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Lok Sabha Elections 2019: मतदान आज, यहां कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर

राजस्थान में 6 मई के चुनाव के लिए भाजपा की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस की तरफ से उसके अध्यक्ष राहुल गांधी के कई सभाएं कर माहौल को अपने पक्ष में करने की कोशिश भी की है।

Author May 6, 2019 4:08 AM
राजस्थान में दूसरे चरण के लिए सोमवार को 12 लोकसभा सीटों पर होने वाले मतदान में भाजपा और कांग्रेस के कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।

राजस्थान में दूसरे चरण के लिए सोमवार को 12 लोकसभा सीटों पर होने वाले मतदान में भाजपा और कांग्रेस के कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। भाजपा ने राष्ट्रवाद और कांग्रेस ने न्याय योजना को अपना प्रमुख मुद्दा बना रखा है। इस चरण में केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ की जयपुर ग्रामीण में तो अर्जुन मेघवाल की बीकानेर में प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। इनके अलावा भाजपा की तरफ से ही दो बाबा सीकर में सुमेधानंद और अलवर में महंत बालकनाथ भी कड़े मुकाबले में फंसे हुए हैं।

राज्य में पहले चरण में 29 अप्रैल को 13 सीटों पर हुए 68 फीसद से ज्यादा रेकॉर्ड मतदान ने दोनों दलों के पसीने छुड़ा रखे हैं। प्रदेश में पिछली बार से चार फीसद मतदान को भाजपा और कांग्रेस अपने-अपने पक्ष में करार दे रहे हैं। दूसरे चरण में भी भारी मतदान की उम्मीद है। प्रदेश में 6 मई के चुनाव के लिए भाजपा की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस की तरफ से उसके अध्यक्ष राहुल गांधी के कई सभाएं कर माहौल को अपने पक्ष में करने की कोशिश भी की है। दूसरे चरण में सबसे रोचक मुकाबला जयपुर ग्रामीण सीट पर दो खिलाडियों में है। केंद्र की भाजपा सरकार में मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ पांच साल के कामकाज के साथ ही मोदी को फिर प्रधानमंत्री बनाने के नाम पर वोट मांग रहे हैं। राठौड़ का मुकाबला कांग्रेस की कृष्णा पूनिया से है। पूनिया भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की एथलीट हैं। प्रचार के अंतिम दिन पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भाजपा प्रत्याशी रामचरण बोहरा के समर्थन में रोड शो किया। कांगे्रस की ज्योति खंडेलवाल ने भी प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी। उनके समर्थन में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कई सभाएं कीं।

भाजपा के लिए सीकर और अलवर सीट भी प्रतिष्ठा की बन गई है। अलवर में भाजपा ने मौजूदा सांसद सुमेधानंद को फिर से मैदान में उतारा है। उनका मुकाबला कांग्रेस के सुभाष महरिया से है। महरिया पूर्व में भाजपा की वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे है। अलवर में भी बाबा बालकनाथ कडे संघर्ष में फंसे हुए हैं। उनका मुकाबला पूर्व केंद्रीय मंत्री कांग्रेस के दिग्गज नेता भंवर जितेंद्र सिंह से है। दौसा सीट दोनों दलों के लिए प्रतिष्ठा की सीट बन गई है। इस पर कांग्रेस की सविता मीणा का भाजपा की पूर्व केंद्रीय मंत्री जसकौर मीणा से सीधा मुकाबला है। धौलपुर-करौली सीट पर भाजपा के मौजूदा सांसद मनोज राजौरिया को कांग्रेस के नए चेहरे संजय जाटव से मुकाबला हो रहा है। बीकानेर में केंद्रीय मंत्री भाजपा प्रत्याशी अर्जुन मेघवाल का मुकाबला कांग्रेस के मदन गोपाल मेघवाल से हो रहा है। दोनों करीबी रिश्तेदार हैं। अर्जुन मेघवाल को भाजपा के भीतर से ही विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है तो कांग्रेस उम्मीदवार को अपने दल के भितरघात से जूझना पड़ रहा है।

नागौर सीट पर भाजपा के गठबंधन की रालोपा के संयोजक हनुमान बेनीवाल और कांग्रेस की पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा के बीच कड़ा मुकाबला है। झुंझनूं में भी भाजपा के नए चेहरे नरेंद्र खींचड़ का मुकाबला कांग्रेस के पूर्व विधायक श्रवण कुमार से हो रहा है। दोनों ही अपनी जाति जाट समाज को अपने पक्ष में लामबंद करने में जुटे हुए हैं। प्रदेश की 12 सीटों के लिए 134 उम्मीदवार मैदान में है। इनके लिए 2 करोड़ 30 लाख से ज्यादा मतदाता वोट डालेंगे। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन लाल सैनी का कहना है कि पूरे राज्य की सभी 25 सीटों पर भाजपा की जीत तय है। भाजपा ने एकजुट होकर प्रचार अभियान चलाया। देश की जनता फिर से नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाना चाहती है। राजस्थान में तो भाजपा के सामने कांग्रेस कोई चुनौती ही पेश नहीं कर पाई। दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट का दावा है कि इस बार बदलाव की लहर की चली। प्रदेश में भाजपा का कोई असर ही नहीं दिखाई दिया। प्रदेश में परंपरा भी रही है कि जिसकी सत्ता होती है तो उसे ही ज्यादा सीटें मिलती है। कांग्रेस के उम्मीदवारों के आगे भाजपा पस्त हो गई है।

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