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Madhya Pradesh Election: बागी बिगाड़ सकते हैं बीजेपी का खेल, कटा टिकट तो मंत्री-MLA ने दिखाए तेवर

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावओं में सीटों के बंटवारे के बाद बागियों की लिस्ट लंबी होती जा रही है। बीजेपी ने इस बार विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे के दौरान 5 मंत्रियों और 54 विधायकों के टिकट काटे हैं।

तस्वीर का प्रयोग प्रतीक के तौर पर किया गया है। (फोटो सोर्स- पीटीआई)

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे के बाद बागियों की लिस्ट लंबी होती जा रही है। इससे सबसे अधिक परेशान राज्य में सरकार चला रही बीजेपी है। बीजेपी ने इस बार विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे के दौरान 5 मंत्रियों और 54 विधायकों के टिकट काटे हैं। एंटी-इंकंबेंसी से बचने के लिए बीजेपी ने नए चेहरों को भी मौका दिया है। कुछ के टिकट बदले हैं और बाहर से लाए प्रत्याशियों को भी सीट देने की कोशिश की है। इस कड़ी में उसके अपने मंत्री- विधायक आवाज उठा रहे हैं। नए चेहरों की बात करें तो बीजेपी ने इस बार 100 नए चेहरे उतारे हैं।

टिकट कटते ही बदली पार्टी, बीजेपी होगी परेशानः बीजेपी से टिकट कटते ही कई विधायकों ने तुरंत पाला बदल लिया। इसमें पहला नाम सरताज सिंह का है। बीजेपी से टिकट कटने की जानकारी लगते ही वे कांग्रेस के संपर्क में आ गए और शाम होते-होते कांग्रेस के प्रत्याशी बन गए। अब वे बीजेपी के खिलाफ होशंगाबाद से चुनाव लड़ेंगे। पूर्व गृह राज्य मंत्री जगदीश मुवेल और कालू सिंह ठाकुर को भी पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो वे दूसरी पार्टी में चले गए। दोनों ने शिवसेना का साथ अपना लिया और विधानसभा में वे अब शिवसेना से चुनाव भी लड़ेंगे। जानकारी के मुताबिक, दोनों की शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से मुलाकात भी हुई है। मुवेल उमा भारती की सरकार में राज्य के गृह राज्यमंत्री थे।

बुंदेलखंड वाले इलाके में अच्छा खासा प्रभाव रखने वाले पूर्व मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया भी टिकट कटने के बाद बागी हो गए हैं। उन्होंने दमोह और पथरिया विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भी भर दिया है। इसी तरह जबेरा विधानसभा सीट पर भी बीजेपी नेता राघवेंद्र सिंह बागी हो गए हैं. उन्होंने भी निर्दलय प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन कर लिया है।

इन मंत्रियों के टिकट कटेः बीजेपी ने इस बार चुनाव के दौरान माया सिंह, हर्ष सिंह, सूर्य प्रकाश मीणा और कुसुम महदेले के टिकट काट दिए।

खतरे में पड़ सकती है मंत्री की सीटः इस बीच जबलपुर में टिकट कटने से भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अक्ष्यक्ष धीरज पटेरिया भी निर्दलीय हो गए हैं। उन्होंने साफ कहा, ”मैंने 30 साल तक पार्टी की सेवा की। उत्तर-मध्य से प्रत्याशी बदलने की मांग थी, लेकिन पार्टी ने इसकी अनदेखी की। ” अगर धीरज नहीं माने तो यहां से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे मंत्री शरद जैन की सीट खतरे में पड़ सकती है। बता दें कि यहां कुछ स्थानीय नेताओं ने शरद जैन का टिकट कटने का माहौल बनाया था लेकिन आखिरी वक्त में जैन को टिकट मिल गया। इससे पार्टी में ही एक बड़ा वर्ग इससे नाराज है।

नरेंद्र तोमर के ट्वीट पर कुसुम महदेले का जवाब- ये कैसी बीजेपी है?: टिकट कटने के बाद मंत्री कुसुम महदेले ने बीजेपी पर निशाना साथा है। उन्होंने पहली बार सोशल मीडिया में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पर निशाना साधते हुए पूछा है कि भला ये कैसी बीजेपी है? बता दें कि 75 वर्ष की हो चुकी मेहदेले का टिकट काटने के पीछे उनकी उम्र का फैक्टर बताया जा रहा है।

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