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Lok Sabha Election 2019: विपक्ष का हर नेता मोदी को हराना चाहता है, पर चुनाव लड़ने का दम किसी में नहीं- क्षेत्रीय क्षत्रपों पर शाह का निशाना

Lok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): अमित शाह ने कहा कि बसपा प्रमुख चुनाव लड़ना नहीं चाहतीं, लेकिन मोदी को हटाना उनका उद्देश्य है। यही स्थिति अखिलेश यादव, शरद पवार और ममता बनर्जी की भी है।

Author March 24, 2019 10:35 PM
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह। (Photo: PTI)

Lok Sabha Election 2019: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने विपक्षी नेताओं खासकर क्षेत्रीय क्षत्रपों पर निशाना साधते हुए कहा है कि हर कोई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हराना चाहता है और उसके लिए गठबंधन करने से लेकर लंबे-चौड़े वादे कर रहा है लेकिन उनमें से किसी में चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं है। आगरा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शहा ने कहा, “मायावती हों या ममता बनर्जी, शरद पवार हों या स्टालिन, महागठबंधन के नेता मोदी को हटाने की बात करते हैं लेकिन जब इनसे पूछो कि चुनाव कहाँ से लड़ोगे तो हाथ खड़े कर लेते हैं।” उन्होंने कहा, “यह मोदी जी से हार का डर है। इनमें चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं है और मोदी को हटाने का सपने देख रहे हैं!”

शाह ने कहा, “उत्तर प्रदेश में भी 20 वर्षों तक सपा-बसपा की सरकारें रही। एक ने सिर्फ़ एक जाति का काम करने का प्रयास किया पर कर नहीं पाये तो दूसरी ने दूसरी जाति का लेकिन उत्तर प्रदेश के विकास के बारे में बुआ-भतीजा में से किसी ने भी नहीं सोचा।” भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी गठबंधन की एक ही पहचान है ‘सेना का अपमान करना’। वहीं, आदित्यनाथ ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में हमारे पास ‘मोदी का नाम और काम’ दोनों है।

रविवार को आगरा कॉलेज मैदान में ‘विजय संकल्प रैली’ निकाल कर लोकसभा चुनाव 2019 के अंतर्गत भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में चुनावी शंखनाद किया गया। रैली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे। शाह ने आगाह किया कि विपक्षी दलों की न तो नीति है और न ही कोई सिद्धांत। उन्होंने आगरा सुरक्षित सीट से भाजपा प्रत्याशी प्रो. एस पी सिंह बघेल और फतेहपुर सीकरी सामान्य सीट से पार्टी प्रत्याशी राजकुमार चाहर को विजयी बनाने की अपील की।

भाजपा अध्यक्ष ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा, ‘‘एक ओर तो राजग खड़ा है तो वहीं दूसरी ओर विपक्ष का गठबंधन, जिसके पास न तो कोई नेता है, न कोई नीति है और न ही कोई सिद्धांत। ये सब प्रधानमंत्री मोदी के डर की वजह से एकजुट हो रहे हैं और इनका मकसद सिर्फ और सिर्फ मोदी को सत्ता से बाहर करना है, लेकिन इनका ये मकसद सफल नहीं होगा क्योंकि देश की जनता ने मन बना लिया है। 2014 में जनता ने मोदी के नाम पर वोट दिया था लेकिन अब 2019 में वह मोदी के नाम के अलावा पांच वर्ष में उनके द्वारा किये गये काम के आधार पर वोट देगी।’’

उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा, ‘‘बसपा प्रमुख चुनाव लड़ना नहीं चाहतीं, लेकिन मोदी को हटाना उनका उद्देश्य है। यही स्थिति अखिलेश यादव, शरद पवार और ममता बनर्जी की भी है।’’ उन्होंने कटाक्ष किया, ‘‘इन लोगों को चुनाव लड़ना नहीं है लेकिन मोदी को जरूर हटाना है। वे भूल रहे हैं कि नामुमकिन अब मुमकिन है। यानि कि मोदी जी हैं जो सबकुछ मुमकिन है।’’ उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘‘जब इनका प्रधानमंत्री उम्मीदवार ही तय नहीं हैं तो क्या ये लोग सोमवार, मंगलवार, बुधवार के हिसाब से एक-एक दिन के पीएम बनेंगे।’’ उन्होंने कहा कि विपक्ष का एकमात्र काम यही है कि मोदी द्वारा देशहित में किये जा रहे कार्यों की आलोचना करना।

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