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Rajasthan Election: क्षेत्रीय पार्टियों का दावा- बीजेपी और कांग्रेस का बिगाड़ेंगे गणित, मुकाबले में हैं हमारे प्रत्याशी

राजस्थान में आरएलपी, भारत वाहिनी, बसपा जैसी पार्टियों और लोकतांत्रिक मोर्चा का दावा है कि वो भाजपा-कांग्रेस दोंनो का समीकरण खराब करेंगे।

प्रतीकात्मक चित्र फोटो सोर्स – इंडियन एक्सप्रेस

राजस्थान और तेलंगाना में मतदान समाप्त होने के बाद ही पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के मद्देनजर एग्जिट पोल्स आ चुके है। इस बार चुनावों में बीजेपी और कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी थी। राजस्थान में विधानसभा चुनावों के बाद अधिकांश सर्वे कांग्रेस की सरकार बनने की बात कह रहे है। चुनावी सर्वे से इतर आरएलपी, भारत वाहिनी, बसपा जैसी पार्टियों और लोकतांत्रिक मोर्चा का दावा है कि वो भाजपा-कांग्रेस दोंनो का समीकरण खराब करेंगे। हनुमान बेनीवाल ने तो यहां तक कहा दिया कि यदि हमारे समर्थन से सरकार बनाने की नौबत आई तो हम दोबारा चुनाव कराएंगे। क्षेत्रीय पार्टियों के अनुसार उन्होंने इस बार मजबूत दावेदारी पेश की है।

आरएलपी- राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल का कहना है कि हमारे 20 से  ज्यादा प्रत्याशी मुकाबले में है। बाकी के प्रत्याशी भी चौंकाने वाले परिणाम दे सकते है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार बनाने में हमारे समर्थन की जरुरत पड़ती है तो हम दोबारा चुनाव कराएंगे नहीं तो विपक्ष में बैठेंगे। उन्होंने तीसरे मोर्चे की पुरजोर वकालत की।

बसपा- बहुजन समाज पार्टी के नेता धर्मवीर अशोक का कहना है कि साल 2008 में हमारी पार्टी के 6 सदस्यों द्वारा पार्टी छोड़ने के कारण ही कांग्रेस की सरकार बनी थी। गौरतलब है कि बसपा का वोट प्रतिशत साल 2008 में 7 प्रतिशत तक पहुंच गया था। बसपा राज्य में तीसरे नंबर की पार्टी थी। उन्होंने बसपा के पक्ष में चौंकाने वाले परिणाम आने की संभावना जताई है।

भारत वाहिनी पार्टी- भारत वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी के अनुसार उनकी पार्टी के चुनावी मैदान में आने ऐसे दोनों मुख्य दलों बीजेपी और कांग्रेस को नुकसान हुआ है। उन्होंने दोनों पार्टियों के वोट बैंक में नुकसान का अनुमान लगाया है। गौरतलब है राज्य में ब्राह्मण वोटो में तिवाड़ी की पकड़ मानी जाती है।

लोकतांत्रिक मोर्चा- राजस्थान में लोकतांत्रिक मोर्चे के बैनर तले सीपीआई, सीपीएम, सपा समेत कई पार्टियां गठबंधन कर विधानसभा चुनाव लड़ रही है। सीपीआई नेता नरेंद्र आचार्य के अनुसार इस गठबंधन के कई प्रत्याशी कड़े मुकाबले में है। उनके अनुसार बीजेपी-कांग्रेस का समीकरण इस गठबंधन की वजह से ख़राब हो रहा है। चुनाव परिणाम कुछ सीटों पर चौंकाने वाले होंगे।

राजस्थान में मतदान के बाद 2274 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गयी। चुनाव में कांग्रेस के 194, भाजपा के 199, बसपा के 189, सीपीआई के 16, सीपीआई (एम) के 28 सहित 830 निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में थे। इस बार चुनावो में 2087 पुरुष एवं 187 महिला प्रत्याशी हैं।

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