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मोदी का प्रस्तावक बनने की खबर मिली तो सबसे पहले कुर्ता-पतलून सिलवाने भागे थे जगदीश, जानें किन हालात में रह रहे ‘डोम राजा

वाराणसी संसदीय सीट से डोम राजा जगदीश चौधरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावक बने थे। नामांकन के बाद वे दुबारा घाट पर लौट आए हैं। उन्हें उम्मीद है कि चुनाव के बाद भी डोमों को मिलने वाला महत्व खत्म नहीं होगा।

Author May 19, 2019 3:52 PM
एक कमरे के घर में पत्नी और बेटे, बेटी के साथ रहते हैं जगदीश। (एक्सप्रेस फोटोः आनंद सिंह)

वाराणसी से मणिकर्णिका और दशाश्वमेघ घाट से दूर संकरी दीवार पर पेंट की हुई गलियों से गुजरते हुए एक पुरानी से इमारत के पास पहुंचते हैं। इस पारंपरिक लकड़ी के दरवाजे वाली इमारत में आधे दर्जन से अधिक छोटे-छोटे कमरे हैं। इनमें से एक कमरे का दरवाजा गंगाजी की तरफ खुलता है।

दुनिया के पुराने शहरों में से एक इस शहर के इन घरों में कुछ आधुनिक दुनिया की फ्रिज और टीवी सेट जैसी सुविधाएं भी है। इमारत के भीतर 40 परिवार के साथ ही एक बैल और गाय भी है। इसी एक कमरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव डोम राजा जगदीश चौधरी का भी कमरा है। 49 वर्षीय चौधरी 26 अप्रैल के उस दिन को याद करते हैं जब पीएम के प्रस्तावक बने थे।

चौधरी का कहना है कि वह किसी राजनीतिक दल से संबंधित नहीं हैं और उन्हें आश्चर्य हुआ जब ‘किसी’ ने उन्हें पीएम का प्रस्तावक बनने की जानकारी दी। उन्होंने यह नहीं बताया कि उनके पास कौन आया था। यह सुनने के बाद ही वह सबसे पहले टेलर के पास कुर्ता-पायजाम सिलवाने के लिए भागे।

अब यह कपड़े कमरे में लकड़ी की अलमारी के भीतर रखे हुए हैं। एक कमरे में उनकी पत्नी और दो बच्चे रहते हैं। घर में जरूरत का जरूरी सामान मौजूद है। घर में एक मटका है जिसके बारे जगदीश कहते हैं कि वह फ्रिज की बजाय मटके का पानी पीना ही पसंद करते हैं। उनके घर के आंगन में शेर के दो बड़े स्टैच्यू बने है। जगदीश कहते हैं कि उन्हें नहीं पता कि यह किसने बनावाया। शायद यह उनके दादा के समय का बना हो जो उस समय डोम राजा हुआ करते थे।

जगदीश के परिवार में एलपीजी का प्रयोग नहीं होता है। उनका मानना है कि उनके घर में बने कुंड का खाना अधिक स्वादिष्ट होता है। पिता की मौत के बाद करीब 15 साल पहले डोम राजा बनने वाले सतीश चौधरी का कहना है कि हम बहुत साधारण सा जीवन जीते हैं। उन्होंने कहा, ‘यह मेरा पैतृक घर है। मैं बहुत पढ़ा नहीं हूं।

मृतकों के परिजनों से घाट पर एकत्रित तय प्रतिशत की राशि ही उनके परिवार की आय का एकमात्र स्रोत है।’ उनका कहना है कि उनके समुदाय ने बहुत संघर्ष किया है। उनके समुदाय से सिर्फ चार लोग ही सरकारी नौकरी हासिल कर पाए हैं।

मोदी को देंगे वोटः डोमराजा ने कहा कि वह पीएम मोदी को वोट देंगे। उन्होंने कहा, ‘पीएम मोदी ने जनहित में बहुत उल्लेखनीय पहल की है। उन्होंने हमारे देश को आतंकवाद से भी बचाया है। लोग पहले डोम को अंतिम संस्कार के समय ही याद करते थे। मुझे पहली बार गर्व महसूस हुआ।’ उन्होंने कहा कि हमारे समुदाय के महत्व को रेखांकित किया गया और यह प्रधानमंत्री ने किया। मैं उनसे आग्रह करूंगा की घाटों पर और सुविधाओं का विकास किया जाए। साथ ही हमारे समुदाय के वित्तीय और शैक्षिक रूप से सशक्तिकरण के लिए भी कुछ करें।

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