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Rajasthan Elections: बांग्लादेशी-रोहिंग्या भी विधानसभा चुनाव में डालेंगे वोट

राजस्थान में 7 दिसंबर को चुनाव होना है और ऐसे में एक बड़ा सवाल ये कि क्या बांग्लादेशी-रोहिंग्या भी विधानसभा चुनाव में डालेंगे वोट ?

वोटिंग के लिए प्रतीकात्मक फोटो, फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

राजस्थान में 7 दिसंबर को वोटिंग होनी है जिसमें सभी प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला जनता करेगी। लेकिन ऐसे में एक सवाल उठता है कि क्या बांग्लादेशी-रोहिंग्या भी विधानसभा चुनाव में वोट डालेंगे ? दरअसल ये सवाल इसलिए जरूरी है क्योंकि प्रदेश में सरकार बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या परिवारों को लेकर गंभीर नहीं और पहचान के बावजूद इन्हें मतदान तक का अधिकार है।

क्या है मामला: पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक प्रदेश में 2011- 2017 के बीच हुए सर्वे में पाया गया कि 837 बांग्लादेशी और रोहिंग्या अवैध रूप से रह रहे हैं। इनमें 292 रोहिंग्या हैं जबकि 545 बांग्लादेशी हैं। जानकारी के बाद पुलिस इनकी वापसी के प्रयास करती, इससे पहले रोहिंग्या मुस्लिम परिवारों ने यूनाइटेड नेशन्स हाई कमिश्नर फॉर रिफ्यूजी (UNHCR) का प्रमाण पत्र दे दिया। वहीं बाग्लादेशी परिवारों ने ऐसे प्रमाणपत्र के बजाय प्रशासन की ओर से जारी पहचान पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड और वोटर कार्ड पेश कर दिए। गौरतलब है कि सालों पहले पुलिस ने इनके पहचान पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड और वोटर कार्ड को निरस्त करने के लिए पत्र लिखा था।

जयपुर में हैं सबसे ज्यादा बांग्लादेशी: जानकारी के मुताबिक सबसे ज्यादा अवैध बांग्लादेशी परिवार जयपुर में रह रहे हैं। इनमें भी ज्यादातर परिवार जयपुर के सोडाला क्षेत्र में रहते हैं। सांगनेर क्षेत्र में 13 बांग्लादेशी परिवार रह रहे हैं। इनमें से 7 परिवारों की बांग्लादेशी होने की पुष्टि हो चुकी है और 6 को संदिग्ध माना गया है। बता दें कि ये शक करीब 5 साल से हैं। 6 परिवारों के सदस्य खुद को पश्चिम बंगाल का बता रहे हैं लेकिन उन्होंने जो पते बताए हैं वो पुलिस को पश्चिम बंगाल में नहीं मिले। बता दें इन 13 परिवारों में करीब 66 लोग हैं।ऐसे ही जवाहर सर्कल के पास बस्ती में 28 बांग्लादेशी परिवार रहते हैं, जिनमें 192 लोग हैं। इन लोगों के पास जो वोटर कार्ड, आधार कार्ड, राशन कार्ड आदि के लिए पुलिस ने जिला करेक्टर को जानकारी दी थी।

पत्र लिखने तक सीमित है पुलिस: जानकारी के मुताबिक पुलिस की कार्रवाई प्रशासन को पत्र लिखने तक ही सीमित है। पहचान पत्र निरस्त नहीं होने पर भी पुलिस ने दोबारा संपर्क नहीं किया और न ही गृह विभाग ने कोई गंभीरता दिखाई। जिसके चलते बांग्लादेशी अब भारत के नागरिक की तरह की सरकार चुनने के लिए वोट डालेंगे।

कितने मामले हैं दर्ज: जानकारी के मुताबिक बांग्लादेशी और रोहिंग्या के खिलाफ 24 संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें 15 मामले जहां चालान के हैं तो एक सबसे गंभीर मामला जयपुर के वैशालीनगर का है। जहां बांग्लादेशी गैंग ने स्थानीय संपर्क वाले अपराधियों के साथ मिलकर डकैती की थी। जिसके बाद से वो फरार हैं और पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।

कहां कहां हैं बांग्लादेशी और रोहिंग्या:
66 बांग्लादेशी- जेडीए कॉलोनी बक्सावाला
192 बांग्लादेशी- जवाहर सर्कल, मनोहरपुरा कच्ची बस्ती
267 रोहिंग्या- वेलकम कॉलोनी सोडाला
25 रोहिंग्या- कानोता- बगरना माली की कोठी

 

गौरतलब है कि प्रदेश में 7 दिसंबर को 200 सीटों के लिए वोटिंग होगी और 11 दिसंबर को नतीजे सभी के सामने आएंगे। ऐसे में प्रदेश की दोनों बड़ी पार्टियां यानी कांग्रेस- भाजपा ने अपने सभी दिग्गज मैदान में उतार दिए हैं और जमकर पार्टी और प्रत्याशी अपना अपना प्रचार प्रसार कर रहे हैं।

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