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पंजाब-गोवा में थमा चुनावी शोर, नोटबंदी के फैसले के बाद मोदी सरकार की होगी पहली बड़ी परीक्षा

भाजपा और भाजपा नीत गठबंधन शासित दोनों राज्यों (गोवा और पंजाब) में चार फरवरी को मतदान होना है।

Author चंडीगढ़/पणजी | Updated: February 3, 2017 5:33 PM
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पंजाब और गोवा में चार फरवरी को होने वाले मतदान के लिए पूरे जोर-शोर और शोर-शराबे के साथ चल रहा चुनाव प्रचार अभियान गुरुवार (2 फरवरी) को थम गया। नोटबंदी के फैसले के बाद मोदी सरकार के लोकप्रियता की यह पहली बड़ी परीक्षा होगी। पंजाब में 117 और गोवा में 40 सीटों के लिए चल रहा चुनाव प्रचार मतदान से 48 घंटे पहले गुरुवार शाम थम गया। भाजपा और भाजपा नीत गठबंधन शासित दोनों राज्यों में चार फरवरी को मतदान होना है। ऐसा पहली बार हुआ जब अस्वस्थ चल रही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हालिया चुनावों में कोई रैली नहीं की है और चुनाव का पूरा दारोमदार अपने भावी उत्तराधिकारी तथा उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर छोड़ दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्तमंत्री अरुण जेटली और रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर सहित विभिन्न केन्द्रीय मंत्रियों तथा अन्य लोगों ने दोनों राज्यों में भाजपा तथा अपने सहयोगी दलों के लिए प्रचार किया। पंजाब की बात करें तो वहां तीसरी बार सत्ता में आने का प्रयास कर रही शिअद-भाजपा गठबंधन का अन्य दो प्रबल दावेदारों कांग्रेस तथा आप के साथ मजेदार टक्कर चल रहा है। दोनों दल प्रदेश में मादक पदार्थों के नेटवर्क, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था को बड़ा मुद्दा बनाए हुए हैं। अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी दोनों राज्यों में चुनाव लड़ रही है। अभी तक दोनों ही प्रदेशों में चुनावी जंग हमेशा कांग्रेस और भाजपा के बीच रहा है, लेकिन पहली बार कोई तीसरा दल मजबूत बनकर उभरा है।

मादक पदार्थों वाले मुद्दे के आवा सतलुज-यमुना संपर्क नहर, गुरु ग्रंथ साहिब के अपवित्रीकरण के मामले भी सिख बहुल राज्य में ज्वलंत चुनावी मुद्दा बने हुए हैं। राहुल गांधी ने पंजाब में अकालियों के गढ़ लम्बी, मजिठा और जलालाबाद में चुनावी रैलियां कीं और सत्तारूढ़ दल पर कथित भ्रष्टाचार, वंशगत राजनीति करने तथा मादक पदार्थों और खनन माफिया को बढ़ावा देने को लेकर निशाना साधा। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में पंजाब से चार सीटें जीतने वाली आप पंजाब में अपना पूरा जोर लगा रही है। पार्टी प्रमुख अरविन्द केजरीवाल लगातार प्रदेश के हर हिस्से का दौरा कर रहे हैं। पार्टी ने सभी 117 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। तटवर्ती राज्य गोवा में राहुल के अलावा उनके युवा ब्रिगेड से ज्योतिरादित्य सिंधिया, सचिन पायलट और रणदीप सुरजेवाला ने कांग्रेस के लिए प्रचार किया। मोदी और अमित शाह के अलावा प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने भाजपा के पक्ष में जोरदार चुनाव प्रचार किया है। नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह और स्मृति ईरानी पार्टी के अन्य स्टार प्रचारक रहे। गोवा के विभिन्न हिस्सों में आप नेता अरविन्द केजरीवाल ने भी खूब प्रचार किया। प्रदेश में आप पिछले कुछ दिनों से जमीनी स्तर पर काम कर रही है। तटवर्ती राज्य में कथित रूप से मतदाताओं से रिश्वत लेने लेकिन वोट उन्हीं की पार्टी को देने को कहकर केजरीवाल और पर्रिकर दोनों ही विवादों में घिर गए। चुनाव आयोग ने दोनों को इस संबंध में नोटिस जारी किया है।

वैसे तो गोवा में मुकाबला भाजपा, कांग्रेस और आप के बीच होना है लेकिन शिवसेना के साथ अन्य दलों का गठबंधन कुछ जगहों पर असर डाल सकता है। गठबंधन 40 में से 28 सीटों पर चुनाव लड़ रहा है। पंजाब की बात करें तो शुरूआती मतभेदों के बाद राहुल गांधी ने पटियाला के शाही परिवार के कैप्टन अमरिन्दर सिंह को कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया। 74 वर्षीय कैप्टन पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि यह उनका अंतिम चुनाव होगा। पार्टी के लिए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित पार्टी नेता संजय सिंह और भगवंत मान ने जमकर प्रचार किया। यदि आप सरकार बनाती है तो मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार होंगे। दिलचस्प बात यह है कि गोवा में आरएसएस के बागी नेता का विरोध झेल रही भाजपा ने मौजूदा मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर को अपना चेहरा नहीं बनाया है। हालांकि पार्टी, बार-बार संकेत दे रही है कि भाजपा की सरकार बनने पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर अपनी पुरानी नौकरी पर लौट आएंगे। संभवत: यह गोवा में पर्रिकर की लोकप्रियता को भुनाने का प्रयास है।

सुखबीर के विधानसभा क्षेत्र में राहुल ने जूनियर बादल को ‘भ्रष्टाचार का प्रतीक’ बताते हुए मोदी से स्पष्ट करने को कहा कि यदि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे हैं तो ‘भ्रष्ट’ के लिए वोट क्यों मांग रहे हैं। राजनीतिक समीकरण में हाल ही में शामिल होकर पंजाब चुनाव को शिअद-भाजपा, कांग्रेस और आप के बीच त्रिकोणीय मुकाबला बनाने वाली आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि शिअद और कांग्रेस एक-दूसरे का समर्थन कर रहे हैं और मादक पदार्थों के मुद्दे पर बादल परिवार को जेल भेजने की कसम खायी है। प्रदेश में शिअद-भाजपा गठबंधन के प्रत्याशियों के पक्ष में हेमा मालिनी, राजनाथ सिंह, अरूण जेटली, स्मृति ईरानी, अनुराग ठाकुर और मनोज तिवारी ने रैलियां और जनसभाएं की हैं। वहीं कांग्रेस का प्रचार कमान उपाध्यक्ष राहुल गांधी, अमरिन्दर सिंह और हाल ही में पार्टी में आए नवजोत सिंह सिद्धू ने संभाली है।

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