ताज़ा खबर
 

बिहार चुनाव: पप्पू यादव ने याद दिलाई हर एक सेवा, वोट के रूप में मांग रहे कीमत

पप्पू यादव पिछले सालों में लोगों की मदद करने की हर बात याद दिला दी है उसके बदले में वोट मांग रहे हैं। एक विज्ञापन में पप्पू यादव कहते हैं, 'जब सब आपका साथ छोड़कर चले गए थे, हम आपकी सेवा, मदद के लिए समर्पित थे।

सेवाओं के बदले वोट मांग रहे पप्पू यादव

बिहार में जैसे-जैसे चुनाव करीब आ रहा है प्रचार अभियान भी तेजी पकड़ रहा है। ऐसे में पार्टियां अपने पुराने कामों का बखान करने से नहीं चूक रही हैं। बिहार के दिग्गज नेता पप्पू यादव भी इस मामले में पीछे नहीं हैं। उन्होंने पिछले सालों में लोगों की मदद करने की हर बात याद दिला दी है उसके बदले में वोट मांग रहे हैं। एक विज्ञापन में पप्पू यादव कहते हैं, ‘जब सब आपका साथ छोड़कर चले गए थे, हम आपकी सेवा, मदद के लिए समर्पित थे। हम अपनी अंतिम सांस तक बिहार की जनता की सेवा करते रहेंगे।’

इसी विज्ञापन में नीचे की तरफ पप्पू यादव ने कुछ तस्वीरों के जरिए चमकी बुखार, सेवाश्रम, बिहार बाढ़, और कोरोना संकट के दौरान की गई सेवा की याद दिलाई है। कह सकते हैं कि पप्पू यादव ने सालों पहले ही चुनाव की तैयारी शुरू कर दी थी। इन कामों को याद दिलाकर पप्पू मतदाताओं से वोट की अपील कर रहे हैं। लोगों की मदद के दौरान पप्पू यादव के कई वीडियो पब्लिक में आते रहे हैं जिनकी लोग सराहना करते रहे हैं। एक वीडियो में वह बाढ़ के दौरान लोगों के घर तक पानी की बोतलें, दूध के पैकेट और राशन पहुंचाते नजर आए थे। वह नाव पर सवार थे।

इसी तरह कोरना संकट और लॉकडाउन के दौरान पप्पू यादव लोगों को खाना खिलाते, मास्क और राशन बांटत नजर आए। बाढ़ के दौरान वह अकसर पानी में उतरकर लोगों की मदद करते नजर आते हैं। सवाल यह है कि क्या ये सारे काम वोट के लिए ही किए जा रहे थे? पप्पू यादव खुद माधेपुरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

कौन हैं पप्पू यादव?
बिहार के दिग्गज नेता राजेश रंजन ही पप्पू यादव के नाम से मशहूर हैं। वह जन अधिकार पार्टी के प्रमुख हैं और प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक अलायंस (पीडीए) के संयोजक हैं। वह 1991 में पहली बार लोकसभा पहुंचे थे। इसके बाद लगातार तीन बार सांसद चुने गए। वह निर्दलीय, एसपी, लोकक जनता पार्टी और आरजेडी के उम्मीदवार रह चुके हैं। 2014 के आम चुनाव में पप्पू यादव ने शरद यादव को हरा दिया था। 2019 में यहां जेडीयू के दिनेश यादव ने जीत दर्ज की। 2015 के बिहार इलेक्शन से पहले उन्होंने खुद की पार्टी बना ली थी। इश चुनाव में वह ज्यादा प्रभावी नहीं रहे थे और केवल 2 फीसदी वोट ही हासिल कर सके थे। पप्पू यादव ने जनता से अगले पांच साल में रोजगार के 40 लाख अवसर पैदा करने का वादा किया है।

Pappu Yadav पप्पू यादव का चुनावी विज्ञापन

मोदी के भरोसे है एनडीए?

बिहार में प्रधानमंत्री मोदी 12 रैलियां कर रहे हैं। यहां बीजेपी और जेडीयू गठबंधन मोदी के ही भरोसे नजर आ रहा है। चुनावी विज्ञापनों में ही बड़ा-बड़ा मोदी का ही चेहरा नजर आता है। हालांकि पार्टी अध्यक्ष यह साफ कर चुके हैं कि अगर बीजेपी की ज्यादा सीटें भी आती हैं तो भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही होंगे। विज्ञापनों में पीएम मोदी के चेहरे के साथ निशुल्क कोविड टीका, खेतों में सोलर पंप, पक्की छत, दरभंगा में एम्स और इनलैंड मछलियों के उत्पादन में बिहार को प्रथम राज्य बनाने का वादा किया जा रहा है।

Next Stories
1 राजद के पोस्टर से क्यों गायब हैं लालू-राबड़ी? सुशील मोदी ने खोला इसका राज!
2 संपत्ति के मामले में अपने मंत्रियों के सामने नहीं टिकते नीतीश कुमार, 5 साल में तिगुना अमीर हो गए ये नेता
3 बिहार चुनाव: नीतीश कुमार को गुस्सा क्यों आता है? चौथी बार सरकार बनने की राह में हैं तीन रोड़े
यह पढ़ा क्या?
X