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2019 Lok Sabha Poll: 3 दिन में किसानों को पहली किस्त देना चाह रही सरकार- रात 9.30 बजे तक गांवों में चौपाल, लेखपाल से अफसर तक कर रहे काम

2019 Lok Sabha Poll: सपा-बसपा और रालोद गठबंधन के बाद भाजपा को सबसे ज्यादा खतरा यूपी में ही है। यहां से लोकसभा की 80 सीटें हैं।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सीएम योगी आदित्यनाथ और वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ मंत्रणा करते हुए। (PTI Photo)

2019 Lok Sabha Poll: लोक सभा चुनाव होने में अब तीन महीने से भी कम समय बचा है। ऐसे में केंद्र और उत्तर प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी भाजपा चाहती है कि सालाना 6000 रुपये वाली ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ की पहली किस्त यानी 2000 रुपये किसानों के खातों में ट्रांसफर कर उसका फायदा आम चुनावों में भुनाया जाय। अंतरिम बजट में इसी महीने केंद्र सरकार ने किसानों को आर्थिक राहत देने के मकसद से इस योजना का एलान किया है और उसे मौजूदा वित्त वर्ष से ही लागू कराने का प्रावधान रखा है। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में इस योजना को लागू करने के लिए अधिकारियों से लेकर गांव स्तर तक कार्यरत कर्मचारियों ने दिन रात एक कर रखा है। ताकि 24 फरवरी तक लाभार्थी किसानों की सूची अपडेट और अपलोड की जा सके। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 फरवरी को इस योजना की शुरुआत कर सकते हैं और यूपी के करीब एक करोड़ किसानों के खाते में दो-दो हजार रुपये ट्रांसफर किए जा सकते हैं।

राज्य सरकार की तरफ से अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी जरूरतमंद किसान छूटने न पाए। इसके लिए लेखपाल से लेकर कर्मचारी और कृषि विभाग के अधिकारी गांव में रात 9.30 बजे तक कैम्प कर रहे हैं और किसानों से फार्म भरवा रहे हैं। प्रधानों के आवास पर पर बने कैम्प में ही आवेदन लिए जा रहे हैं और उसके कागजातों की पड़ताल हो रही है। कागजों की छानबीन के बाद आवेदन जमा किए जा रहे हैं। लाभार्थियों की लिस्ट बनाने का काम बुलेट की रफ्तार से हो रहा है। एनडीटीवी के मुताबिक हापुड़ के गांवों में इस काम के लिए लाउडस्पीकर से किसानों का मनुहार भी कराया जा रहा है और कहा जा रहा है, “किसान सम्मान निधि योजना का फार्म जिन किसानों ने नहीं भरा हो वो प्रधान जी के घर आएं और फार्म पटवारी को दे दें।”

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक यूपी में इस योजना से लाभ पाने वाले किसानों की संख्या दो करोड़ के आसपास है लेकिन सरकार की कोशिश है कि पहले चरण में कम से कम एक करोड़ किसानों को इसका फायदा मिल जाय। हापुड़ के अलावा पश्चिमी यूपी के कई जिलों में यही हाल है। तहसीलदार, पटवारी, लेखपाल सभी गांवों में डेरा डाले हुए हैं। दरअसल, भाजपा केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों के सहारे 2019 का चुनावी बैतरणी पार करने की कोशिशों में जुटी है।

पार्टी को उम्मीद है कि किसान सम्मान निधि के अलावा, उज्ज्वला गैस योजना, दीनदयाल ग्रामीण विद्युतीकरण योजना, पीएम कृषि सिंचाई योजना, पीएम जीवन ज्योति योजना, पीएम आवास योजना, शौचालय योजना, जन-धन योजना, फ्री मेडिक्लेम योजना समेत तमाम योजनाओं के सहारे ग्रामीण व शहरी गरीब और मध्यम वर्ग का वोट हासिल कर सकेगी। इसी को ध्यान में रखकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने आज (गुरुवार, 21 फरवरी) से लाभार्थियों के साथ जनसंपर्क योजना की शुरुआत भी की है। बता दें कि किसानों के गुस्से और ग्रामीण इलाकों में सरकार के खिलाफ नाराजगी की वजह से तीन राज्यों से पार्टी सत्ता गंवा चुकी है। इसलिए 2019 में किसानों को साधने के मकसद से रफ्तार तेज हो चली है। सपा-बसपा और रालोद गठबंधन के बाद भाजपा को सबसे ज्यादा खतरा यूपी में ही है। यहां से लोकसभा की 80 सीटें हैं।

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