ताज़ा खबर
 

Lok Sabha Election 2019: सपा-बसपा गठबंधन से बने नए समीकरण

Lok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): भाजपा उम्मीदवार और रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्रवाद और विकासवाद जीतेगा और परिवादवाद और जातिवाद हारेगा।

Author May 16, 2019 5:25 AM
सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती और मुलायम सिंह यादव फोटो सोर्स- जनसत्ता

जयप्रकाश भारती

Lok Sabha Election 2019: बसपा और सपा के बीच हुए गठबंधन ने गाजीपुर सीट को पेचीदा बना दिया है। इन दोनों दलों के जातिगत वोटों की गोलबंदी ने भाजपा के लिए करो या मरो की स्थिति पैदा कर दी है। यहां जाति समीकरण इतना ठोस है कि मुद्दे पर्दे के पीछे चले गए हैं। इस सीट पर निवर्तमान सांसद और केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा भाजपा उम्मीदवार हैं जबकि गठबंधन से अफजाल अंसारी खड़े हैं। कांग्रेस की तरफ से अजीत कुशवाहा उम्मीदवार हैं और वे मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में जुटे हुए हैं।

भाजपा उम्मीदवार और रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्रवाद और विकासवाद जीतेगा और परिवादवाद और जातिवाद हारेगा। वहीं गठबंधन प्रत्याशी बाहुबली मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल का दावा है कि जातिवाद के आगे हर वाद धराशायी हो जाएगा।

जातिगत समीकरण
अंसारी और उनके समर्थकों का दावा है कि यादव, दलित और मुसलमानों का मत उनको भरपूर मिलेगा। यह मत इतनी संख्या में है कि बड़ी जीत का कारण बनेगा। गठबंधन की इस जाति गोलबंदी के जवाब भाजपा नेता अवधेश यति का कहना है कि विकासवाद के साथ यदि जातिवाद पर ही बात की जाए तो राजभर, वैश्य, ब्राह्मण, क्षत्रिय, भूमिहार, कायस्थ और कोइरी सहित 30 जातियां गठबंधन वालों से अलग होने के कारण भाजपा के पीछे गोलबंद हो गई हैं। मतलब गठबंधन से भाजपा आगे है।

पिछले चुनावों का हाल
2014 के लोकसभा चुनाव में मनोज सिन्हा ने सपा प्रत्याशी शिवकन्या कुशवाहा को हराया था। मनोज सिन्हा के 3 लाख 6 हजार 929 मत थे। शिवकन्या को 2 लाख 74 हजार 447 मत मिले थे। इस प्रकार 32 हजार 452 मतों का अंतर जीत में रहा।  सपा के प्रत्याशी राधे मोहन सिंह ने 2009 में मौजूदा गठबंधन उम्मीदवार अफजाल अंसारी को हराया था। इस बार उनको पूरी उम्मीद थी कि वे सपा का प्रत्याशी बनकर चुनाव लड़ेंगे। लेकिन जब दोनों पार्टियों में गठबंधन हो गया तो उनके समर्थकों में मायूसी छा गई। गाजीपुर संसदीय सीट के अंतर्गत गाजीपुर, जमानिया, सैदपुर, जखनियां और जंगीपुर विधानसभा सीट आती हैं। इनमें दो भाजपा, दो सपा और एक राजभर वाली पार्टी के पास है।

विकास कार्य
मनोज सिन्हा ने जिले के विकास के लिए जितना कार्य किया है, वह सामने दिख रहा है। गाजीपुर को जल, नभ और थल यातायात से जोड़ दिया।
किसानों के लिए ऐसी व्यवस्था कर दी कि उनकी फसल सुरक्षित ढंग से विदेश जा रही है। उनकी आमदनी बढ़ी है। गाजीपुर के सांसद गहमरी ने 1963 में जिले की गरीबी की चर्चा लोकसभा में की थी। तब पटेल आयोग बना। उसने गंगा नदी पर पुल बनाने की संस्तुति की थी। वह रेल पुल 55 साल बाद नरेंद्र मोदी के शिलान्यास के बाद 40 फीसद बन गया है।

विकास की बात वे लोग भी मान रहे हैं जो भाजपा विरोधी हैं। भाजपा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने और गठबंधन से मायावती व अखिलेश यादव के चुनाव प्रचार करने से लड़ाई सीधी हो गई है। गाजीपुर के लोग मान रहे हैं कि कांग्रेस उम्मीदवार वोट कटवा के तौर पर लड़ रहे हैं। अपने राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे सपा, बसपा गठबंधन वाले अपने समर्थक मतदाताओं को ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं कि वह हर हाल में मतदान करें। भाजपा वाले भी करो या मरो की राह पर चल रहे हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App