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Lok Sabha Election 2019: बिहार में NDA के बीच सीटों का बंटवारा, जानिए किस दल के खाते में गई कौन सी सीट

Lok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): बिहार में एनडीए गठबंधन ने सीट शेयरिंग का ऐलान कर दिया है। गठबंधन में फिलहाल तीन पार्टियां भाजपा, जदयू और लोजपा शामिल है।

लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार में एनडीए गठबंधन ने सीट बंटवारे का ऐलान कर दिया। (PTI)

Lok Sabha Election 2019: आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार में एनडीए गठबंधन ने सीट शेयरिंग का ऐलान कर दिया है। गठबंधन में फिलहाल तीन पार्टियां भाजपा, जदयू और लोजपा शामिल है। रविवार (17 मार्च) को पटना में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “राज्य की 40 सीटों में से भाजपा 17 सीट, जदयू 17 सीट और लोजपा 6 सीट पर चुनाव लड़ेगी।” उन्होंने कहा, “जदयू वाल्मिकी नगर, सीतामढ़ी, झंझारपुर, सिवान, भागलपुर, किशनगंज, सुपौल, कटिहार, मुंगेर, जहानाबाद, नालंदा, कटिहार, गोपालगंज, मधेपुरा, बांका, गया और काराकट लोकसभा क्षेत्र से अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतारेगी।” सिंह ने कहा कि जल्द ही प्रत्याशियों के नाम की भी घोषणा की जाएगी।

भाजपा पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, मधुबनी, अररिया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, महराजगंज, सारण, उजियारपुर, औरंगाबाद, सासाराम, बक्सर, आरा, बेगूसराय, पटना साहिब और पाटलीपुत्र क्षेत्र से चुनाव लड़ेगी। वहीं, लोजपा को छह सीटें दी गई है। लोजपा वैशाली, हाजीपुर, समस्तीपुर, खगड़िया, जमुई और नवादा सीट पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।

बता दें कि बिहार में लोकसभा की कुल 40 सीटें है। पिछले आम चुनाव में एनडीए गठबंधन में जदयू शामिल नहीं थी। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी गठबंधन का हिस्सा थी। उस चुनाव में लोजपा को 7 सीटें, रालोसपा को 3 और शेष 30 सीटों पर भाजपा ने अपने उम्मीदवारों को उतारा था। चुनाव में लोजपा के छह उम्मीदवार, रालोसपा के 3 और भाजपा के 22 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। लेकिन इस बार राजनीतिक परिदृश्य बदल गया। रालोसपा एनडीए गठबंधन से बाहर हो गई और जदयू गठबंधन का हिस्सा बनी।

बिहार एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर थोड़ी खिंचातानी भी हुई और आखिरकार यह फैसला लिया गया कि भाजपा तथा जदयू बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेगी। लोजपा को पिछली बार की तुलना में एक सीट कम दी गई। हालांकि, सियासी गलियारों में चर्चा है कि लोजपा को एक सीट कम देने के बदले रामविलास पासवान को राज्यसभा भेजा जाएगा। वहीं, भाजपा पिछली बार की तुलना में लगभग आधी सीटों पर चुनाव लड़ रही है। भाजपा को अपने जीते हुए पांच क्षेत्र भी गठबंधन बनाए रखने के लिए सहयोगी पार्टी को देना पड़ा।

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