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Lok Sabha Election 2019: चुनाव आयोग ने पीएम मोदी से जुड़ी वेब सीरीज पर लगाई रोक, सभी एपिसोड हटाने का आदेश

Lok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): आयोग ने मोदी पर बनी फिल्म पर प्रतिबंध लगाने के 10 अप्रैल के आदेश का हवाला देते हुए वेब सीरीज "मोदी-जर्नी ऑफ अ कॉमन मैन" नामक वेब सीरिज पर भी ऐसी ही रोक लगाने का निर्देश दिया।

चुनावा आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर बने वेब सीरीज पर रोक लगाई। (फाइल फोटो)

Lok Sabha Election 2019: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बने बायोपिक के रिलीज पर रोक लगाने के कुछ दिनों बाद शनिवार (20 अप्रैल) को चुनाव आयोग ने ‘इरोज नाऊ’ को पीएम मोदी जिंदगी पर बनी वेब सीरीज के ऑनलाइन स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। ‘मोदी- द जर्नी ऑफ से कॉमन मैन’ के नाम से एक वेब सीरीज 3 अप्रैल को रिलीज किया गया था। अब तक इसके पांच एपिसोड जारी हो चुके हैं। इस वेब सीरीज का निर्देशन ओह माई गॉड:OMG के उमेश शुक्ला ने किया और महेश ठाकुर पीएम मोदी के किरदार में नजर आए।

चुनाव आयोग ने इरोज नाऊ को आगे की स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने के साथ-साथ, रिलीज किए जा चुके एपिसोड को हटाने का भी आदेश दिया है। चुनाव आयोग ने कहा, “स्वीकार्य तथ्यों और उपलब्ध सामग्री के मद्देनजर यह वेब सीरीज प्रधानमंत्री, राजनीतिक नेता और लोकसभा के मौजूदा चुनावों में उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर एक मूल वेब श्रृंखला है, जिसका प्रदर्शन नहीं किया जा सकता।”

पिछले सप्ताह, दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) ने आयोग को लिखित में कहा था कि वेब सीरीज मीडिया सर्टिफिकेशन और मॉनिटरिंग कमेटी (MCMC) से किसी भी सर्टिफिकेट के बिना ऑनलाइन स्ट्रीमिंग कर रही थी। चुनाव अधिकारी ने इरोज नाऊ के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा था।

बता दें कि विवेक ओबराय के अभिनय वाली पीएम मोदी पर बनी बायोपिक के रिलीज पर भी चुनाव खत्म होने तक रोक लगा दी है। इस फिल्म का निर्देशन उमंग कुमार द्वारा किया गया है। पहले यह फिल्म 12 अप्रैल को रिलीज होनी थी। यहां यह भी बता दें कि यह बैन सिर्फ बायोपिक और सीरीज के रिलीज पर ही नहीं, बल्कि इसके पोस्टर दिखाने और उससे संबंधी प्रचार सामग्री पर भी लागू है। किसी भी प्रिंट या इलेक्ट्रोनिक मीडिया में इससे संबंधित सामग्री नहीं दिखाई जा सकती है।

चुनाव आयोग ने बीते 11 अप्रैल को NaMo टीवी से सभी कंटेंट को तत्काल हटाने का आदेश दिया था क्योंकि इसके पास पहले से कोई सर्टिफिकेशन नहीं था। यह आदेश तब आया जब चुनाव आयोग ने पाया कि चैनल को भाजपा द्वारा प्रायोजित किया जा रहा है।

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