तीसगढ़ में तीन नेता सीएम की रेस में हैं।

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