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कोर्टरूम में सीएम के बेटे से बोले जज- मोबाइल मत दिखाओ, हो जाएगा जब्त

कार्तिकेय ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने पुणे में रहकर बीए एलएलबी की पढ़ाई की है। बतौर कार्तिकेय वो कॉलेज में छात्रसंघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और खाली समय मिलने पर बुधनी जाकर इलाके में फूलों की खेती और समाजसेवा करते हैं।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी पत्नी साधना सिंह और बेटे कार्तिकेय के साथ। फोटो- फेसबुक/kartikeysingh.chauhan

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह शनिवार (03 नवंबर) को भोपाल की अदालत में पेश हुए थे। वहां उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि केस में अपना बयान दर्ज कराया। इस दौरान उन्होंने कोर्टरूम में अपने पैंट से मोबाइल निकालकर विशेष न्यायाधीश सुरेश सिंह को कुछ बताने की कोशिश की तो जज ने उन्हें मोबाइल निकालने से रोक दिया। जज ने कहा, “मोबाइल मत दिखाओ नहीं तो जब्त हो जाएगा।” दरअसल, जज सुरेश सिंह ने कार्तिकेय से चार सवाल पूछे थे। इसी दौरान सबका जवाब देते हुए कार्तिकेय ने अखबारों में छपी रिपोर्ट जज को दिखानी चाही लेकिन उन्हें मना कर दिया गया। जज से मना करने के बात कार्तिकेय ने फौरन मोबाइल जेब में रख लिया। मामले की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी।

कार्तिकेय ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने पुणे में रहकर बीए एलएलबी की पढ़ाई की है। बतौर कार्तिकेय वो कॉलेज में छात्रसंघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और खाली समय मिलने पर बुधनी जाकर इलाके में फूलों की खेती और समाजसेवा करते हैं। बता दें कि कार्तिकेय के पिता शिवराज सिंह चौहान साल 2005 से लगातार राज्य के मुख्यमंत्री हैं। कार्तिकेय ने कहा कि राहुल गांधी अपने झूठे आरोपों के लिए माफी मांगें या अदालती कार्यवाही का सामना करें।

बता दें कि राहुल गांधी ने पिछले दिनों एक जनसभा में कहा था कि एमपी के सीएम और उनके बेटे का नाम पनामा पेपर लीक मामले में है। हालांकि विवाद बढ़ने पर राहुल गांधी ने सफाई दी कि वो कन्फ्यूज हो गए थे। वो छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह और उनके बेटे के बारे में बात कर रहे थे। कार्तिकेय ने कहा कि चूंकि राहुल गांधी ने अपने बयान के दूसरे दिन कन्फ्यूजन की बात कही और मेरे पिता के बारे में साफ किया कि उनका नाम पनामा पेपर लीक में शामिल नहीं है लेकिन उन्होंने उनका नाम नहीं लिया। इसलिए उन्होंने मुकदमा किया है।

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