Mamata Banerjee on Exit Polls: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग के बाद आए एग्जिट पोल्स की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने यह दावा भी किया कि बीजेपी को एग्जिट पोल्स में जीत दिखाकर शेयर मार्केट में हेरफेर करने की कोशिश की जाएगी।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता ने एग्जिट पोल्स को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में टीएमसी इस बार के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस 200 से ज़्यादा सीटें जीतने जा रही है। बता दें कि दीदी वोटों की काउंटिंग से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं को वर्चुअली संबोधित करते हुए उन्हें ज़मीनी स्तर पर लगातार संघर्ष करने के लिए बधाई दी।

शेयर बाजार में हेरफेर का लगाया आरोप

ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार करने के लिए कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि टीएमसी चुनाव जरूर जीतेगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि एग्जिट पोल का इस्तेमाल शेयर बाज़ार के व्यवहार को प्रभावित करने के एक ज़रिया के तौर पर किया जा रहा है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “एग्जिट पोल स्टॉक मार्केट में हेरफेर करने की एक कोशिश के अलावा और कुछ नहीं हैं। उन्होंने 2021, 2024 और अब भी ऐसा ही किया है।”

अभिषेक बनर्जी ने BJP और मीडिया पर लगाया आरोप

मतगणना से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं को वर्चुअली ममता के संबोधन के बाद डायमंड हार्बर के लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी उनकी बातों का समर्थन किया। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी मतदाताओं, विशेषकर महिलाओं को डराने-धमकाने के लिए केंद्रीय बलों का इस्तेमाल कर रही है।

लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी और उसके नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे हर गांव और गली में गए महिलाओं पर हमला किया और बच्चों को भी नहीं बख्शा। मीडिया का एक खास वर्ग भी उनकी मदद कर रहा है।

एग्जिट पोल्स क्या बता रहे?

एजेंसीTMCBJPअन्य
मैट्रिज125–140146–1616–10
चाणक्य स्ट्रैटेजी130–140150–1600–5
पीपुल्स पल्स177–18795–1101–4
पोल डायरी99–127142–1715–9
प्रजा पोल85–110178–2080–5
पी मार्क118–138150–1750–0

Explained: स्ट्रॉन्ग रूम में EVM की सुरक्षा को लेकर फिर गरमाई राजनीति

पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान संपन्न हो गए हैं। 4 मई को नतीजे घोषित होंगे। पिछले कुछ सालों से चुनावों में मतदान खत्म होते ही इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर राजनीतिक पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो जाता है। राजनीतिक पार्टियों की तरफ से ईवीएम के साथ-साथ स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा और विश्वसनीयता को लेकर भी सवाल खड़े किए जाते हैं। पढ़िए पूरी खबर…