ताज़ा खबर
 

Election Result 2018: तीन राज्यों में कांग्रेस सरकार, राहुल को पांच फायदे होने के आसार, बने विपक्ष में नेता नंबर वन!

Rajasthan, MP, Chhattisgarh Election Result 2018: पूर्वोत्तर के राज्य कांग्रेस मुक्त हो चुके हैं लेकिन तीन राज्यों ( एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान) में सरकार बनाने के साथ अब कांग्रेस शासित राज्यों की संख्या छह हो जाएगी।

Author December 12, 2018 3:32 PM
विपक्षी दलों के नेताओं के साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी। (PTI PHOTO)

Rajasthan, MP, Chhattisgarh Election Result 2018: हिन्दी पट्टी के तीन राज्यों (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान) के चुनाव नतीजों से न सिर्फ तीन राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है बल्कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी राष्ट्रीय फलक पर चमकने लगे हैं। माना जा रहा है कि अगर यही ट्रेंड रहा तो 2019 में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को कांग्रेस पटखनी देने में कामयाब हो सकती है। हालांकि, इसके लिए कांग्रेस को कई राज्यों में क्षेत्रीय दलों का सहारा लेना पड़ सकता है मगर इन चुनावों ने कांग्रेस और राहुल की स्वीकार्यता और पहुंच को फैलाव दिया है और भाजपा के कांग्रेस मुक्त भारत के मिथकीय स्वप्न को खारिज कर दिया है। राहुल ने भी चुनाव नतीजों के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में सधे शब्दों में उदारता का परिचय दिया है और कहा है कि वो भाजपा मुक्त भारत नहीं चाहते। यानी दिनों-दिन राहुल न सिर्फ विपक्ष द्वारा गढ़ी गई छवि से बाहर निकलते दिख रहे हैं बल्कि एक विकल्प के तौर पर उभरते दिख रहे हैं।

राहुल बने विपक्ष के नेता नंबर वन: कुछ महीने पहले तक विपक्षी महागठबंधन के बड़े क्षेत्रीय छत्रप राहुल को महागठबंधन में कभी भी नंबर वन का नेता समझने से कतराते रहे हैं, हर बड़े फैसले के लिए उनकी निगाहें सोनिया गांधी पर जा टिकती थीं लेकिन अब उनके लिए राहुल गांधी विपक्ष के नंबर वन नेता बन चुके हैं। 10 दिसंबर को महागठबंधन के 21 दलों की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान भी ये बात साबित हो गई कि अब राहुल गांधी ही महागठबंधन को लीड करेंगे। इसके अगले दिन आए चुनावी नतीजों ने उस पर मुहर लगा दी। इससे पहले राहुल ने गुजरात में भी भाजपा और पीएम नरेंद्र मोदी को कड़ी टक्कर दी थी। इसी साल के मध्य में कर्नाटक में भी कांग्रेस-जेडीएस की सरकार बनाकर लंबी लकीर खींची।
Election Result 2018 Highlights: Rajasthan | Telangana | Mizoram | Madhya Pradesh | Chhattisgarh Election Result 2018

पीएम पद के संभावित चेहरे पर राहुल की स्वीकार्यता बढ़ी: पीएम मोदी और अमित शाह की जोड़ी को कड़ी टक्कर देने के बाद अब धीरे-धीरे पीएम पद की पसंद के रूप में विपक्षी नेताओं और आम जनमानस के बीच राहुल गांधी की स्वीकार्यता बढ़ने लगी है। इससे पहले तक इस बात की चर्चा होती रही है कि महागठबंधन की सरकार बनने की स्थिति में कोई बड़ा क्षेत्रीय छत्रप ही पीएम बन पाएगा। इसके लिए कभी ममता बनर्जी तो कभी एचडी देवगौड़ा और कभी शरद पवार और मायावती के नाम की चर्चा हो चुकी है लेकिन शरद पवार ने चुनावी नतीजों के बाद खुद कहा कि कांग्रेस अब भाजपा का विकल्प बन चुकी है और सभी क्षेत्रीय दलों को उसका साथ मिले तो बेहतर है।

पांच राज्यों मे हुए विधानसभा चुनाव का फाइनल नतीजा

कांग्रेस विकल्प बनकर उभरी, 2019 में ड्राइविंग सीट पर कांग्रेस: अब तक राष्ट्रीय राजनीति में यह चर्चा होती रही थी कि पीएम नरेंद्र मोदी के सामने विपक्ष में विकल्प और चेहरे का अभाव है लेकिन मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और कर्नाटक में भाजपा की हार और गुजरात में 99 सीटों तक भाजपा को समेटने के बाद कांग्रेस राष्ट्रीय फलक पर विकल्प बनकर उभरी है। अब शिव सेना और जेडीयू जैसी विपक्षी दलों के नेता भी कहने लगे हैं कि राहुल गांधी राजनीतिक तौर पर परिपक्व हो गए हैं। बता दें कि इससे पहले राहुल की छवि एक मसखरे के रूप में विपक्ष ने प्रचारित की थी। उन्हें अक्सर पप्पू कहा गया। मानसून सत्र में पीएम को गले लगाने और अपने नेता को आंख मारने पर भी उनकी आलोचना हुई लेकिन राहुल इनसे बाहर निकलने में कामयाब रहे। संभव है कि वो 2019 के चुनाव में ड्राइविंग सीट पर नजर आएं।

सहयोगी दल झुकने को तैयार: चुनावी नतीजों के बाद अब बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी कांग्रेस के सामने झुकने को तैयार हो सकती है। इसकी बानगी बुधवार (12 दिसंबर) को देखने को मिली, जब बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मध्य प्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस को समर्थन देने का एलान कर दिया। बता दें कि सम्मानजनक सीटें नहीं मिलने पर मायावती ने इन दोनों राज्यों में अकेले चुनाव लड़ा था। सपा ने भी अकेले ताल ठोका था लेकिन अब संभवत: 2019 के रण में ये दोनों दल कांग्रेस के सामने नरम रुख अपना सकते हैं।

अब छह राज्यों में कांग्रेस सरकार: वैसे तो पूर्वोत्तर के राज्य कांग्रेस मुक्त हो चुके हैं लेकिन तीन राज्यों ( एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान) में सरकार बनाने के साथ अब कांग्रेस शासित राज्यों की संख्या छह हो जाएगी। पंजाब और पुद्दुचेरी में पहले से ही कांग्रेस की सरकार है, जबकि कर्नाटक में जेडीएस के साथ गठबंधन सरकार है। अहम बात यह है कि तीन नए राज्यं में जहां सरकार बननी है, वहां से लोकसभा की 65 सीटें आती हैं। इनमें से 61 पर फिलहाल भाजपा का कब्जा है। अन्य तीन राज्यों में लोकसभा की 42 सीटें हैं। संभावना है कि इन (107) सीटों में आधे से अधिक सीटें भाजपा के हाथ से खिसक सकती हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App