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Lok Sabha Election 2019: गिरिराज बोले- पता नहीं मेरे साथ साजिश हुई या नहीं, बीजेपी नेता ने कहा- ड्रामा मत कीजिए

Lok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): गिरिराज सिंह नवादा संसदीय सीट से 2014 में चुनाव जीते थे। इस बार यह सीट समझौते के तहत भाजपा की सहयोगी पार्टी को चली गई है।

भाजपा सांसद गिरिराज सिंह। (Express Photo)

Lok Sabha Election 2019: बीजेपी के नेता रजनीश कुमार ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को सलाह दी है कि अब अपना माया समेट कर नाटक बंद कर देना चाहिए और बेगूसराय आकर लड़ने की तैयारी करनी चाहिए। उन्‍होंने ट्वीट के जरिए यह सलाह दी है। यह ट्वीट एक खबर पर प्रतिक्रिया के रूप में किया गया है। खबर में गिरिराज सिंह को नवादा से टिकट नहीं मिलने पर उनके आहत होने की बात कही गई है।

रजनीश कुमार के ट्विटर प्रोफाइल (mlc.rajnishkumar) पर उनका परिचय बीजेपी के राष्‍ट्रीय महासचिव, उप मुख्‍य सचेतक (सत्‍ताधारी दल), बिहार विधान परिषद के रूप में दिया गया है। गिरिराज सिंंह के लिए किए गए ट्वीट पर कुछ लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए रजनीश को भी बेगूसराय लोकसभा सीट से उम्‍मीदवारी का दावेदार बताया। @gopalborna ने लिखा- सर, आप भी बेगूसराय से लड़ना चाहते हैं। आप वरिष्‍ठ नेता गिरिराज सिंह के लिए ऐसे शब्‍दों का इस्‍तेमाल इसलिए कर रहे हैं क्‍योंकि पार्टी ने टिकट देने का आपका आग्रह ठुकरा दिया है। ध्‍यान रखिए, इस तरह की टिप्‍पणी पार्टी में मतभेद दर्शाती है और और नुकसानदेह है। ‏‎

@Jayanthyd1979 ने @mlcrajnishkumar को जवाब दिया कि आप भी आहत दिख रहे हैं। खैर, हम सब का एक ही लक्ष्य है एक बार फिर मोदी सरकार । आपके लिए राजनीतिक जीवन की लंबी पारी सामने है।

बता दें कि गिरिराज सिंह नवादा संसदीय सीट से 2014 में चुनाव जीते थे। इस बार यह सीट समझौते के तहत भाजपा की सहयोगी पार्टी को चली गई है। ऐसे में चर्चा है कि सिंह को बेगूसराय से लड़ाया जाएगा। सिंह का कहना है कि वह पार्टी में कार्यकर्ता के रूप में आए थे और कार्यकर्ता हैं और कार्यकर्ता ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि नवादा और बेगूसराय दोनों जगह की जनता से स्नेह है। नवादा से सांसद था, इस वजह से वहां से चुनाव लड़ने का बयान दिया था।

नवादा से बेगूसराय शिफ्ट होने पर गिरिराज सिंह ने कहा, “पता नहीं, ये मेरे खिलाफ साजिश है या नहीं। इसका जवाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ही देंगे। पिछली बार मैं बेगूसराय से चुनाव लड़ना चाहता था, लेकिन मुझे नवादा से टिकट दिया गया। पिछले 5 साल में मैंने नवादा में काफी काम किया, इस वजह से वहां के लोगों से मेरा लगाव हो गया। केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से मैंने क्षेत्र में काफी काम किया। हालांकि, कुछ काम अधूरे रह गए थे। मैं ज्यादा कुछ इसलिए नहीं कह सकता क्योंकि उन्होंने अंतिम समय तक कहा कि आप जहां से चाहें चुनाव लड़ सकते हैं। मैं जिस चीज की जिम्मेदारी संभालता हूं, उससे भावनात्मक रूप से जुड़ जाता हूं।”

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