ताज़ा खबर
 

पार्टी अध्यक्ष खुल कर नहीं बोल पा रहे थे, मैं खुद ही चुनावी रेस से अलग हो गई: सुमित्रा महाजन

'मुझे आभास हो गया था क्योंकि मैं काफी लंबे समय से इंतजार कर रही थी। शायद मैं जिस पद (लोकसभा स्पीकर) पर थी उस वजह से पार्टी अध्यक्ष मेरे सामने खुलकर अपनी बात नहीं रख पा रहे थे। मैंने इंतजार नहीं किया और फैसला ले लिया।'

सुमित्रा महाजन। (फोटो: इंडियन एक्सप्रेस)

Loksabha Election 2019: तीन दशकों से लोकसभा में इंदौर की नुमाइंदगी करती आ रहीं सुमित्रा महाजन इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ रही हैं। वह चुनाव क्यों नहीं लड़ रही इसका खुलासा उन्होंने खुद कर दिया है। लोकसभा स्पीकर सुमित्रा ने कहा है कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह खुल कर नहीं बोल पा रहे थे इसलिए मैं खुद ही चुनावी रेस से अलग हो गई।

इकनॉमिक टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने यह खुलासा किया। बता दें कि 75 साल से ज्यादा की उम्र के नेताओं को टिकट न देना बीजेपी की चुनावी रणनीति का हिस्सा है।उन्होंने आगे कहा ‘मुझे आभास हो गया था क्योंकि मैं काफी लंबे समय से इंतजार कर रही थी। शायद मैं जिस पद (लोकसभा स्पीकर) पर थी उस वजह से पार्टी अध्यक्ष मेरे सामने खुलकर अपनी बात नहीं रख पा रहे थे। मैंने ज्यादा इंतजार नहीं किया और फैसला ले लिया।’

जब उनसे यह पूछ गया कि मध्य प्रदेश में बीजेपी की क्या स्थिति है तो उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य में अच्छा करेगी। मालवा में बीजेपी हमेशा मजबूत रही है। बीते चुनाव में वसंत कुमार पंडित मुंबई से यहां आकर चुनाव लड़े और जीते भी थे। वहीं अटल बिहारी वाजपयी, सुषमा स्वराज विदिशा से जीतते रहे हैं।

लोकसभा स्पीकर से जब इंदौर सीट पर शंकर ललवानी को टिकट मिलने पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह एक अच्छे उम्मीदवार हैं। वह भी एक कार्यकर्ता रहे हैं और नीचे से उठकर यहां तक पहुंचे हैं। वे इंदौर विकास प्राधिकरण के सदस्य थे और संगठनात्मक कार्यों में समय बिताते थे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X