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पंजाब में जमानत भी नहीं बचा सके दिल्ली विधानसभा से इस्तीफ़ा देकर चुनाव लड़ने गए आप के जरनैल सिंह

जरनैल सिंह पंजाब के पांच बार के मुख्‍यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के सामने लांबी सीट से खड़े हुए थे।

Author लुधियाना | March 13, 2017 7:59 AM
पंजाब विधानसभा चुनावों में लड़ने के लिए दिल्‍ली की राजौरी गार्डन सीट से इस्‍तीफा देने वाले आप विधायक जरनैल सिंह अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए।

पंजाब विधानसभा चुनावों में लड़ने के लिए दिल्‍ली की राजौरी गार्डन सीट से इस्‍तीफा देने वाले आप विधायक जरनैल सिंह अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए। वे पंजाब के पांच बार के मुख्‍यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के सामने लांबी सीट से खड़े हुए थे। चुनाव नतीजों में वे बादल और पंजाब कांग्रेस के मुखिया कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के पीछे तीसरे नंबर पर रहे थे। जरनैल सिंह पंजाब की आम आदमी पार्टी यूनिट के सह संयोजक भी थे। उनके राजौरी गार्डन सीट से इस्‍तीफा देने के बाद यहां पर उपचुनाव कराए जाएंगे। उपचुनाव नौ अप्रैल को होंगे। इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस ने अपनी नजरें गड़ा दी है। वहीं आप के सामने इस सीट को बचाने की चुनौती होगी। दिल्ली में एमसीडी चुनावों से ठीक पहले इस चुनाव को सभी पार्टियों के लिए नाक का सवाल माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि इस चुनाव से एमसीडी चुनावों को लेकर जनता की राय का पता चल जाएगा।

लांबी सीट पर जरनैल सिंह को 21254 वोट मिले। प्रकाश सिंह बादल को 66375 और अमरिंदर सिंह को 43605 वोट मिले हैं। बता दें कि जरनैल सिंह अप्रैल 2009 में तत्‍कालीन गृह मंत्री पी चिदम्‍बरम पर जूता फेंककर सुर्खियों में आए थे। उन्‍होंने ऐसा 1984 सिख विरोधी दंगों में कांग्रेस नेताओंको क्‍लीन चिट दिए जाने पर चिदम्‍बरम की टिप्‍पणी के विरोध किया था। कुछ समय बाद वे आप में शामिल हो गए थे। राजनीति में आने से पहले वे पत्रकार थे। 117 सीटों वाले पंजाब विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी 20 सीटों के साथ दूसरे पायदान पर रही है। वह चुनाव जीतने की दावेदार मानी जा रही थी लेकिन कांग्रेस ने अमरिंदर सिंह के नेतृत्‍व में उसे पीछे छोड़ 10 साल बाद सत्‍ता में वापसी कर ली। कांग्रेस को 77 सीटें मिली। अकाली दल और भाजपा का गठबंधन 18 सीटों के साथ तीसरे नंबर पर रहा।

पंजाब को लेकर आप की ओर से जीत के दावे किए गए थे। यहां तक कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्‍व में एक मंत्री को छोड़कर पूरा दिल्‍ली मंत्रीमंडल पंजाब में प्रचार में जुटा था। लेकिन चुनावों में उसके कई बड़े नेताओं को हार का सामना करना पड़ा। इनमें भगवंत मान को जलालाबाद सीट से सुखबीर बादल के खिलाफ, लीगल सेल के इंचार्ज हिम्‍मत सिंह शेरगिल को मजीठिया से बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। पार्टी के संयोजक और पूर्व कॉमेडियन गुरप्रीत सिंह घुग्‍गी भी चुनाव हार गए। लेकिन वरिष्‍ठ वकील एचएस फुल्‍का, आप प्रवक्‍ता सुखपाल सिंह खैरा, पत्रकारिता से राजनीति में आए कंवर संधू, ट्रेडर सेल के इंजार्च अमन अरोड़ा चुनाव जीत गए। 2014 के लोकसभा चुनावों में आप ने 4 सीटों पर विजयी हासिल की थी।

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