ताज़ा खबर
 

Lok Sabha Election 2019: यूपी में नदियों के रास्ते चुनाव प्रचार के लिए निकलेंगी प्रियंका! पिछड़ों को साधने के लिए बनाया यह प्लान

Lok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): लोकसभा चुनाव 2019 में सियासी रूप से महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अपने बूते दम दिखाने का भरसक प्रयास कर रही है। कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा पार्टी के चुनावी अभियान के तहत अपनी पहली यात्रा के लिए नदियों का रास्ता चुना है।

Author Updated: March 15, 2019 11:12 AM
प्रियंका नदियों के किनारे रहने वाले समुदायों को साधने की तैयारी में हैं। फोटोः पीटीआई

Lok Sabha Election 2019: कांग्रेस की महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा राज्य में अपने चुनावी अभियान की शुरुआत नदियों के रास्ते करेंगी। प्रियंका यूपी में नदियों के रास्ते प्रयागराज से वाराणसी की प्रचार यात्रा के दौरान यहां रहने वाले पिछड़े समुदाय के सदस्यों से मुलाकात करेंगी। माना जा रहा था कि प्रियंका शुक्रवार को लखनऊ में होंगी लेकिन बाद में यह योजना स्थगित कर दी गई। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष राज बब्बर ने कहा, ‘यात्रा संबंधी कुछ दिक्कतों के कारण इस यात्रा को स्थगित कर दिया गया है।’ उन्होंने कहा कि प्रियंका की योजना को अगले एक या दो दिन में अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
राज बब्बर ने इससे पहले कहा था कि प्रियंका की यात्रा से जुड़ी कुछ अनुमतियां अभी पेंडिंग है और तारीखों में कुछ बदलाव हो सकता है। माना जा रहा है कि प्रियंका लखनऊ में पार्टी के कार्यक्रम और तारीखों को अंतिम रूप देंगी। इससे पहले लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज बब्बर ने कहा, ‘गरीब जो गांव नदियों के किनारे रहते हैं.. उनकी क्या वेदना है ना यूपी की सरकार समझ पाई ना देश की सरकार समझ पाई। उनकी पीड़ाओं से रूबरू एक दूसरे के साथ बात करने के लिए प्रियंका जी इस जल मार्ग से जाने का प्रयास कर रही हैं, ताकि उन गांवों में सीधें पहुंचें और संवाद करें।’ इस क्षेत्र में निषाद, केवट, मल्लाह, मांझी, बिंद और मछुआ समुदा अच्छी संख्या में हैं। ये लोग अन्य पिछड़ा वर्ग में हैं और खुद को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग कर रहे हैं।

पार्टी के सूत्रों ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश की अपनी पहली यात्रा के दौरान प्रियंका गांधी प्रयागराज से वाराणसी के बीच नदी से सटे गांवों में रुकेंगी और गांव वालों से बातचीत करेंगी। प्रयागराज के साथ ही वाराणसी में मल्लाह समुदाय की मजबूत मौजूदगी है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र भी है। सपा और बसपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा, ‘वो कहते हैं साथ में हैं… जो साथ में होता है तो साथ में बैठ के चर्चा परिचर्चा करते हैं।’ कांग्रेस की तरफ से अभी भी हाथ मिलाने का संकेत देते हुए बब्बर ने कहा कि सपा-बसपा गठबंधन भले ही यह सोचे कि वह मजबूत हैं लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि असली ताकत जनता देती है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 Lok Sabha Election 2019: भाजपा में टिकट को लेकर खींचतान शुरू
2 Lok Sabha Election 2019: अपने गढ़ से लड़ने का मौका कम
3 Lok Sabha Election 2019: कांग्रेस को भाजपा से ज्यादा अपनी गुटबाजी से खतरा