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Lok Sabha Election 2019: कम दाम मिलने से नाराज हैं प्याज किसान, लेकिन बालाकोट एयर-स्ट्राइक पर PM मोदी को समर्थन

Lok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): महाराष्ट्र के लासलगांव के किसान प्याज के कम दाम मिलने से नाराज है। देश की प्याज की सबसे बड़ी मंडी में आने वाले किसानों का कहना है खेती की लागत तो बढ़ रही है लेकिन उपज के दाम नहीं मिलने से नुकसान उठाना पड़ रहा है।

लासलगांव मंडी में रोजाना 20 हजार से 35 हजार टन प्याज की खरीद-ब्रिकी होती है। (एक्सप्रेस फोटोः कृष्ण कौशिक)

Lok Sabha Election 2019: देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी में सुबह 9 बजे से ही प्याज के ट्रकों का आना शुरू हो गया है। इस मंडी में रोजाना 20 हजार से 35 हजार टन प्याज की खरीद-ब्रिकी होती है। चुनाव के मौसम में प्याज किसानों की अपनी ही समस्याएं हैं।

मंडी में धनोरी गांव से आए 32 वर्षीय किसानी निवृत्ति भास्कर तिडके का कहना है खेती में खाद और अन्य चीजों की लागत बढ़ रही है लेकिन हमारी उपज की कीमत नहीं बढ़ रही है। इससे हमें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। तिड़के का कहना है कि खाने के लाले पड़ गए हैं, पीने को पानी नहीं है। तिडके की तरह ही अन्य किसान भी प्याज की कीमतों को लेकर नाखुश हैं।

किसानों को प्याज का 425 रुपये से लेकर 870 रुपये प्रति क्विंटल का दाम मिल रहा है लेकिन किसानों का कहना है कि थोड़ा लाभ के लिए उन्हें कम से कम 1000 रुपये प्रति क्विंटल का दाम मिलना चाहिए। मंडी में आए किसानों का कहना था कि साल 2014 में उन्होंने मोदी को वोट दिया था लेकिन इस बार वह सोचने को मजबूर हैं।

किसानों को उम्मीद थी मोदी उनके लिए कुछ करेंगे लेकिन इस बार वह पवार (शरद) के बारे में विचार कर रहे हैं। अहमदनगर के किसान का कहना है कि पवार किसानों की समस्याओं को जानते हैं। मोदी ने सिर्फ व्यापारियों और शहर में रहने वाले लोगों के लिए काम किया है। इन सब के बावजूद पाकिस्तान के बालाकोट में हवाई हमले की बात पर किसान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करते हैं।

31 साल के किसान बाबासाहेब शिवाजी फुंबरे ने कहा, ‘उत्तर अच्छा देते हैं पाकिस्तान को।’ वहीं अन्य किसान विक्रम कनाडे ने कहा कि वह सेना थी जिसने यह ऑपरेशन की अंजाम दिया। इस पर शाकिर गुलाब शेख ने सहमति जताते हुए कहा अन्य पार्टी के नेताओं की तुलना में मोदी ने तेजी से एक्शन लिया है।

लासल गांव डिंडोरी संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इस संसदीय क्षेत्र के लिए 29 अप्रैल को मतदान होगा। खड़क मालेगांव के 50 वर्षीय किसान केके शिंदे का कहना है कि सरकार कि तरफ से किसानों के लिए किसी योजना की घोषणा नहीं की गई है।

 

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