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ऑक्सफोर्ड की स्टडी में दावा- भ्रामक खबरें शेयर करने में बीजेपी और कांग्रेस हैं सपा और बसपा से आगे

भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा द्वारा सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों को लेकर ऑक्सफोर्ड ने एक स्टडी पेश की है। इसमें बताया गया है कि सपा-बसपा के मुकाबले भाजपा-कांग्रेस पार्टी ज्यादा भ्रामक खबरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करती हैं।

Author Published on: May 14, 2019 3:23 PM
पार्टियों के प्रतीकात्मक फोटो, फोटो सोर्स- सोशल मीडिया

करिश्मा मेहरोत्रा

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने एक स्टडी में पाया है कि भाजपा- कांग्रेस सोशल मीडिया (फेसबुक और वॉट्सएप ) पर बराबर जंक न्यूज (भ्रामक खबरें) शेयर करते हैं। वहीं, एसपी और बीएसपी इस मामले में बीजेपी और कांग्रेस से पीछे हैं। स्टडी के मुताबिक, वॉट्सएप पर शेयर की गई बीजेपी की एक तिहाई खबरें ‘विभाजनकारी और षड्यंत्रकारी’ थीं। वहीं, कांग्रेस की एक चौथाई, जबकि एसपी-बीएसपी की कुल खबरों का 10वां हिस्सा भ्रामक था।

अमेरिका और पश्चिमी यूरोप के बीच फिट बैठता है भारत: ऑक्सफोर्ड इंटरनेट इंस्टिट्यूट रिसर्चर विद्या नारायण ने बताया, ‘‘अगर भ्रामक खबरों की बात करें तो भारत अमेरिका और पश्चिमी यूरोप के बीच फिट बैठता है।’’ जंक न्यूज के रेश्यो के बारे में विद्या नारायण ने कहा, ‘‘अमेरिका में हर भ्रामक खबर के लिए एक प्रोफेशनल पोस्ट किया जाता है। यूके- फ्रांस में यही तुलना चार, स्वीडन में तीन होती है। स्टडी में साफ है कि जैसे-जैसे हम वेस्टर्न यूरोप और यूएस से दूर होते हैं, वैसे-वैसे यूजर जेनरेटेड भ्रामक खबरों की संख्या बढ़ने लगती है। गौरतलब है कि यह स्टडी 14 फरवरी से 10 अप्रैल 2019 के बीच हुई। वहीं, इस रिसर्च में फेसबुक के 130 पब्लिक पेज से 27 हजार पोस्ट और 200 पब्लिक वॉट्सऐप ग्रुप का डेटा शामिल किया गया।

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क्या है जंक न्यूज: विद्या नारायण ने बताया, ‘‘रिसर्चर्स ने जंक न्यूज शब्द का इस्तेमाल खबरों के प्रोफेशनलिज्म, स्टाइल, विश्वसनीयता, पक्षपात और नकल के अनुपात पर किया है। आज कल डोनाल्ड ट्रम्प जैसे नेताओं ने फेक न्यूज का अलग ही इस्तेमाल किया है। जंक न्यूज के स्रोत जानबूझकर भ्रामक, गलत जानकारी प्रकाशित करते हैं, जो राजनीति, अर्थशास्त्र या संस्कृति के बारे में बताते हैं।

वॉट्सऐप इमेज कैटिगरी में ऐसी खबरें भेजते हैं बीजेपी-कांग्रेस: स्टडी के मुताबिक, वॉट्सऐप पर आने वाली बीजेपी की सभी खबरों में 35 प्रतिशत ‘विभाजनकारी और षड्यंत्रकारी’, 18 प्रतिशत ‘अभियान और समर्थन’, 10.5 प्रतिशत ‘राष्ट्रवाद और सेना के लिए समर्थन’, 3.5 प्रतिशत ‘धर्म’, 3.5 प्रतिशत ‘तंज’ शामिल हैं। वहीं, कांग्रेस की 30 प्रतिशत खबरें ‘अभियान और समर्थन’, 28.5 प्रतिशत ‘विभाजनकारी और षड्यंत्रकारी’ और 9 प्रतिशत खबरों में ‘तंज’ कसा जाता है।

सपा-बसपा की भ्रामक खबरों ऐसा रेशियो: कुल खबरों में से सपा-बसपा 20.5 प्रतिशत ‘अभियान और समर्थन’, 11.5 प्रतिशत ‘विभाजनकारी और षड्यंत्रकारी’, 7.5 प्रतिशत ‘राष्ट्रवाद और सेना के लिए समर्थन’ वाला कंटेंट शेयर करते हैं। वहीं, वॉट्सऐप के अधिकतर लिंक दूसरे सोशल मीडिया पर रिडायरेक्ट करते थे, जिन्हें रिसचर्स ने चेक नहीं किया।

फेसबुक लिंक कैटिगरी में बीजेपी-कांग्रेस का रेश्यो: स्टडी में बताया गया है कि फेसबुक लिंक्स में बीजेपी के 40 प्रतिशत लिंक्स प्रोफेशनल थे। वहीं, 28 प्रतिशत जंक न्यूज थे। वहीं, कांग्रेस के एक तिहाई लिंक्स प्रोफेशनल थे, जबकि 21 प्रतिशत जंक थे। सपा-बसपा के 60 प्रतिशत से अधिक प्रोफेशनल थे, जबकि एक प्रतिशत जंक।

फेसबुक इमेज कैटिगरी का ऐसा है हाल:  फेसबुक इमेज कैटेगरी में बीजेपी की दो-तिहाई फोटोज ‘अभियान और समर्थन’ करने वाली थीं। वहीं, 12 प्रतिशत से थोड़ा अधिक जंक थीं। उधर, कांग्रेस ने लगभग 52 प्रतिशत ‘अभियान और समर्थन’ और 14 प्रतिशत जंक फोटो पोस्ट की थीं। बीएसपी और एसपी की करीब 60 प्रतिशत फोटोज ‘अभियान और समर्थन’ की जानकारी देती थीं, जबकि 12 प्रतिशत से थोड़ी अधिक ‘विभाजनकारी और षड्यंत्रकारी’ थीं। गौरतलब है कि शोधकर्ताओं को ऐसी कोई फोटो नहीं मिली, जो नफरत या पोर्न दर्शाती हो।

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