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Rajasthan Elections: कांग्रेस के कुल 14 मुस्लिम प्रत्याशी थे मैदान में, 7 को मिली जीत

एक तरफ जहां भाजपा ने हिंदू प्रत्याशियों पर दांव खेला था तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने मुस्लिम प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था।

भाजपा- कांग्रेस का प्रतीकात्मक फोटो, फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

5 राज्यों में विधानसभा चुनावों के नतीजे भाजपा के लिए अच्छे नहीं रहे हैं। एक तरफ जहां भाजपा ने हिंदू प्रत्याशियों पर दांव खेला था तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने मुस्लिम प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था। इस चुनाव में आठ मुसलमान विधायक चुने गए हैं, जिनमें सात कांग्रेस के और एक बसपा का है। बता दें कि राजस्थान चुनाव में कांग्रेस से 14 मुस्लिम उतरे थे जिनमें से सात चुनाव जीतने में कामयाब रहे।

कांग्रेस के 15 मुस्लिम प्रत्याशी
चुनावों में कांग्रेस ने 15 मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट दिया था। लेकिन रामगढ़ सीट पर चुनाव स्थगित हो जाने की वजह से 14 मुस्लिम उम्मीदवार ही मैदान में बचे थे। वहीं भाजपा ने केवल एक मुस्लिम प्रत्याशी टोंक से युनूस खान को टिकट दिया था जो सचिन पायलट के खिलाफ मैदान में थे। एक तरफ जहां कांग्रेस के सात मुस्लिम प्रत्याशी जीते तो वहीं भाजपा के यूनुस खान को हार का स्वाद चखना पड़ा।

ये हैं कांग्रेस के विजेता मुस्लिम प्रत्याशी
कांग्रेस के 14 उम्मीदवारों में से फतेहपुर से हाकम अली, किशनपोल से अमीन कागजी, आदर्श नदर से रफीक खान, कामां से जाहिदा, सवाईमाधोपुर से दानिश अबरार, पोकरण से शाले मोहम्मद और शिव से अमीन खां ने जीत दर्ज करवाई है। जबकि बसपा के टिकट पर नगर सीट से वाजिब अली विजयी रहे।

1952 जैसा संयोग
– इस बार खासियत ये भी है कि 1952 के पहले विधानसभा चुनाव में सिर्फ दो मुस्लिम विधायक जयपुर-ए से शाह अलीमुद्दीन और कामां से मो. इब्राहिम कांग्रेस के टिकट पर जीते थे। इस बार जयपुर से कांग्रेस के दो मुस्लिम विधायक चुने गए हैं। जयपुर के सियासी इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है। कामां से कांग्रेस की जाहिदा विधायक बनी हैं।

-राजस्थान में 10 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है। प्रदेश की करीब 30 विधानसभा सीटों पर इनकी भूमिका निर्णायक मानी जाती है।लेकिन पिछली विधानसभा में प्रतिनिधित्व में मुसलमान दो की न्यूनतम संख्या पर चला गया था जहां से 1952 में उसका सियासी सफर शुरू हुआ था। एक सीएम बरकतुल्ला खां सहित अब तक करीब 90 मुसलमान विधायक चुने जा चुके हैं। जिनमें सबसे ज्यादा संख्या कांग्रेस के विधायकों के विधायकों की है।

 

– पिछले विधानसभा चुनावों से राजस्थान में मुसलमानों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व बहुत कम रह गया था। सभी विधानसभा सीटों में यूनुस खान और हबीबुर्रहमान मात्र दो ही मुसलमान विधायक थे। ये दोनों ही भाजपा के थे। इस बार हबीबुर्रहमान पार्टी बदलकर कांग्रेस में चले गए हैं। हालांकि उन्हें चुनाव में हार मिली है। सबसे ज्यादा 13 मुसलमान विधायक 1998 में चुने गए थे।

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