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1952 से ही कानपुर में स्थानीय उम्मीदवारों का दबदबा, 2004 के बाद श्रीप्रकाश जायसवाल और सत्यदेव पचौरी फिर आमने-सामने

Lok Sabha Election 2019: कानपुर लोकसभा सीट पर आजादी के बाद से ही स्थानीय उम्मीदवारों का बोलबाला रहा है। लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में तीन बार के सांसद श्रीप्रकाश जायसवाल को बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने शिकस्त दी थी।

BJP, CONGRESS, LOK SABHA ELECTION 2019तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (फाइल फोटो)

Lok Sabha Election 2019: उत्तर प्रदेश की कानपुर लोकसभा सीट पर आजादी के बाद से ही स्थानीय उम्मीदवारों का बोलबाला रहा है। यहां के मतदाताओ ने अधिकतर स्थानीय उम्मीदवारों पर भी भरोसा जताया है। बता दें कि कानपुर में सबसे पहला लोकसभा चुनाव सन 1952 में हुआ था, तब कांग्रेस के हरिहर नाथ शास्त्री पहली बार यहां से सांसद चुने गए थे। इसके बाद 1952 से लेकर 2009 तक अधिकतर स्थानीय उम्मीदवारों ने ही कानपुर से जीत हासिल की थी। हालांकि 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बीच तीन बार के सांसद व पूर्व केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल को बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने शिकस्त दी थी।

कांग्रेस-बीजेपी ने स्थानीय उम्मीदवार को दिया टिकट: बता दें कि लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस ने कानपुर में स्थानीय उम्मीदवार की जीत का प्रतिशत अधिक देखते हुए फिर से स्थानीय उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है। बीजेपी ने जहां मुरली मनोहर जोशी का टिकट काटते हुए सत्यदेव पचौरी पर दांव लगाया है तो वहीं कांग्रेस ने एक बार फिर से श्रीप्रकाश जायसवाल को अपना प्रत्याशी घोषित किया है।

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कांग्रेस उम्मीदवार श्रीप्रकाश जायसवाल: बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर कांग्रेस ने कानपुर लोकसभा सीट से श्रीप्रकाश जायसवाल को अपना उम्मीदवार बनाया है। जायसवाल 1999 से लेकर 2014 तक लगातार सांसद रहे हैं। लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के कद्दावर नेता डॉ मुरली मनोहर जोशी ने श्रीप्रकाश जायसवाल की हैट्रिक को तोड़ते हुए शानदार जीत दर्ज की थी।

बीजेपी उम्मीदवार सत्यदेव पचौरी: बता दें कि यूपी सरकार में मंत्री सत्यदेव पचौरी वर्तमान में गोविंद नगर विधानसभा से विधायक है। पचौरी ने 1972 में बीएसएसडी कॉलेज से छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव जीता था। इसके अलावा पचौरी 1980 में यूपी बीजेपी की कार्य समिति के सदस्य भी रहे। 1991 में बीजेपी ने पहली बार उन्हें आर्यनगर विधानसभा से टिकट दिया था, तब उन्होंने यहां से जीत दर्ज की थी। गौरतलब है कि पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेई ने सत्यदेव पचौरी को 2004 के लोकसभा चुनाव में कानपुर से उम्मीदवार घोषित किया था। लेकिन तब वो कांग्रेस के श्रीप्रकाश जायसवाल से करीब 5000 मतों से चुनाव हार गए थे।

कानपुर से जीत दर्ज करने वाले स्थानीय उम्मीदवारों की लिस्ट:
:1952 में पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के हरिहर नाथ शास्त्री सांसद बने थे l
:1957 में एसएम बनर्जी निर्दलीय उम्मीदवार थे और वे लगातार 1971 तक सांसद रहे।
:1977 में भारतीय लोक दल के मनोहर लाल सांसद बने थे।
:1980 में कांग्रेस के आरिफ मोहम्मद खान सांसद बने थे।
:1984 में कांग्रेस के नरेश चन्द्र चतुर्वेदी सांसद बने।
:1989 में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इण्डिया की सुभाषनी अली सांसद बनी।
:1991 में बीजेपी के जगतवीर सिंह द्रोण सांसद बने थे। बीजेपी इस सीट से
पहली बार जीत हासिल हुई थी।
:1996 में बीजेपी ने दोबारा इस सीट से जगतवीर सिंह द्रोण ने जीत हासिल की थी।
:1998 में बीजेपी के जगतवीर सिंह द्रोण ने हैट्रिक मारी थी।
:1999 से लेकर 2009 तक श्रीप्रकाश जायसवाल कानपुर से सांसद रहे।

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