ताज़ा खबर
 

राजस्थान के गवर्नर कल्याण सिंह ने की वसुंधरा सरकार की आलोचना

राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने विधानसभा के पहले सत्र में अपने अभिभाषण में गत भाजपा सरकार की एक तरह से आलोचना की और कहा कि वह अपनी पूर्ववर्ती सरकार की कमियां ढूंढने जैसे निरर्थक मुद्दों पर भटक गयी।

Author जयपुर | January 17, 2019 4:24 PM
राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह

राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने विधानसभा के पहले सत्र में अपने अभिभाषण में गत भाजपा सरकार की एक तरह से आलोचना की और कहा कि वह अपनी पूर्ववर्ती सरकार की कमियां ढूंढने जैसे निरर्थक मुद्दों पर भटक गयी। राज्यपाल के अभिभाषण में आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट, कर्ज बोझ में बढोतरी के लिए गत सरकार को निशाना बनाया गया है। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा है, ‘‘गत सरकार अपनी पूर्ववर्ती सरकार की कमियां ढूंढने जैसे निरर्थक मुद्दों में भटक गई, इसके चलते सालाना औसत आर्थिक वृद्धि दर 2014-15 से 2017-18 के दौरान घटकर 7.19 प्रतिशत रह गयी जो 2009-10 से 2013-14 की अवधि में 8.16 प्रतिशत थी।’ इसी तरह प्रति व्यक्ति आय में औसत वृद्धि 2009-10 से 2013-14 में 14.95 प्रतिशत थी जो 2014-15 से 2017-18 के दौरान घटकर 9.68 प्रतिशत रह गयी।

राज्यपाल ने अपने अभिभाषण को सदन के पटल पर रखा। इसके अनुसार कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 2008-09 में 4.19 प्रतिशत थी जो 2013-14 में बढ़कर 8.94 प्रतिशत हो गयी लेकिन गत सरकार की गलत नीतियों के चलते यह दर 2017-18 में घटकर 3.95 प्रतिशत रह गयी। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में राज्य पर कर्ज में बढोतरी के लिए भी गत वसुंधरा राजे सरकार पर निशाना साधा है। अभिभाषण के अनुसार राज्य पर कुल देनदारियां 2013-14 में 1.29 लाख करोड़ रुपये थीं जो 2018-19 में 3.08 लाख करोड़ रुपये अनुमानित हैं। राज्यपाल ने इसके लिए ‘गत सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन व संकुचित दृष्टिकोण’ को जिम्मेदार ठहराया है।

उन्होंने कहा कि गत सरकार के कार्यकाल के दौरान राजकोषीय घाटा लगातार तीन प्रतिशत से अधिक रहा। अभिभाषण में मौजूदा कांग्रेस सरकार की विभिन्न क्षेत्रों के लिए 100 दिन की प्राथमिकताओं को भी रेखांकित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आर्थिक संकट से राहत दिलाने के साथ ही उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में संकल्पबद्व होकर काम करेगी। सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार पात्र पाये जाने पर 30 नवंबर की स्थिति में दो लाख रूपये की सीमा तक का कालातीत/अवधिपार अल्पकालीन फसल रिण माफ किये जाने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार पशुपालन एवं डेयरी में रोजगार के नये अवसर सृजित करने के साथ साथ किसानों की समस्याओं के निदान के लिये किसान आयोग का पुनर्गठन,गोशालाओं में शेड, पेयजल एवं चारे के साथ ही चिकित्सा के लिये समुचित कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बाडमेर रिफाइनरी को समयबद्व तरीके से पूर्ण करने के साथ ही दूरगामी सोच के साथ शहरी तथा औद्योगिक विकास की एकीकृत योजना लागू कर इस क्षेत्र का संतुलित तथा समुचित विकास किया जायेगा।

राज्यपाल ने कहा कि सरकार के सभी मंत्री जयपुर में रहने के दौरान अपने आवास पर प्रतिदिन प्रात: एक घंटे जनसुनवाई करेंगे। राज्य में बंद किये गये स्कूलों की समीक्षा कर उन्हें खोलने के लिये आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।  उन्होंने कहा कि राज्य में युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सुलभ कराने के लिये कॉर्पोरेट एवं शैक्षणिक संस्थाओं के मध्य समन्वय स्थापित कर शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे पाठयक्रम शुरू किये जायेंगे जिनसे उन्हें नौकरी के पर्याप्त अवसर मिल सकें।

उन्होंने कहा कि सरकार संस्कृत भाषा को प्रोत्साहित करने के साथ साथ राज्य के अनेक राजकीय विभागों में स्वीकृत, लंबे समय से रिक्त पडे पदों को शीघ्र भरने की कार्यवाही करेगी।  उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के अल्पसंख्यक वर्ग के हित के लिये कार्य करेगी। नागरिकों को ई-मित्र और ई-मित्र प्लस द्वारा इलेक्ट्रॉनिक्स माध्यम से उपलब्ध करायी जाने वाली सेवाओं में 25 नई सेवाएं जोडी जायेगी। कमजोर कानून व्यवस्था एवं भय एवं आतंक के वातावरण को समाप्त करने के लिये राज्य की कानून व्यवस्था को सुदृढ किया जायेगा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App