Congress Sure About His Govt in manipur Assembly Polls - Jansatta
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मणिपुर विधानसभा चुनाव: कांग्रेस अपनी चौथी पारी को लेकर आश्वस्त

मणिपुर विधानसभा की 60 सीटों के लिए दो चरणों में चार और आठ मार्च को मतदान होगा।

Author इंफाल | February 20, 2017 6:45 PM
मणिपुर विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन पर्चा भरते मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह। (पीटीआई फोटो/16 फरवरी, 2017)

मणिपुर में जारी आर्थिक नाकेबंदी और क्षेत्रीय अखंडता को लेकर लोगों की आशंकाओं के बीच कांग्रेस राज्य में लगातार चौथी बार सत्ता में आने को लेकर आश्वस्त है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता के एच जॉयकिशन ने बताया, ‘हम राज्य में दो तिहाई बहुमत से जीतेंगे। लोगों को भाजपा की रणनीति बहुत अच्छे से समझ में आ चुकी है। इस नाकेबंदी का आह्वान करने वालों से वह मिली हुई है और मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा है।’ मणिपुर विधानसभा की 60 सीटों के लिए दो चरणों में चार और आठ मार्च को मतदान होगा।

ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह के नेतृत्व में पार्टी अपने डेढ़ दशक के शासन को लेकर सत्ता विरोधी लहर का बोझ काफी हद तक उतार चुकी है। इस दौरान हालांकि उसपर फर्जी मुठभेड़, भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप भी लगे। पार्टी ने आर्थिक नाकेबंदी और क्षेत्रीय अखंडता को खतरा को अहम चुनावी मुद्दा बनाया है। पिछले साल जून में राज्य में भाजपा के एक बार फिर अपना पांव जमाने की कोशिश के दौरान कई कांग्रेसी नेताओं ने उसका दामन थामा था। ऐसा लगता था कि 2017 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को उससे कड़ी टक्कर मिलने वाली है।

लेकिन मौजूदा जिलों को विभाजित कर और सदर हिल्स जिले को पूर्ण जिला बनाने के फैसले के एलान के साथ इबोबी सिंह सरकार ने भाजपा के लिए बाजी ही पलट दी और एक तीर से तीन निशाने साध लिए। सदर हिल्स को पूर्ण जिले का दर्जा देकर उन्होंने पहाड़ी आदिवासियों को आंशिक रूप से बांट दिया तो वहीं संयुक्त नगा परिषद की आर्थिक नाकेबंदी से भी कांग्रेस को ही फायदा पहुंचा है और इसके साथ ही प्रभावी मैती (मणिपुरी) समुदाय के तीन महीने से जारी आर्थिक नाकेबंदी को लेकर गुस्से का फायदा भी उसे मिलने की उम्मीद है।

कांग्रेस बार-बार भाजपा पर आरोप लगाती रही है कि भाजपा की नगाओं के साथ साठगांठ है और केंद्र एनएससीएन (आईएम) के साथ हुए समझौते के खाके की जानकारी भी जारी नहीं कर रहा। कांग्रेस भाजपा पर ये भी आरोप लगाती रही है कि वो (भाजपा) मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता से भी समझौता कर सकती है।

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