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पंजाब चुनाव 2017: प्रकाश सिंह बादल के सामने लांबी सीट से ताल ठोकेंगे अमरिंदर सिंह

पंजाब विधानसभा चुनावों में कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने मुख्‍यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के सामने उतरने का फैसला किया है।

Author Updated: January 14, 2017 5:09 PM
पंजाब विधानसभा चुनावों में कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने मुख्‍यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के सामने उतरने का फैसला किया है।

पंजाब विधानसभा चुनावों में कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने मुख्‍यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के सामने उतरने का फैसला किया है। अमरिंदर चुनावों में लांबी सीट से बादल को चुनौती पेश करेंगे। पंजाब कांग्रेस के अध्‍यक्ष ने बताया कि उन्‍होंने पजांब चुनाव 2017 लांबी से लड़ने का फैसला किया है। जल्‍द ही इसकी आधिकारिक घोषणा हो जाएगी। प्रकाश और सुखबीर बादल को हराना है। अमरिंदर बोले, ”प्रकाश बादल के खिलाफ लड़ने को तैयार हूं। मैंने कांग्रेस अध्‍यक्ष और उपाध्‍यक्ष को इस बारे में पहले ही बता दिया। यदि हाईकमान चाहता है तो मैं पटियाला और लांबी से लड़ने को तैयार हूं। जिससे कि हम बादल को हरा सकें, उन्‍होंने पंजाब को काफी नुकसान पहुंचाया है। मैंने पार्टी हाई कमांड से यह मौका देने को कहा है।”

लांबी सीट पर अगर अमरिंदर खड़े होते हैं तो मुकाबला त्रिको‍णीय और दिलचस्‍प हो जाएगा। आम आदमी पार्टी(आप) ने यहां से जरनैल सिंह को टिकट दिया। जरनैल सिंह दिल्‍ली से विधायक हैं। प्रकाश सिंह बादल लांबी से चार बार विधायक चुने गए हैं। साथ ही वे चार बार पंजाब के मुख्‍यमंत्री भी बन चुके हैं। अमरिंदर के उनके सामने आने से बादल के लिए रास्‍ता मुश्किल होने वाला है। वहीं पंजाब के उपमुख्‍यमंत्री सुखबीर बादल की सीट जलालाबाद पर भी हाई प्रोफाइल मुकाबला है। यहां पर आप ने संगरुर से सांसद भगवंत मान को टिकट दिया है। सुखबीर इस सीट से दो बार चुने गए हैं। पंजाब विधानसभा चुनावों में आप मजबूत दावेदार बनकर उभरी है। यहां पर अकाली दल-भाजपा, कांग्रेस और आप के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। अकाली-भाजपा गठबंधन यहां पर 10 साल से सत्‍ता में हैं।

आप का रिकॉर्ड रहा है कि चुनावों के दौरान वह बड़े विपक्षी नेताओं के खिलाफ मजबूत उम्‍मीदवारों को उतारती रही है। इसमें उसे काफी हद तक कामयाबी भी मिली है। साल 2013 में दिल्‍ली के विधानसभा चुनावों में अरविंद केजरीवाल तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ उतरे थे और उन्‍होंने जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्‍होंने लोकसभा चुनावों में भी वाराणसी से नरेंद्र मोदी के खिलाफ ताल ठोकी थी लेकिन उस समय उन्‍हें हार मिली थी।

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