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मध्य प्रदेश: संघ के सर्वे ने उड़ाई भाजपा की नींद, सीएम हाउस में पांच घंटे चली बैठक, टिकट काटने पर चर्चा 

मध्य प्रदेश में कुल 230 विधान सभा सीट हैं। 2013 के चुनावों में भाजपा को 165 सीटों पर जीत मिली थी।

मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान। (express file photo)

मध्य प्रदेश में चौथी बार सरकार बनाने की कोशिश में हाथ-पैर मार रही भाजपा की नींद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के एक सर्वे ने उड़ा कर रख दी है। दरअसल, संघ ने भाजपा के मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन और अन्य सीटों पर पार्टी की स्थिति को लेकर एक सर्वे किया है। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक संघ ने कई मौजूदा विधायकों की स्थिति खस्ता हाल बताई है और उन सीटों पर पत्याशी बदलने की सिफारिश की है। ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी ऐसे विधायकों का टिकट काट सकती है। सर्वे में खस्ता हाल बताए गए विधायकों और विधान सभा सीटों पर मंथन के लिए बुधवार (17 अक्टूबर) को भोपाल में सीएम शिवराज सिंह चौहान के आवास पर पार्टी नेताओं ने करीब पांच घंटे से ज्यादा समय तक मंथन किया। इस बैठक में सीएम के अलावा केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेश प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे, प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह समेत प्रदेश संगठन मंत्री सुहास भगत भी शामिल हुए।

बता दें कि दो दिन पहले भी संघ के पदाधिकारियों के साथ पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने बैठक की थी। इस बैठक के बाद पार्टी संघ के दिशा निर्देश के अनुसार काम कर रही है। संघ के सर्वे में भी शिवराज सरकार के खिलाफ एंटी इनकम्बेंसी फैक्टर पाया गया है जो इतने लंबे शासनकाल के बाद सामान्य है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक भाजपा मौजूदा 70 से 80 विधायकों का टिकट काट सकती है। वैसे भी भाजपा कई राज्यों में विधानसभा चुनावों में इस फार्मूले को अपनाती रही है। गुजरात और छत्तीसगढ़ में भाजपा अक्सर 20-30 फीसदी सीटिंग विधायकों का टिकट काटती रही है।

मध्य प्रदेश में कुल 230 विधान सभा सीट हैं। 2013 के चुनावों में भाजपा को 165 सीटों पर जीत मिली थी। माना जा रहा है कि दशहरा के बाद 20 अक्टूबर से पार्टी उम्मीदवारों के चयन और उसके एलान पर फोकस करेगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक 27-28 अक्टूबर से उम्मीदवारों की लिस्ट आनी शुरू हो सकती है। राज्य में 28 नवंबर को एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे। वोटों की गिनती 11 दिसंबर को होगी।

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