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Lok Sabha Election 2019: ‘राफेल’ पर चर्चा छिड़ते ही परेशान हो जाते हैं छत्तीसगढ़ के इस गांव के लोग

Lok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): राफेल फाइटर प्लेन की डील को लेकर कांग्रेस नेता लगातार बीजेपी पर लगातार हमला बोल रहे हैं। इससे छत्तीसगढ़ के एक गांव के लोग काफी परेशान हैं। दरअसल, इस गांव का नाम भी राफेल है।

छत्तीसगढ़ के राजसमुंद जिले के अंतर्गत आता है राफेल गांव। फोटो सोर्स : सोशल मीडिया

Lok Sabha Election 2019 का महासमर देश में छिड़ चुका है। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी फ्रांस से फाइटर प्लेन ‘राफेल’ की खरीद को लेकर लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोल रहे हैं। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जिसके चलते राफेल पर घमासान मचा हुआ है। इस माहौल से बीजेपी और कांग्रेस नेताओं को भले कोई फर्क न पड़े, लेकिन छत्तीसगढ़ के एक गांव के लोग काफी परेशान हैं। दरअसल, इस गांव का नाम भी राफेल है। ऐसे में राफेल फाइटर जेट का मुद्दा गरमाने पर आसपास के गांवों के निवासी इस गांव के लोगों की जमकर हंसी उड़ाते हैं।

ऐसे होती है दिक्कत : राफेल गांव के लोगों के मुताबिक, वे जब भी दूसरे गांव जाते हैं तो उन्हें हंसी का पात्र बनना पड़ता है। लोग राफेल फाइटर जेट को लेकर उनका मजाक उड़ाते हैं। कई लोग तो यह तक कहते हैं कि अगर केंद्र में राहुल गांधी की सरकार बन गई तो राफेल गांव में रहने वालों की भी जांच कराई जाएगी।

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गांव की खूब चर्चा, पर फायदा नहीं मिला : ग्रामीणों का कहना है कि अखबारों और टीवी चैनलों पर राफेल फाइटर प्लेन को लेकर होने वाली बहस के दौरान उनके गांव के बारे में भी काफी चर्चा होती है। हालांकि, इस चर्चा का फायदा गांव को आज तक नहीं मिला। न तो यहां पर मूलभूत सुविधाएं हैं और न ही बड़े नेता इधर का रुख करते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि जब उनके गांव का नाम चर्चा में आया तो उन्हें लगा था कि पीएम मोदी या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस गांव का दौरा कर सकते हैं।

पलायन इस गांव का सबसे बड़ा मुद्दा : ग्रामीणों के मुताबिक, इस गांव में खेती आज भी बारिश पर निर्भर है। ऐसे में फसलों की सिंचाई नहीं हो पाती है। वहीं, फसल खराब होने पर किसान परिवारों को मजदूरी के लिए शहर का रुख करना पड़ता है। इसके चलते पलायन गांव का सबसे बड़ा मुद्दा है, लेकिन कोई भी नेता इस पर ध्यान नहीं देता है।

गांव के नाम के बारे में जानकारी नहीं : राफेल गांव में रहने वाले बुजुर्ग भी इस नाम की हकीकत नहीं जानते हैं। उनका कहना है कि यह स्पष्ट नहीं है कि गांव का नाम राफेल कैसे पड़ा? पहले यह गांव रायपुर जिले में आता था। 1998 में महासमुंद जिला बना तो गांव को उसमें सम्मिलित कर दिया गया। राफेल गांव में 35 साल से रह रही सुकांति कहती हैं कि पहले हमारे गांव के बारे में कभी भी इतनी चर्चा नहीं हुई। जब राहुल गांधी ने राफेल फाइटर जेट की डील में घोटाले का आरोप लगाया तो उनका गांव भी चर्चा में आ गया।

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