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प्रियंका गांधी के बचाव में उतरी कांग्रेस, राज बब्बर बोले- यूपी में हार के लिए कार्यकर्ता जिम्मेदार

आम चुनाव में कांग्रेस ने यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से 52 सीटों पर चुनाव लड़ा, जिसमें वह केवल रायबरेली सीट बचा पाई, जहां से यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी को जीत मिली है।

खुद बब्बर भी फतेहपुर सीकरी सीट से आम चुनाव हार गए। यूपी में केवल यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ही कांग्रेस की तरफ से जीतीं। (फाइल फोटोः पीटीआई)

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बाद पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बचाव में संगठन उतर आया है। सोमवार (तीन जून, 2019) को यूपी कांग्रेस चीफ राज बब्बर बोले कि यूपी में (आम चुनाव) हार के लिए प्रियंका नहीं बल्कि कार्यकर्ता जिम्मेदार हैं। बब्बर ने यह भी कहा कि सूबे में पार्टी के खराब प्रदर्शन पर राहुल बेहद दुखी हैं। दरअसल, प्रियंका को लोकसभा चुनाव के ऐन पहले पूर्वी यूपी में पार्टी के लिए प्रचार का जिम्मा सौंपा गया था, जबकि कांग्रेस ने यूपी की कुल 80 सीटों में 52 पर चुनाव लड़ा, जिसमें वह महज एक सीट जीत पाई। बब्बर से पहले राहुल ने भी बहन का इस बाबत बचाव किया था।

‘पीटीआई’ को दिए साक्षात्कार के दौरान उनसे पूछा गया- चुनावी नतीजों में प्रियंका के प्रचार का असर क्यों नहीं दिखा? बब्बर ने बताया, “उन्होंने अपना काम किया। पर पार्टी कार्यकर्ताओं, स्थानीय नेताओं, प्रत्याशियों और संगठन उनसे लाभ (चुनावी) नहीं ले सके। राहुल जी ने इस चुनाव के बहुत कड़ी मेहनत की और प्रियंका जी ने उसी जोश के साथ उनका साथ दिया।”

बकौल बब्बर, “हम (पार्टी कार्यकर्ता, स्थानीय नेता और उम्मीदवार) खुद को साबित करने में नाकाम रहे।” पार्टी अध्यक्ष की तारीफ में उन्होंने कहा, “अमेठी को उन्होंने कभी भी अपना संसदीय क्षेत्र नहीं माना। अब, परिवार वालों (अमेठीवासियों) ने उस तरह का फैसला दे दिया है।”

यूपी कांग्रेस चीफ के मुताबिक, “मुझे 100 फीसदी यकीन है कि सांसद (केरल के वायनाड से) बनने के बाद भी राहुल को इस बात का दर्द है कि वह अमेठी वालों के ‘अपने’ नहीं बन सके।” बता दें कि राहुल इस बार दो जगह से चुनाव लड़े थे, जिसमें अमेठी सीट पर वह बीजेपी की स्मृति ईरानी से हारे। वहीं, वायनाड में उन्हें जीत हासिल हुई।

चुनावी हार के बारे में बब्बर ने आगे बताया, “सबसे पहले, हमें अपनी हार और विजेताओं की जीत स्वीकारनी होगी। मुझे लगता है कि दूसरों पर इसका दोष डालने का कोई मतलब नहीं है। हमें इस पर विचार करना होगा कि आखिर हमारी पार्टी के 52 लोग कैसे जीत हासिल कर सकते थे।” बब्बर खुद भी फतेहपुर सीकरी संसदीय सीट से चुनाव हारे हैं।

बता दें कि कांग्रेस केवल रायबरेली सीट बचा पाई, जहां से यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी को जीत मिली। वहीं, 80 में से 62 सीटें बीजेपी और सपा-बसपा के गठबंधन को 15 और अनुप्रिया पटेल के अपना दल को दो सीटें हासिल हुईं।

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