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राहुल गांधी का वार- 6 घंटे में हमने 2 राज्यों में कर दिखाई कर्जमाफी, पर 4 साल में किसानों का 1 रुपए न छोड़ पाए नरेंद्र मोदी

सोमवार (17 दिसंबर) को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद मध्य प्रदेश में कमलनाथ और छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल ने किसानों का कर्ज माफ करने का ऐलान कर दिया था।

नई दिल्ली में मंगलवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी। साथ में ज्योतिरादित्य सिंधिया और अन्य। (फोटोः पीटीआई)

कांग्रेस ने दो राज्यों में किसानों का कर्ज माफ करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जुबानी वार किया है। मंगलवार (18 दिसंबर) को नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी ने छह घंटों में दो राज्यों में किसानों का कर्ज मार्फ कर दिया, जबकि मोदी सरकार चार सालों में उन लोगों का एक रुपया भी न छोड़ पाई। मोदी जी आखिर कब कर्जमाफी करेंगे? राहुल ने आगे कहा कि कांग्रेस अब तीसरे राज्य राजस्थान में भी कर्जमाफी का वादा निभाएगी।

बकौल राहुल, “पीएम जब तक किसानों का कर्ज माफ नहीं करेंगे, तब तक हम उन्हें सोने नहीं देंगे। सभी विपक्षी दल संयुक्त रूप से उनसे इस चीज की मांग कर रहे हैं। पीएम ने अभी तक किसानों का एक भी रुपया माफ नहीं किया है।”

कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक, “संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी), राफेल डील विवाद, किसानों की कर्जमाफी और नोटबंदी जैसी और चीजों में भी जल्द टाइपो एरर (टाइपिंग संबंधी गलतियां) नजर आएंगे। लोगों से झूठ बोला गया है। किसानों और छोटे कारोबारियों को लूटा गया है। नोटबंदी दुनिया का सबसे बड़ा घोटाला है।”

संसद भवन जाते वक्त राहुल से कर्जमाफी पर सवाल पूछा गया था। देखें, तब उनकी क्या प्रतिक्रिया थी और कैसे चेहरे पर हाव-भाव थेः

1984 सिख विरोधी दंगा मामले में सज्जन कुमार को दोषी करार देने पर सवाल हुआ, तो राहुल आगे बोले- मैं इस मुद्दे पर अपनी राय बिल्कुल साफ कर चुका हूं और यह बात पहले भी कह चुका हूं। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस देश के किसानों के संबंध में है। पीएम मोदी ने किसानों का एक रुपए तक नहीं छोड़ा है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, राहुल ने कहा कि सरकार देश के 15 शीर्ष उद्योगपतियों को लोन देने के मामले में आंखें मूंदें रही, जिसमें अनिल अंबानी का रिलायंस समूह भी है। उनका आरोप है कि पीएम मोदी और अमित शाह के करीबियों के लोन माफ कर दिए गए। पर गरीबों और छोटे कारोबारियों को राहत नहीं दी गई।

बता दें कि सोमवार (17 दिसंबर) को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद मध्य प्रदेश में कमलनाथ और छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल ने किसानों का कर्ज माफ करने का ऐलान कर दिया था। कमलनाथ ने तो सीएम की गद्दी संभालने के बाद सबसे पहले कर्जमाफी वाली फाइल पर हस्ताक्षर किए थे।

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