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‘चुनावी टूरिज्म’ का जादू, अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के लिए विशेष पैकेज

2019 के लोकसभा चुनाव की बात की जाए तो गुजरात में राजनीतिक दलों की रैलियों में सैलानियों को ले जाया जाएगा जहां सैलानियों को बड़े-बड़ नेताओं के साथ लंच और डीनर करने का मौका मिलेगा।

(Source: Instagram/KeralaTourism, Designed by Gargi Singh)

2019 का लोक सभा चुनाव नजदीक आने वाला है और सभी की नजर इसी पर टिकी हुई है। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से इस चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। इसी बीच चुनाव के साथ-साथ टूरिज्म को भी आकर्षित किया जा रहा है और एक पैकेज तैयार किया जा रहा है। इस पैकेज में खाने-पीने से लेकर रूकने तक का इंतजाम किया गया है। देश के हर राज्य में अलग-अलग पैकेज ऑफर किए जा रहे हैं। इस पैकेज के तहत ना सिर्फ राजनीतिक रैली में शामिल होना होगा बल्कि नेताओं से मिलना भी शामिल होगा।

भारत में लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व लोकसभा चुनाव होता है जिसमें ना सिर्फ देश बल्कि विदेशी सैलानियां भी शामिल होते हैं और इस वजह से चुनावी टूरिज्म ने उनके लिए अलग पैकेज तैयार किया है। गुजरात टूरिज्म ने विदेशी पर्यटकों के लिए अलग इंतजाम कर लिया है। 2012 में विधानसभा चुनाव के दौरान पहली बार चुनावी टूरिज्म का कॉन्सेप्ट रखा गया था और उसका असर अब देखने को मिल रहा है। 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान दुनियाभर से लगभग 5200 सैलानी आए थे। ये पर्यटक आमतौर पर जापान, अमेरिका और यूरोपीय देशों के थे। इस टूरिज्म में ज्यादातर विदेशी होते हैं या फिर विज्ञान की पढ़ाई करने वाले छात्र होते हैं।

2014 के लोकसभा चुनाव में लगभग 1,800 विदेशी पर्यटकों ने गुजरात का दौरा किया था। वे मुख्य रूप से जापान, यूएई, अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों से थे। राज्य के विभिन्न हिस्सों में उन्हें विभिन्न चुनावी कार्यक्रम जैसे बाइक रैली और जनसभाओं को देखने के लिए टूर ऑपरेटरों द्वारा ले जाया गया था। लगभग 20 टूर ऑपरेटर विदेशी पर्यटकों को निर्देशित पर्यटन की पेशकश करने के लिए आगे आए हैं, जो यह जानना चाहते हैं कि यहां चुनाव कैसे होते हैं।

2017 के विधानसभा चुनाव में, कुछ पर्यटकों ने शहर के नारनपुरा इलाके में एक रैली के दौरान एक खुली कार में सवारी की थी। कुछ ग्रामीण सीटों पर अपनी यात्रा के दौरान बैठे हुए विधायकों ने आगंतुकों को समझाया कि गांवों और शहरों में चुनाव प्रचार कितना अलग है।

2019 के लोकसभा चुनाव की बात की जाए तो गुजरात में राजनीतिक दलों की रैलियों में सैलानियों को ले जाया जाएगा जहां सैलानियों को बड़े-बड़ नेताओं के साथ लंच और डिनर करने का मौका मिलेगा। साथ ही सैलानियों को कला संस्कृति और जीवनशैली देखने का मौका भी मिलेगा। रिपोर्ट के अनुसार जब से नरेंद्र मोदी के वाराणसी से चुनाव लड़ने की घोषणा की गई है उसके बाद 1400 से भी ज्यादा इन्कॉव्यरी आ चुकी है। 11 अप्रैल से शुरू होने वाले चुनाव के लिए अब तक लगभग 1200 विदेशी लोग बुकिंग करवा चुके हैं।

 

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