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Lok Sabha Election 2019: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले- ‘किसान’ चुनावी मुद्दा हो सकता है, तो ‘शहीद’ क्यों नहीं?

Lok Sabha Election 2019: पीएम के बयानों को लेकर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग (ईसी) का दरवाजा खटखटाया है। साथ ही आरोप लगाया है कि वह और उनकी पार्टी चुनाव जीतने के लिए बार-बार सुरक्षाबलों का इस्तेमाल प्रचार के दौरान कर रहे हैं।

Lok Sabha Election 2019: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फाइल फोटो)

Lok Sabha Election 2019: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि अगर देश में किसानों का खुदकुशी करना चुनावी मुद्दा हो सकता है, तब फिर राष्ट्रवाद और शहीद क्यों सियासी मसला नहीं हो सकता? सोमवार (15 अप्रैल, 2019) को उन्होंने यह बात उन आरोपों पर कही, जिनमें कहा गया कि बीजेपी चुनाव जीतने के लिए चुनाव प्रचार में सेना-सुरक्षाबलों का इस्तेमाल कर रही है।

सरकारी प्रसारक दूरदर्शन को दिए इंटरव्यू में पीएम ने कहा कि देश तकरीबन 40 सालों से आतंकवाद की समस्या से जूझ रहा है और लोगों को कभी भी उसके पीछे का कारण नहीं बताया गया।

बकौल पीएम मोदी, “अगर हम उन्हें (जनता) इस मसले पर अपने विचार ही नहीं बताएंगे, तब उसमें क्या लॉजिक होगा? क्या कोई देश बगैर राष्ट्रवाद की भावना के आगे बढ़ सकता है? ऐसे देश में जहां उसके सैकड़ों जवान शहीद हो जाते हैं, क्या यह चुनावी मुद्दा नहीं होना चाहिए? अगर किसान मरते हैं, तब वह चुनावी मसला हो जाता है। पर जब सैनिक की जान जाती है, तब वह सियासी मुद्दा नहीं होता? ऐसा कैसे हो सकता है?”

वहीं, कांग्रेस की महात्वाकांक्षी योजना ‘न्याय’ पर टिप्पणी देते हुए पीएम ने कहा कि मुख्य विपक्षी दल ने यह स्वीकार लिया है कि उन्होंने पिछले 60 सालों में देश की जनता के साथ ‘बड़ा अन्याय’ किया। 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के संदर्भ में पीएम ने सवाल उठाया, “क्या वे न्याय दे सकते हैं?”

पीएम ने पिछले हफ्ते पहली बार मतदान करने वालों से अपील की थी कि वे अपने वोट पुलवामा आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ के 40 जवानों और पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक (हवाई हमला) करने वालों को समर्पित करें।

हालांकि, पीएम के इन बयानों को लेकर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग (ईसी) का दरवाजा खटखटाया है। साथ ही आरोप लगाया है कि वह और उनकी पार्टी चुनाव जीतने के लिए बार-बार सुरक्षाबलों का इस्तेमाल प्रचार के दौरान कर रहे हैं।

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