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सत्ता समर: मंदी, बेरोजगारी और घोटालों को मुद्दा बनाने में जुटी कांग्रेस

सियासी जानकारों का कहना है कि महाराष्ट्र विधानसभा के इस चुनाव में सत्ता पक्ष या विपक्ष कोई भी विकास की बात नहीं कर रहा है।

Author Updated: October 16, 2019 4:39 AM
सत्ता पक्ष महाराष्ट्र के रथ पर सवार है तो विपक्ष के पास भी स्थानीय से ज्यादा राष्ट्रीय मुद्दे हैं। (फोटो सोर्स -इंडियन एक्सप्रेस)

महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव में इस बार विकास का मुद्दा सिरे से गायब है। सत्तारुढ़ भाजपा के नेता जहां जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने और तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाने जैसे मुद्दे उछालकर सूबे के चुनाव माहौल में राष्ट्रवाद का रंग घोलने में जुटे हैं तो कांग्रेस ने किसानों की आत्महत्या, आर्थिक मंदी और बेरोजगारी को अपना प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाकर सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति अपनाई है। पंजाब एंड महाराष्ट्र कोआपरेटिव बैंक घोटाले के तौर पर कांग्रेस को को ऐन चुनावी वक्त पर एक अहम चुनावी मुद्दा हाथ लगा है और पार्टी जाहिर तौर पर इसको जोर-शोर से उठा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलगांव की एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस-राकांपा गठबंधन को चुनौती दी कि यदि विपक्ष में हिम्मत है तो वह अपने चुनाव घोषणा पत्र में यह वादा करके दिखाए कि वह जम्मू-कश्मीर में फिर से अनुच्छेद 370 को बहाल कर देंगे। पार्टी के दूसरे बड़े नेता भी इस मुद्दे पर लगातार बोल रहे हैं और राज्य सरकार की उपलब्धियों की जगह केंद्र सरकार के कामकाज पर वोट मांग रहे हैं।

दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र की अपनी एक चुनावी रैली में कहा कि देश के करोड़ों नौजवान बेरोजगार घूम रहे हैं और भाजपा की अगुआई वाली सरकार चांद की बात कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की वजह से न केवल महाराष्ट्र, बल्कि समूचे देश में उद्योग धंधे बंद हो रहे हैं जिससे बेरोजगारी लगातार पांव पसार रही है।

सियासी जानकारों का कहना है कि महाराष्ट्र विधानसभा के इस चुनाव में सत्ता पक्ष या विपक्ष कोई भी विकास की बात नहीं कर रहा है। सत्ता पक्ष महाराष्ट्र के रथ पर सवार है तो विपक्ष के पास भी स्थानीय से ज्यादा राष्ट्रीय मुद्दे हैं। जाहिर तौर पर यहां पर आर्थिक मुद्दों की बेहद अहमियत है। अर्थव्यवस्था की मंदी से शेयर बाजाद के उतार चढ़ाव का यदि सबसे ज्यादा असर कहीं दिखता है तो यहीं दिखता है।

बेरोजगारी का मुद्दा भी लाजिमी तौर पर यहां अहम है। यही वजह है कि कांग्रेस-राकांपा गठबंधन ने इन तमाम मुद्दों को पूरे दमखम से उठाना शुरू कर दिया है। पार्टी नेता राहुल गांधी से लेकर दिल्ली से पहुंचने वाले अन्य तमाम वरिष्ठ नेता और स्थानीय नेताओं ने भी आर्थिक मुद्दों को ही चुनावी मुद्दा बना रखा है।
पंजाब एंड महाराष्ट्र बैंक घोटाले को भी कांग्रेस ने महाराष्ट्र में अपना प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया है। इससे प्रभावित लोगों की कहानियां जमकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं और आम जनता में इसका असर भी दिख रहा है।

बहुत बड़ी संख्या में लोग बैंक में हुई गड़बड़ी से प्रभावित हैं और इससे उनमें भारी नाराजगी है। कांग्रेस ने सूबे में किसानों की दुर्दशा को भी अपना चुनावी मुद्दा बना रखा है। प्रदेश में बीते कुछ वर्षों में हजारों की संख्या में किसानों ने आत्महत्याएं की हैं और कांग्रेस-राकांपा गठबंधन इस मुद्दे को लेकर भी सरकार को घेरने में पूरी ताकत लगा रहा है।

अजय पांडेय, नई दिल्ली

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