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Lok Sabha Election 2019: एक झटके में 44 कंपनियों की गोटी लाल

Lok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): जबसे लोकसभा चुनाव शुरू हुए, यानी 11 अप्रैल से शेयर बाजार अक्सर लुढ़का। घरेलू पूंजी बाजार से विदेशी संस्थागत निवेशकों के निकलने का सिलसिला बढ़ गया। पहले दो चरण के चुनाव के बाद निवेशकों ने 1255 करोड़ रुपए दो और तीन मई को निकाले।

Author May 21, 2019 4:02 AM
पहले दो चरण के चुनाव के बाद निवेशकों ने 1255 करोड़ रुपए दो और तीन मई को निकाले।

Lok Sabha Election 2019: नतीजा पूर्व सर्वे के बाद एक झटके में 44 भारतीय कंपनियों की गोटी लाल हो गई है। शेयर बाजार जब शुक्रवार को बंद हुआ, तब इन सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 1,46,58,710 करोड़ रुपए था। सोमवार को बाजार खुला तो जबरदस्त उछाल देखा गया और तीन सत्रों में घरेलू कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 5.39 लाख करोड़ रुपए बढ़ गया। शेयर बाजार बूम में इन बड़ी कंपनियों की पूंजी 3.18 लाख करोड़ बढ़ गई।

जबसे लोकसभा चुनाव शुरू हुए, यानी 11 अप्रैल से शेयर बाजार अक्सर लुढ़का। घरेलू पूंजी बाजार से विदेशी संस्थागत निवेशकों के निकलने का सिलसिला बढ़ गया। पहले दो चरण के चुनाव के बाद निवेशकों ने 1255 करोड़ रुपए दो और तीन मई को निकाले। बाद के दिनों में हुई निकासी मिलाकर कुल 6399 करोड़ रुपए खींच लिए। चुनावी अनिश्चितता और अमेरिका-चीन कारोबार युद्ध की वजह से निवेशकों ने यह कदम उठाया।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में सोमवार को कारोबार के दौरान अदानी समूह का शेयर अदानी एंटरप्राइजेज बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले शेयरों में रहा। अदानी पोर्ट्स ऐंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन, अदानी पावर, अदानी ट्रांसमिशन, अदानी ग्रीन एनर्जी, अदानी गैस, बजाज फाइनेंस, डीसीबी बैंक, फेडरल बैंक, एचडीएफसी बैंक, आइसीआईसीआई बैंक, एसआरएफ, टाइटन, कोटक महिंद्रा, पीवीआर, एलएंडटी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, रिलायंस कॉम्युनिकेशंस एवं रिलायंस समूह की कई अन्य कंपनियों, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस आदि के शेयरों में तगड़ा उछाल रहा।

शेयर बाजार में फरवरी, मार्च और अप्रैल में जमकर विदेशी निवेश हुआ था। फरवरी में 11,182 करोड़, मार्च में 45,981 करोड़ और अप्रैल में 16,093 करोड़ रुपए का निवेश इक्विटी और डेब्ट मार्केट में किया गया था। वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों की उदारवादी नीतियों के कारण भारत में विदेशी पूंजी निवेश पर्याप्त रूप से हो रहा था। घरेलू पूंजी बाजार इसकी वजह से सशक्त बना हुआ था। चुनाव शुरू होने के पहले तक विदेशी निवेशकों ने बैंकिंग, फाइनेंशियल सविर्सेज, इंश्योरेंस सेक्टर के साथ कच्चे और गैस से जुड़े कारोबार में काफी रुचि दिखाई थी।
उछाल का आधार क्या

राजग सरकार के दोबारा सत्ता में आने की संभावना देख शेयर बाजार बूम कर गया। बाजार के जानकारों का कहना है कि निवेशकों को उम्मीद है कि राजग के सत्ता में बने रहने से आर्थिक सुधारों की गति बनी रहेगी और जिन कार्यों को शुरू किया गया है उन्हें और तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। एमके वेल्थ मैनेजमेंट के प्रमुख जोसफ थॉमस कहते हैं कि शेयर बाजार ने नई सरकार से निर्णायक नीतिगत पहल की उम्मीद लगा रखी है। उनके मुताबिक, रिजर्व बैंक की कर्ज नीति और कर नीति में बदलाव की उम्मीद लगाई गई है।

इनमें गिरावट
बीएसई पर बजाज आॅटो के शेयर में सर्वाधिक 2.12 फीसद, इंफोसिस में 0.97 फीसद, टीसीएस में 0.21 फीसद और एचसीएल टेक में 0.02 फीसद की गिरावट दर्ज की गई।

किसको कितना फायदा
’ सोमवार को अदानी समूह के शेयरों में 13.62 फीसद तक का उछाल आया। अदानी समूह का शेयर अदानी एंटरप्राइजेज बाजार के बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले शेयरों में रहा।
’ बीएसई में अदानी एंटरप्राइजेज के शेयर 13. 62 फीसद तक बढ़कर 135 रुपए तक पहुंच गए। अदानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन के शेयर 5.29 फीसद बढ़े, अदानी पॉवर के शेयर 11.22 फीसद, अदानी ट्रांसमिशन के शेयर 6.19 फीसद, अदानी ग्रीन एनर्जी के शेयर 11.76 फीसद, अदानी गैस के शेयर 12 फीसद बढ़ गए।
’रिलायंस एडीएजी समूह के शेयर 12 फीसद तक उछल गए। इनमें रिलायंस पॉवर के शेयर 11.72 फीसद, रिलायंस निप्पन लाइफ एसेट मैनेजमेंट के 9.96 फीसद, रिलायंस कैपिटल के 9.26 फीसद तक बढ़ गए।
’ बीएसई पर 44 कंपनियों के शेयरों ने 52 सप्ताह के उच्च स्तर को छू गया। इनमें बजाज फाइनेंस, डीसीबी बैंक, फेडरल बैंक, एचडीएफसी बैंक, आइसीआईसीआई बैंक, एसआरएफ, टाइटन, कोटक महिंद्रा तथा पीवीआर शामिल हैं। एसबीआइ के शेयर 4.44 फीसद, आइसीआइसीआइ बैंक के 4.25 फीसद, इंडसइंड बैंक के 3.51 फीसद उछले।

जानकारों का कहना है

अब जबकि, एक दिन में घरेलू शीर्ष कंपनियों ने अपना पूंजी बढ़ाने में जबरदस्त कामयाबी हासिल की है, जानकारों का मानना है कि चुनाव नतीजे आने के बाद बाजार में ज्यादा उथल-पुथल नहीं होना है। शेयर बाजार में 10 फीसद से ज्यादा के उतार-चढ़ाव की गुंजाइश नहीं रहेगी। शेयर बाजार की आज की चाल को लेकर एडलवाइस प्रोफेशनल इंवेस्टर रिसर्च का कहना है कि अगर राजग की सत्ता में वापसी होती है तो निफ्टी 10 फीसद की उछाल के साथ 12,500 के आसपास का स्तर छू सकता है। अगर कांग्रेस-भाजपा से इतर थर्ड फ्रंट के पक्ष में फैसला आता है तो सेंसेक्स और निफ्टी में 10 से 12 फीसद की गिरावट आ सकती है। तब निफ्टी 10,000 के स्तर के नीचे जा सकता है। कांग्रेस की सरकार बनने पर भी बाजार का सकारात्मक रवैया देखने को मिल सकता है। वैल्युक्वेस्ट इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स के प्रमुख रवि धरमशी के मुताबिक, लोग आर्थिक सुस्ती के कारण परेशान हैं। उनकी सोच बिगड़े को संभालने की होनी चाहिए, न कि उत्साह में आकर कुछ और बिगाड़ लेने की।

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