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Loksabha election 2019: पाक से आए हिंदू शरणार्थियों में मोदी का क्रेज, नागरिकता मिलने के बाद पहली बार डालेंगे वोट

'हम लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने हमारे लिए बहुत कुछ किया है। उन्होंने हमें यहां की नागरिकता दिलवाई और रोजगार दिलवाए। हम कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का समर्थन नहीं करेंगे।'

पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थी। (फोटो: इंडियन एक्सप्रेस)

Loksabha election 2019: गुजरात में रह रहे लगभग 600 हिंदू शरणार्थी भारतीय नागरिकता मिलने के बाद पहली बार वोट डालेंगे। पाकिस्तान से आए इन शरणार्थियों को 2015 के बाद से ही नागरिकता प्रदान की गई है। इन शरणार्थियों ने मोदी सरकार के प्रति क्रेज नजर आ रहा है और खुलकर उनका समर्थन करते नजर आ रहे हैं। बता दें कि 2016 में केंद्र सरकार ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक समुदायों- हिंदुओं और सिखों को नागरिकता जारी करने की प्रक्रिया का विकेंद्रीकरण किया था।

2007 तक पाकिस्तान के कराची में रहने वाले राजकोट के निवासी धानजी बागरा ने कहा है कि वह लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने हमारे लिए बहुत कुछ किया है। उन्होंने हमें यहां की नागरिकता दिलवाई और रोजगार दिलवाए। हम कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का समर्थन नहीं करेंगे क्योंकि उन्होंने हमारे लिए कुछ नहीं किया है। बल्कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तो हमें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। हालात ऐसे आ गए थे कि हम यहां से कहीं और जाने पर विचार कर रहे थे।’

पेशे से मोची बागरा अपनी पत्नी और बच्चों के साथ 2007 से राजकोट में रह रहे हैं लेकिन उन्हें इस साल मार्च में ही वोटर आईडी कार्ड दिए गए हैं। राज्य में अब 23 अप्रैल को मतदान होंगे।बागरा ने आगे बताया ‘मैं कराची में अपने परिवार का भरण-पोषण आसानी से कर सकता था लेकिन वहां पर हमें खतरा था। एक बार जब हमारे घर को हथियार से लैस गुंडों ने लूटा तो मेरी मां जिनका जन्म गुजरात के कच्छ में हुआ था उन्होंने मुझे भारत लौटने को कहा।’

बागरा अब राजकोट के भागवाती पारा के पास फुट ओवर ब्रिज पर जूतों को ठीक करने का काम करते हैं। और परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। उन्होंने आगे बताया ‘जब हम भारत आए तो हमें लॉन्ग टर्म वीजा (एलटीवी) दिया गया था। हमें रोजगार की तलाश थी लेकिन जब हम किसी को भी यह बताते थे कि हम पाकिस्तान से आए हैं तो कोई हमें नौकरी पर नहीं रखता था। हमारे पास भारत की सिर्फ एक पहचान थी कि हम महेश्वरी समुदाय से हैं।’

एक और हिंदू शरणार्थी ने मोदी सरकार का खुलकर समर्थन किया। 52 वर्षीय नंदलाल मेघनानी ने कहा कि उनका वोट सिर्फ भाजपा को ही जाएगा। सिंध प्रांत के इस्लामकोट से गुजरात आए नंदलाल ने कहा कि सिर्फ मोदी ने ही हमारी आवाज सुनी। वर्ना हमें भारतीय नागरिकता मिलने में कम से कम 15-20 साल और लग जाते।’

अहमदाबाद के वाटवा में रहने वाले कृष्ण महेशवरी और उनकी पत्नी मिरान को पिछले साल दिसंबर में नागरिकता दी गई। इस दंपत्ति ने कहा कि वह अपने समुदाय के नेताओं से पूछकर ही अपना वोट देंगे। हालांकि हमें अभी तक वोटर कार्ड तो हासिल नहीं हुए हैं लेकिन हमारा इरादा साफ है।’

मणिनगर के 21 वर्षीय पृथ्वी महेशवरी ने कहा कि उन्हें अभीतक वोटर कार्ड नहीं मिला है। मैंने फरवरी में इसके लिए अप्लाई किया था लेकिन मुझे अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है। अभी भी ऐसे कई लोग हैं जो अपने वोटर कार्ड का इंतजार कर रह हैं।

वोटर कार्ड बनने में इतना समय क्यों लग रहा है? इस पर अहमदाबाद के अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी चेतन गांधी कहते हैं, “हमारे विशेष पंजीकरण अभियान के दौरान स्कूलों में पंजीकरण कराने वालों का डेटा तुरंत दर्ज करना संभव नहीं है। पिछले साल 15 अक्टूबर तक हमारा पहला पंजीकरण हुआ था और 31 जनवरी को मतदाता सूची जारी की गई थी। 25 मार्च को आवेदन की अंतिम तिथि के साथ एक दूसरा अभियान शुरू किया गया था। हम इसपर लगातार काम कर रहे हैं।’

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