ताज़ा खबर
 

Lok Sabha Elections 2019: ‘अमित शाह तलवार हैं, हम सूई’, प्रणय रॉय से तेजस्वी ने कहा, जानें- उसके मायने

Lok Sabha Elections 2019: प्रणय रॉय संग बातचीत में आरजेडी नेता और राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित सत्तापक्ष के तमात नेताओं पर खूब निशाना साधा।

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव। (पीटीआई फोटो)

Lok Sabha Elections 2019: बिहार में लोकसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच आरजेडी नेता और राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित सत्तापक्ष के तमात नेताओं पर खूब निशाना साधा। बिहार में एक रैली को संबोधित करने पहुंचे तेजस्वी ने एक न्यूज चैनल से कहा कि अमित शाह तलवार की तरह हैं जो देश को बांटने का काम करते हैं। दरअसल तेजस्वी जब रैली को संबोधित करने पहंचे तब एनडीटीवी के प्रणय रॉय ने उनसे कई मुद्दों पर बात की है। उन्होंने कहा, ‘देश फटा हुआ है…जैसे कपड़े फट जाते हैं तो सिलने के लिए सुई की जरुरत होती है। ठीक वैसे ही हम देश को एक सूत्र में बांधने के लिए सुई का काम कर रहे हैं। अलग-अलग विचारधाराओं की पार्टियां मिलकर देश जोड़ने का काम कर रही हैं।’

तेजस्वी यादव ने भाजपा अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ‘अमित शाह तलवार हैं, जो फाड़ने का काम करते हैं। तलवार जोड़ नहीं सकती। देश में जिस तरह की राजनीति कर भाजपा ने सांप्रदायिकता फैलाकर और भाई को भाई से लड़ाने का काम किया है। यह विकास की जगह विनाश की राजनीति है। इसलिए क्षेत्रिय पार्टियां महागठबंधन बनाकर उनके खिलाफ खड़ी हैं।’ दरअसल प्रणय रॉय ने तेजस्वी से महागठबंधन को लेकर सवाल पूछा था।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पलटू राम बताते हुए कहा, ‘अच्छा हुआ कि वो चले गए। वो जहां जाएंगे वहीं की नाव डुबा देंगे। अब तो मोदी जी और नीतीश जी एक दूसरे को शक की नजर से देख रहे हैं। कुछ दिन पहले नीतीश कुमार ने खुद अपने नेताओं से यह कहलवाना शुरू किया कि वो प्रधानमंत्री पद का चेहरा होंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि वो पहले ही भविष्य में होने वाले हालातों से अवगत हैं। भाजपा बहुमत में नहीं आएंगी, इसिलए वो पहले से ही भूमिक बनाने की तैयारी में जुटे हैं।’

राष्ट्रवाद और बालाकोट के मुद्दे पर भाजपा को बढ़त के मुद्दे पर पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हम मोदी की बात नहीं करेंगे, मुद्दे की बात करेंगे। आज मुद्दा किसानों की आय, रोजगार, गरीबी और शिक्षा के गिरते स्तर का है। संवैधानिक संस्थानों पर भाजपा ने कब्जा जमा रखा है। आज सभी संवैधानिक संस्थाएं भाजपा आईटी सेल के रूप में काम कर रही हैं। ये संस्थाएं पार्टी प्रकोष्ठ के रूप में काम कर रही हैं। इसलिए संविधान और लोकतंत्र को बचाना जरुरी है।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपने साक्षात्कारों में काम की बात नहीं करते। वह रडार की बात करते हैं। मगर मुद्दे की बात नहीं करते। मुद्दों की बात पर भाजपा राष्ट्रवाद की बात करती है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App