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राजस्थान विधानसभा चुनाव: कांग्रेस- भाजपा के 33 पुराने और 43 नए चेहरों के बीच टक्कर

बता दें इस बार 200 सीटों में से 33 सीटों पर कांग्रेस और भाजपा ने अपनी उन्हीं उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है जिन्होंने 2013 में विधानसभा चुनाव लड़ा था। वहीं 43 सीटें ऐसी हैं जिसमें दोनों पार्टियों ने अपने अपने उम्मीदवार बदले हैं।

Author November 27, 2018 9:11 AM
भाजपा और कांग्रेस का प्रतीकात्मक फोटो, फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

राजस्थान में 200 विधानसभा सीटों को लेकर घमासान जारी है और प्रत्याशी अपने प्रचार प्रसार के लिए पूरा दमखम लगा रहे हैं। बता दें इस बार 200 सीटों में से 33 सीटों पर कांग्रेस और भाजपा ने अपनी उन्हीं उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है जिन्होंने 2013 में विधानसभा चुनाव लड़ा था। वहीं 43 सीटें ऐसी हैं जिसमें दोनों पार्टियों ने अपने अपने उम्मीदवार बदले हैं। इसके साथ ही पिछला विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद इस बार फिर किस्मत आजमा रहे प्रत्याशियों की 33 सीटों में से 29 ऐसी हैं जहां भाजपा के मौजूदा विधायक हैं जबकि 4 सीटें ऐसी हैं जिन पर कांग्रेस के मौजूदा विधायक चुनावी दंगल में उतरे हैं।

सरदारपुरा से अशोक गहलोत
इस लिस्ट में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम भी शामिल है जो सरदारपुरा से मैदान में उतरे हैं। बता दें करणपुर सीट पर खान मंत्री सुरेन्द्र पाल सिंह टीटी और कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे गुरमीत सिंह कुन्नर एक दूसरे को टक्कर देंगे। टीटी 2013 का चुनाव करीब 4 हजार वोटों को अंतर से जीते थे। वहीं हनुमानगढ़ सीट पर जल संसाधन मंत्री डॉ रामप्रताप और कांग्रेस प्रत्याशी विनोद चौधरी चुनावी मैदान में हैं। गौरतलब है कि पिछले चुनाव में चौधरी करीब 30 हजार वोटों से हार गए थे लेकिन कांग्रेस ने एक बार फिर से उन्हें टिकट दिया है।

झाबरा सिंह vs दीपेन्द्र सिंह

कांग्रेस के पूर्व मंत्री राजेन्द्र पारीक सीकर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं जिसे 2013 के चुनाव में बीजेपी के रतन लाल जलधारी ने 13015 वोट से जीत हासिल की थी। इस सीट पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक दल ने वाहिद चौहान को उतारा है। चौहान ने पिछला चुनाव एनपीसी के उम्मीदवार के रूप में लड़ा और करीब 30 प्रतिशत वोट हासिल किए। इसके अलावा श्रीमाधोपुर की सीट पर पूर्व स्पीकर व कांग्रेस प्रत्याशी दीपेन्द्र सिंह का सामना भाजपा के झाबर सिंह खर्रा से है। चौमूं सीट पर भाजपा के सांसद राम लाल शर्मा और कांग्रेस के भगवान साहनी के बीच सीधी टक्कर है। 2013 के चुनाव में शर्मा ने करीब 45 हजार वोटों से जीता था।

ये पुराने चेहरे हैं आमने सामने
जयपुर की सिविल लाइंस सीट पर कांग्रेस और भाजपा ने एक बार फिर अपने पुराने चेहरों पर ही भरोसा जताया है। भाजपा की ओर से मंत्री अरूण चतुर्वेदी और कांग्रेस की ओर से प्रताप सिंह खाचरियावास मैदान में हैं। यही स्थिति मालवीयनगर सीट पर है जहां स्वास्थय मंत्री कालीचरण सर्राफ का मुकाबला राजस्थान कांग्रेस की उपाध्यक्ष अर्चना शर्मा से है। शर्मा ने इस बारे में कहा कि भले ही उम्मीदवार समान हो लेकिन सात दिंसबर को लोग कांग्रेस के लिए ही वोट देंगे। लोगों में भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे सर्राफ के खिलाफ गुस्सा है और कांग्रेस का साथ देंगे अब।

दोनों मंजू फिर मैदान में

नागौर जिले की जायल सीट पर भी मंजू नाम की दोनों प्रत्याशी फिर मैदान में हैं। भाजपा ने अपनी मौजूदा विधयाक मंजू बाघमार को जबकि कांग्रेस ने फिर मंजू देवी को मैदान में उतारा है। जोधपुर की सरदारपुरा सीट पर एक बार फिर मुकाबला मौजूदा विधायक एवं पूर्व सीएम अशोक गहलोत और भाजपा के शंभू सिंह खेतासर के बीच है। खेतासर पिछला चुनाव करीब 18 हजार वोटों से हारे थे। वहीं इस बारे में खेतासर ने कहा कि गहलोत को एक ही फायदा जातीय समीकरण का है। इसके अलावा गहलोत में कोई विशेष बात नहीं है। उन्होंने अपनी विधानसभा के लिए कुछ नहीं किया और वो विधानसभा से भी अक्सर गैर हाजिर रहे।

 

आपको बता दें कि भाजपा और कांग्रेस ने 43 विधानसभाओं पर अपने प्रत्याशी बदले हैं। गौरतलब है कि 200 सीटों के लिए राजस्थान में कुल 2294 प्रत्याशी मैदान में हैं। प्रदेश में 7 दिसंबर को वोटिंग होगी जबकि 11 दिसंबर को नतीजे सबके सामने होंगे।

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