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एमपी चुनाव: वोटिंग से एक दिन पहले बीजेपी नेता की गाड़ी से मिला कैश, मौके से हो गए फरार

बीजेपी के वरिष्ठ नेता देवराज सिंह परिहार की गाड़ी से मंगलवार को 2.60 लाख रुपये बरामद किये गये। जानकारी के मुताबिक देवराज सिंह मौके पर मौजूद थे और वहां से फरार होने में कामयाब रहे।

Author November 27, 2018 5:38 PM
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटो सोर्स- एक्सप्रेस आर्काइव)

मध्य प्रदेश में मतदान से एक दिन पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता की गाड़ी से कैश बरामद किया गया है। देवराज सिंह परिहार की गाड़ी से मंगलवार को 2.60 लाख रुपये बरामद किये गये। जानकारी के मुताबिक बीजेपी नेता देवराज सिंह मौके पर मौजूद थे और वहां से फरार होने में कामयाब रहे। उनकी फरारी के बाद कांग्रेस ने पुलिस पर सत्तारूढ़ बीजेपी के दबाव में काम करने का आरोप लगाया और चक्का जाम कर दिया। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी के दबाव में पुलिस ने देवराज सिंह को भागने का मौका दिया।

अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) मान सिंह परमार ने बताया कि सांवेर विधानसभा क्षेत्र में हतुनिया फाटा पर परिहार की गाड़ी की तलाशी के दौरान उसमें 2.60 लाख रुपये मिले। गाड़ी में चुनाव प्रचार सामग्री भी मिली। परमार के मुताबिक पुलिस दल मौके पर जांच कर ही रहा था कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने परिहार की गाड़ी को घेर लिया और विरोध प्रदर्शन तथा चक्का जाम शुरू कर दिया। इससे सड़क पर दोनों ओर वाहनों की लम्बी कतारें लग गयीं।

एसडीओपी ने दावा किया कि भीड़ के हंगामे का फायदा उठाते हुए परिहार और उनका ड्राइवर मौके से गायब हो गये। उन्होंने बताया कि चुनावी आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन पर दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 188 (किसी सरकारी अधिकारी के आदेश की अवज्ञा) और अन्य संबद्ध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उनकी गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है। एसडीओपी ने बताया कि चक्का जाम के जरिये यातायात बाधित करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 141 (विधिविरुद्ध जमाव) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इस बीच, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनावों के मतदान से पहले परिहार मतदाताओं को बांटने के लिये नकदी ले जा रहे थे, ताकि उन्हें भाजपा के पक्ष में अनैतिक रूप से लुभाया जा सके। शुक्ला ने कहा, “जिस तरह से परिहार और उनके चालक को मौके से फरार होने दिया गया, उससे साफ है कि पुलिस चुनावों के दौरान भी सत्तारूढ़ भाजपा के इशारे पर काम कर रही है।” उन्होंने मांग की कि निर्वाचन आयोग को दोषी अधिकारियों के खिलाफ फौरन उचित कदम उठाने चाहिये, ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संपन्न हो सकें।

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