ताज़ा खबर
 

Rajasthan Elections: मुख्यमंत्री 21 लेकिन चार ने ही पूरा किया कार्यकाल

दरअसल राजस्थान विधानसभा के अब तक हुए 14 चुनावों में 21 बार मुख्यमंत्री की शपथ हुई है। लेकिन सिर्फ एक मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पांच साल का कार्यकाल केवल सात बार ही पूरा हुआ है।

खबर के लिए प्रतीकात्मक फोटो, फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस और सोशल मीडिया

राजस्थान में 7 दिसंबर को 200 सीटों के लिए वोटिंग होगी। ऐसे में सियासत की जमीन गरमाई है। कुर्सी के लिए कई आरोप- प्रत्यारोप संग वार- पलटवार देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में आपको बताते हैं एक किस्सा कुर्सी का। दरअसल राजस्थान विधानसभा के अब तक हुए 14 चुनावों में 21 बार मुख्यमंत्री की शपथ हुई है। लेकिन सिर्फ एक मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पांच साल का कार्यकाल केवल सात बार ही पूरा हुआ है। जिनमें दो कांग्रेस के दो मुख्यमंत्रियों ने चार बार और बीजेपी के दो मुख्यमंत्रियों ने तीन बार ऐसे किया है। गौरतलब है कि ज्यादातर बदलाव कांग्रेस शासन में ही हुए हैं जिनमें पांच विधानसभाओं में दो बार तीन-तीन और तीन बार दो- दो मुख्यमंत्री रहे। यानी कुल 11 लोगों के सिर ही 21 बार सीएम का ताज रहा है।

इन पांच सालों में रहे 2 या 3 मुख्यमंत्री

1952-57: टीकाराम पालीवाल, निरंजन व्यास और मोहनलाल सुखाडिया (पहली विधानसभा)
1967-72: मोहनलाला सुखाडिया और बरकतुल्ला खान (चौथी विधानसभा)
1972-77: बरकतुल्ला खान और हरिदेव जोशी (पांचवी विधानसभा)
1980-85: जगन्नाथ पहाड़िया, शिवचरण माथुर और हीरालाल देवपुरा (सातवीं विधानसभा)
1985-90: हरिदेव जोशी और शिवचरण माथुर (आठवीं विधानसभा)

कौन कितनी बार रहा है प्रदेश का मुखिया
04 बार: मोहनलाल सुखाडिया
03 बार: भैरोसिंह शेखावत
02 बार: हरिदेव जोशी
02 बार: शिव चरण माथुर
02 बार: बरकतुल्ला खान
02 बार: अशोक गहलोत
02 बार: वसुंधरा राजे
01 बार: निरंजन व्यास
01 बार: टीकाराम पालीवाल
01 बार: जगन्नाथ पहाड़िया
01 बार: हीरालाल देवपुरा

कांग्रेस से इन्होंने किया 5 साल का कार्यकाल पूरा
1957- 1962 और 1962-67: मोहन लाल सुखाडिया (दूसरी और तीसरी विधानसभा)।
1998-2003 और 2008-2013: अशोक गहलोत (11वीं और 13वीं विधानसभा)

भाजपा से इन्होंने किया 5 साल का कार्यकाल पूरा
1993-1998: भैरोंसिंह शेखावत (दसवीं विधानसभा)
2003- 2008 और 2013- 2018: वसुंधरा राजे (12वीं और 14वीं विधानसभा)

 

गौरतलब है कि प्रदेश में 7 दिसंबर को 200 सीटों के लिए वोटिंग होगी और 11 दिसंबर को नतीजे सभी के सामने आएंगे। ऐसे में प्रदेश की दोनों बड़ी पार्टियां यानी कांग्रेस- भाजपा ने अपने सभी दिग्गज मैदान में उतार दिए हैं और जमकर पार्टी और प्रत्याशी अपना अपना प्रचार प्रसार कर रहे हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App